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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 2:35 PM IST
साइड लेग रेजेस को बेली फैट बर्न करने का एक बेहतरीन तरीका माना जाता है जो आपके शरीर के निचले हिस्से को भी टोनअप करता है। मेरे ट्रेनर द्वारा बताए गए तरीके से खड़े रहकर भी इसकी प्रैक्टिस की जा सकती है साथ ही लेटकर भी इसका अभ्यास कर सकते हैं। हालांकि अब सवाल उठता है कि कौन-सी स्थिति से बेहतर फायदा होता है? आखिरकार, अगर आप किसी चीज़ के लिए मेहनत कर रहे हैं तो आप ज़रूर चाहेंगे कि उसे बेहतर तरीके से करें ताकि आपके समय, मेहनत का सही उपयोग हो और आपको बेहतर परिणाम नज़र आएं। हमने फिटनेस एक्सपर्ट प्रोसेनजीत बिश्वास (फिटनेस मैनेज़र, स्कल्प, कोलकाता) से बात की जिन्होंने बताया इस एक्सरसाइज़ के बारे में।
लेग स्ट्रेचेस, रेज़ या एक्स्टेंशन्स जैसी एक्सरसाइज़ लेटे हुए करने की बजाय खड़े होकर करने से अधिक फायदा मिलता है। लेटने की स्थिति में आप अपनी पीठ के बल पर होते हैं और आपके पैर ज़मीन से 90 डिग्री के कोण बनाते हुए उठाए जा सकते हैं। चूंकि आपकी पीठ को इस स्थिति में सहारा मिल रहा है इसलिए आपके शरीर के कोर में अधिक गतिविधियां नहीं होती। जबकि दूसरी तरफ जब कोर में भी गतिविधियां होती हैं, रेक्टर स्पाइन मुड़ती है और कमर पर प्रभाव पड़ता है।
खड़े होकर यह एक्सरसाइज़ करने से, कई मसल्स में गतिविधियां होती हैं। जैसे- ग्लूट्स (glutes) पूरी तरह फैल जाते हैं, आइसमेट्रिक क्वाड्रिसेप्स (isometric quadriceps) में संकुचन होता है, टखनों के जोड़ स्टैबलाइज़ या संतुलित होते हैं साथ ही हिप्स पर बल पड़ता है। साथ ही कोर मसल्स भी सक्रिय हो जाते हैं। इसीलिए, खड़े होकर लेग रेज़ करने से आपकी बॉडी की बेहतर टोनिंग होती है और अधिक फैट बर्न होता है।
खड़े होकर स्ट्रेच या रेज़ करते हुए, आपके घुटनों को लॉक रखना होगा ताकि स्ट्रेच हैमस्ट्रिंग से शुरु हो। अगर आपको पीठ में कोई चोट लगी हो तो, आपको खड़े होकर आगे की तरफ न झुकने या स्ट्रेच न करने की सलाह दी जाती है।
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अनुवादक -Sadhna Tiwari
चित्र स्रोत- Shutterstock