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Written By: Editorial Team | Published : January 19, 2017 4:22 PM IST
टिटिभासन एक ऐसा योगासन है जिसका अभ्यास वही कर सकते हैं जिनके शरीर का मुख्य भाग या कोर मज़बूत हो। वैसे इसे बाहों की मदद से किया जानेवाला एक योगासन माना जाता है, लेकिन अगर आप इस योगासन में पारंगत होना चाहते हैं तो आपका शरीर इतना मज़बूत होना चाहिए कि आप उसकी मदद से अपने शरीर को ऊपर उठा सकें। इस तरह बाहों की मदद से आपके शरीर का संतुलन बनाया जा सकेगा।
योग एक्सपर्ट, महुआ देब बता रही हैं इस योगासन के अभ्यास का सही तरीका और इसके फायदे।
टिटिभासन के अभ्यास का सही तरीका
• आरामदायक स्थिति में खड़े हो जाएं।
• स्क्वैट करते हुए अपनी हथेलियों को पांवों के नीचे ले जाएं और धड़ को घुटनों के बीच रखें।
• शरीर के निचले हिस्से को ऊपर ले जाते हुए आगे की तरफ झुकें, घुटनों के ऊपर के हिस्से कंधों से जितना हो सके उतना ऊपर की तरफ ले जाने की कोशिश करें।
• अब अपने सिर और धड़ को धीरे-से ऊपर की तरफ ले जाते हुए शरीर के निचले हिस्से को नीचे ले जाएं और पांव ज़मीन पर रखें।
• अपने शरीर को ज़मीन से ऊपर उठाने की कोशिश करें और पैरों को सीधा रखने की कोशिश करें। हालांकि पैरों को सीधा रखना सबसे महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि सबसे महत्वपूर्ण बात है अपने शरीर को अपनी बाहों की मदद से ज़मीन से ऊपर उठाना और संतुलन बनाए रखना।
• शरीर का भाग उठाने के लिए अपने पेट के मसल्स की मदद भी लें और सीने को अंदर की तरफ भींचें।
• धीरे-धीरे शरीर को पहले वाली स्थिति में ले जाएं और स्क्वैट पोजिशन में आएं।
टिटिभासन के अभ्यास के फायदे
• भीतरी कमर, पीठ और धड़ की स्ट्रेचिंग होती है।
• कंधे, हाथ और कलाई को मजबूत बनाने के साथ उनकी टोनिंग में मदद करता है।
• पेट की चर्बी कम करता है और पेट के मसल्स को टोनअप करता है।
• शरीर का संतुलन बनाने में मदद करता है और कोर को मज़बूत बनाता है।
नोट- अगर आपकी पीठ, कंधे या कलाई में चोट लगी हो तो आपको इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
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अनुवादक-Sadhna Tiwari
चित्रस्रोत-Mahua Deb