... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 12:14 PM IST
Read this in English
अनुवादक – Shabnam Khan
ये आसन उस स्थिति का प्रतिबिंब लगता है जब भ्रूण अपनी आख़िरी अवस्था में गर्भाशय के अंदर होता है। ये आसन आपके कूल्हों को खोलता है और आपके मेरूदंड को मज़बूती प्रदान करता है। तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याओं से निपटने में भी ये आसन आपकी काफी मदद कर सकता है। घबराहट और बेचैनी से परेशान मस्तिष्क को शांत करने का काम भी ये योगासन करता है। साथ ही, अगर आपको कब्ज़ और पेट में तेज़ दर्द की समस्या होती रहती है तो भी आपके लिए ये आसन बहुत ज़रूरी है।गर्भासन करने के लिए आप नीचे बताए स्टेप्स को अपनाएं।
कैसे करें गर्भासन
टिप्स
सावधानी
चित्र स्रोत - Shutterstock