कब्ज़, पेट दर्द, बेचैनी-घबराहट में राहत पहुंचाए गर्भासन

सिर्फ एक योगासन और ढेर सारी समस्याओं में मिल जाए आराम।

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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 12:14 PM IST

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अनुवादक – Shabnam Khan

ये आसन उस स्थिति का प्रतिबिंब लगता है जब भ्रूण अपनी आख़िरी अवस्था में गर्भाशय के अंदर होता है। ये आसन आपके कूल्हों को खोलता है और आपके मेरूदंड को मज़बूती प्रदान करता है। तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याओं से निपटने में भी ये आसन आपकी काफी मदद कर सकता है। घबराहट और बेचैनी से परेशान मस्तिष्क को शांत करने का काम भी ये योगासन करता है। साथ ही, अगर आपको कब्ज़ और पेट में तेज़ दर्द की समस्या होती रहती है तो भी आपके लिए ये आसन बहुत ज़रूरी है।गर्भासन करने के लिए आप नीचे बताए स्टेप्स को अपनाएं।

कैसे करें गर्भासन

  • पदमासन में बैठ जाएं।
  • अब अपने दोनों पैरों की जांघों और पिंडलियों के बीच से हाथ अंदर डालें। आपकी कोहनियां पैरों का सहारा लेने के लिए पिंडलियों पर झुकनी चाहिए।
  • सांस बाहर छोड़ें और अपने हाथों से अपने पैरों को ऊपर उठाएं।
  • अब अपने हाथों से अपने कानों को पकड़ें। अपने आपको इस स्थिति पर संतुलित करें, ऐसा करते हुए आपका सारा वज़न आपके कूल्हों पर केंद्रित होना चाहिए।
  • धीरे-धीरे सांस लें और जितनी देर तक संभव हो इस स्थिति में बने रहें।
  • अब धीरे-धीरे अपने पैरों को नीचे लाएं और शुरुआती अवस्था में आ जाएं।

टिप्स

  • अगरआपके लिए पदमासन लगाना मुश्किल है तो आप सुखासन में भी बैठ सकते हैं। पदमासन के मुकाबले इस आसन को लगाना आसान होता है।
  • जब ये आसन करें तो ऊर्जा के साथ करें और अपना संतुलन न बिगड़ने दें।

सावधानी

  • अगर आपको घुटने में दर्द है या किसी प्रकार की चोट लगी है तो ये आसन न करें।
  • हाई ब्लड प्रेशर होने पर भी ये आसन नहीं करना चाहिए।

चित्र स्रोत - Shutterstock


 

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