सांस लेने के इन 3 तरीकों से दूर होगा बच्चों का एक्ज़ाम स्ट्रेस

सांस लेने की इन तकनीकों को अपने बच्चों को सिखायें और उनकी मेमोरी पॉवर बढ़ाएं।

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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 12:16 PM IST

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अनुवादक: Anoop Singh

वर्तमान समय में बच्चों पर भी स्कूल,परिवार और सामाजिक दवाब इतना ज्यादा होता है कि उन्हें भी योग करने की उतनी ही ज़रूरत है जितनी बड़े लोगों को। हम यहाँ ऐसी ही कुछ सांस लेने की तकनीकों के बारे में बता रहे हैं जिससे बच्चों का एनर्जी लेवल नियंत्रित रहता है साथ ही उन्हें काफी आराम भी मिलता है। यह उनके दिमाग को शांत रखने में मदद करती है साथ ही उनके एग्जाम की टेंशन में भी राहत पहुंचाती है जिससे उनके फोकस करने की और मेमोरी पॉवर दोनों में बढ़ोतरी होती है। आर्ट ऑफ़ लिविंग की सीनियर योग टीचर पूजा जगतिअनी यहाँ बता रहीं है की कैसे इन ब्रीदिंग तकनीक को किया जाये।

हिसिंग ब्रेथ (Hissing breath) : नाक से गहरी सांस लें और उसे मुंह से थोड़ी फुसफुसाते हुए आवाज के साथ बाहर निकालें। सांस छोड़ने का समय, सांस लेने वाले समय से ज्यादा होना चाहिये। लम्बी सांस लेने से आपका दिमाग शांत हो जाता है। यह घबराहट और टेंशन को दूर भगाने का सबसे आसान तरीका है।

बीयर ब्रेथ (Bear breath) : नाक से गहरी सांस लें फिर रुक जाएँ और 1-2 काउंट करें फिर सांस छोड़ दें और फिर रूककर 1-2 काउंट करें। साँसों की संख्या को गिनने के लिये उँगलियों का इस्तेमाल करें। इसे 4 से 5 बार दोहरायें। यह आपके बच्चे के दिमाग को शांत रखने में मदद करेगा।

बी ब्रेथ(Bee’s breath) : घुटनों पर बैठ जायें और अपने स्पाइन से लम्बी सांस लें। जब आप सांस छोड़ें तो अपने सिर को नीचे की ओर झुका लें और मधुमक्खी जैसी आवाज निकालें। 2-3 सेकंड्स के लिए रुके फिर वापस पुरानी अवस्था में आ जायें। इसे 3 से 4 बार दोहराएं। सांस लेने की यह तकनीक आपके दिमाग को एक पल के लिये रोक देती है और स्पाइन, पीठ और गर्दन से सारे तनाव को दूर कर देती है।

तो आगे से अपने बच्चों को एग्जाम के पहले इन योग तकनीकों को अपनाने की सलाह दें, यह उनके लिये बहुत फायदेमंद साबित होगा।

चित्र स्रोत : Shutterstock


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