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आपके शरीर को इस तरह नुकसान पहुंचाता है एनाबोलिक स्टेरॉयड

क्या आप जानते हैं कि स्टेरॉयड के सेवन से आप गंजे भी हो सकते हैं?

कुछ महीने पहले हम सबने एक जाने माने एक्टर के फिटनेस से जुड़ा एक वीडियो देखा। उस विडियो में हम पहले मोटे और थुलथुल शरीर वाले एक्टर को देखते हैं, जिसने फिल्म में एक रोल के लिए पहले अपना वजन 28 किलो बढ़ाया और फिर छः महीने में वजन घटाकर फिर से फिट हो गया। यह एक अविश्वसनीय उपलब्धि थी और कई लड़के उस वीडियो से अभी भी प्रेरणा लेते हैं।

उस वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए रणवीर इलाहाबादी नाम के एक यूट्यूब यूजर ने बीयर बाइसेप्स नाम से एक वीडियो शेयर किया है। इसमें उसने इस बात का दावा किया है कि एनाबोलिक स्टेरॉयड (nabolic steroids) लिए बिना इतने कम समय में इतना बड़ा परिवर्तन संभव ही नहीं है। हालांकि उसने उस एक्टर के कड़ी मेहनत और अनुशासन की काफी तारीफ भी की है। लेकिन उसने यह भी कहा कि ये एक्टर्स युवाओं को अपनी इस बात से गुमराह करते हैं कि कम समय में ऐसा शारीरिक कायापलट संभव है। एथलीट और एक्टर प्रायः अपना नियमित व्यायाम स्टेरॉयड  लेकर ही करते हैं। टाइट मसल्स और सेक्सी बॉडी पाने के लालच में ये अपनी परफार्मेंस को बढ़ाने के लिए स्टेरॉयड से होने वाले साइड इफेक्ट को भी इग्नोर करते हैं। हम यहां आपको एनोबोलिक स्टेरॉयड से होने वाले कुछ साइड इफ़ेक्ट के बारे में बता रहे हैं।

हृदय के आकार में परिवर्तन:  शायद आपको यह जानकर आश्चर्य हो कि स्टेरॉयड के कारण आपके हार्ट के शेप में भी बदलाव हो सकता है। हाल ही में हुए अध्ययन से यह साबित हुआ है कि लंबे समय तक एनाबोलिक स्टेरॉयड के इस्तेमाल से व्यक्ति के हृदय की संरचना में परिवर्तन हो सकता है। अध्ययन के अनुसार इसके सेवन से हार्ट का साइज़ बढ़ सकता है जिससे हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है।

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लीवर रोग और कैंसर: लीवर हमारे शरीर में स्टेरॉयड को विघटित करने का काम करते हैं। एनाबोलिक स्टेरॉयड के लगातार सेवन से लीवर पर दबाव बढ़ जाता है जिस कारण उसकी कार्यक्षमता बुरी तरह प्रभावित हो जाती है। स्टेरॉयड के कारण लीवर कैंसर होने की संभावना भी बढ़ जाती है। हालांकि इंजेक्टेबल स्टेरॉयड से ऐसा कोई खतरा नहीं होता है।

हाई ब्लड प्रेशर : एक शोध के अनुसार एनाबोलिक स्टेरॉयड के इस्तेमाल से एथलीट में हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन का खतरा हो सकता है। इसके कारण किडनी पर बुरा असर पड़ता है और बॉडी में सोडियम और वाटर रिटेंशन की समस्या हो जाती है। इसके कारण शरीर की नसों पर दबाव बढ़ जाता है जिससे ब्लड प्रेशर की समस्या उत्पन्न हो जाती है।

अंडकोष (testicles) का सिकुड़ना: टेस्टिकल्स शरीर में टेस्टोस्टेरोन बनाने का काम करते हैं। जब हमारा मस्तिष्क यह अनुभव करता है कि शरीर में इसकी पूर्ति बाहर से की जा रही है (क्योंकि स्टेरॉयड एक प्रकार का टेस्टोस्टेरोन है) तो यह टेस्टिकल्स को शरीर में इसका उत्पादन रोकने का संकेत देता है। परिणामस्वरूप आपके अंडकोष सिकुड़ने लगते हैं।

ऑयली स्किन और मुंहासे: स्टेरॉयड के साइड इफ़ेक्ट के कारण स्किन ऑयली हो जाती है और चेहरे पर तेजी से मुंहासे निकलने लगते है। यह मुंहासे का एक गंभीर रूप है जिसके कारण चेहरे की त्वचा पर गहरे दाग और गड्ढे पड़ने लगते हैं। यदि आप काफी समय से स्टेरॉयड का सेवन कर रहे हैं तो शरीर में अधिक मात्रा में टेस्टोस्टीरॉन बनने लगता है जिसके कारण सीबेसियस ग्रंथि (sebaceous glands) शरीर में अत्यधिक माश्रा में सीबम (sebum) बनाने लगती हैं।

बालों का गिरना: फिटनेस की दुनिया में स्टेरॉयड का सबसे ख़राब साइड इफ़ेक्ट है इसके कारण बालों का गिरना। शायद इसी वजह से इस फिटनेस इंडस्ट्री के कई लोग गंजेपन के शिकार हैं। अत्यधिक डिहाइड्रोटेस्टोस्टीरॉन (Dihydrotestosterone) के कारण जो कि एक मेल हार्मोन है बालों की जड़ें नष्ट हो जाती हैं।

कोलेस्ट्राल और ब्लड लिपिड: स्टेरॉयड के कारण ब्लड की लिपिड संरचना में काफी बदलाव होने लगता है। इसके अलावा स्टेरॉयड शरीर में अच्छे कोलेस्ट्राल (HDL) को बनने से रोकता है जिसके कारण शरीर में ख़राब कोलेस्ट्रॉल जमा हो जाता है।

पुरुषों में ब्रेस्ट का बढ़ना: सबसे ज्यादा शर्मनाक यह है कि एनाबोलिक स्टेरॉयड के इस्तेमाल से पुरुषों के ब्रेस्ट बढ़ने लगते हैं। एनाबोलिक स्टेरॉयड के कारण शरीर का हार्मोनल बैलेंस पूरी तरह बिगड़ जाता है जिसके कारण ब्रेस्ट का आकार बढ़ने लगता है।

स्टेरॉयड के कुछ साइड इफ़ेक्ट तो ऐसे हैं जिन्हें ठीक किया जा सकता है लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जिससे आपकी जान तक जा सकती है। इसलिए ज़रूरी है कि आप इन दवाइयों के सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

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अनुवादक: Anoop Singh

चित्र स्रोत: Shutterstock

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