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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 12:16 PM IST
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अनुवादक – Usman Khan
अधिकतर लोग फैट से बचने के लिए स्किम्ड मिल्क, टोंड मिल्क या डबल टोंड मिल्क का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन आपको जानकार हैरानी होगी कि टोंड दूध से आपको कम पोषण मिलता है और इसमें शुगर की मात्रा भी होती है। मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट डॉक्टर स्वप्निल बनर्जी आपको बता रहे हैं कि कम वसा वाले डेयरी उत्पादों का इस्तेमाल करना आपके लिए एक अच्छा विचार क्यों नहीं है। पढ़ें: वज़न घटाने के लिए बेस्ट है बादाम दूध
1) सभी दूध में फैट की मात्रा अधिक नहीं होती
कई लोग उच्च वसा होने की वजह से इस तरह के दूध का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन आपको बता दें कि गाय के फुल फैट मिल्क में वसा की मात्रा केवल 3.7 फ़ीसदी ही होती है। साधारण दूध तब ही हाई फैट की श्रेणी में आता है, जब ये मात्रा 20 फ़ीसदी से ज्यादा होती है। इसलिए साधारण दूध छोड़कर स्किम्ड मिल्क चुनने का आपका विकल्प अच्छा नहीं है।
2) स्किम्ड मिल्क में होते हैं कम पोषण
टोंड दूध में विटामिन ए, डी ई और के होते हैं। इसका मतलब ये हुआ कि इसे शरीर द्वारा अवशोषित करने के लिए वसा की आवश्यकता होती है। दूसरी ओर वसा युक्त दूध से बनी एक कप चाय पीने से आपकी रोजाना की विटामिन की 5 फ़ीसदी ज़रुरत पूरी होती है। इससे आपको दैनिक आवश्यकता का 20 प्रतिशत राइबोफ्लेविन भी मिलता है।
3) स्किम्ड मिल्क परिष्कृत किया जाता है
इसे उच्च स्तर पर परिष्कृत किया जाता है। ये आपकी लालस को ख़त्म नहीं कर पाता और इस पीकर आप संतुष्ट नहीं हो पाते हैं। जबकि साधारण दूध सभी नौ अमीनो एसिड से युक्त प्रोटीन का बहुत अच्छा स्रोत है। दूध से संतृप्त वसा हटाने से उसमें ब्लड शुगर बढ़ाने वाले गुण पैदा हो जाते हैं। केवल कम वसा वाले खाद्य पदार्थ खाने से आपकी शुगर की लालसा बढ़ सकती है।
4) स्किम्ड मिल्क में शुगर मिलाई जाती है
अगर आप ऐसा सोचते हैं कि स्किम्ड मिल्क में शुगर नहीं मिलाई जाती तो, आप गलत हैं। वसा निकालने के बाद उसकी भरपाई करने के लिए इसमें कई मीठे तत्व मिलाए जाते हैं।
चित्र स्रोत - Shutterstock