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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 2:35 PM IST
आलू का नाम सुनते ही सबके दिमाग में सबसे पहले यह बात आती है कि इसे खाने से वजन बढ़ने लगता है जबकि वास्तव में देखा जाये तो आलू सीधे तौर पर वजन बढाने के लिए ज़िम्मेदार नहीं हैं बल्कि आप उसे किस तरह से खाते हैं यह उस पर निर्भर करता है। जर्नल ऑफ़ अमेरिकन कॉलेज ऑफ़ न्यूट्रीशन में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, जिन लोगों ने आलू से बनी हेल्दी डिशेज का हफ्ते में कम से कम पांच बार सेवन किया उनके वजन में कमी पायी गयी। आप भी यह सुनकर चौंक गये होंगें कि आखिर कैसे आलू खाने से वजन कम हो सकता है। आइये जानते हैं इस बारे में-
ज्यादा खाने से बचाव: आलू एक ऐसे सब्जी है जो काफी देर तक आपके पेट को भरा हुआ रखती है। इसमें फाइबर और स्टार्च की मात्रा इतनी ज्यादा होती है कि इसके सेवन के काफी देर बाद तक आपको भूख ही नहीं लगती है। जिस कारण आप ज्यादा खाने से बच जाते हैं और इससे वजन कम करने में मदद मिलती है। जानी मानी न्यूट्रीशनिस्ट उर्वशी साव्हने बताती हैं कि एक मध्यम साइज़ के आलू में लगभग 4.3 ग्राम प्रोटीन भी होता है जो कई अन्य सब्जियों से मिलने वाले प्रोटीन से कहीं ज्यादा है।
कम कैलोरी: हेल्दीफाईमी के अनुसार एक मध्यम साइज़ के आलू में मात्रा 150 कैलोरी होती है। इसके अलावा कैलोरी की मात्रा इस बात पर भी निर्भर करती है कि आप आलू को किस रूप में खाते हैं। अगर आप आलू को फ्राई करने की बजाय उसे उबालकर या बेक करके खाते हैं तो मिलने वाले कैलोरी की मात्रा कम हो जाती है और इस तरह इससे बनी डिशेज आपके वजन को कम करने में मदद करती है।
वर्कआउट के लिए ईधन: आलू में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बहुत अधिक होती है इसलिए अगर आप वर्कआउट से पहले इनका सेवन करते हैं तो यह शरीर के लिए ईधन की तरह काम करता है। जर्नल स्पोर्ट्स मैगजीन में प्रकाशित एक शोध के अनुसार शरीर के कार्बोहाइड्रेट की उपस्थिति हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग और मैराथन ट्रेनिंग के दौरान आपकी परफॉरमेंस को बढ़ा देती है, और जितनी क्षमता के साथ आप इन एक्सरसाइज को करेंगे आप उतनी ही ज्यादा कैलोरी बर्न कर पायेंगे। आलू में उपस्थित फाइबर आपके ब्लड शुगर लेवल को भी नियंत्रित रखने में मदद करता है।
काम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट : जर्नल न्यूट्रीशन में प्रकाशित एक शोध के अनुसार आलू में काम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखता है जिस कारण इन्सुलिन रेजिस्टेंस बढ़ जाता है और आगे चलकर इससे वजन कम करने में मदद मिलती है। इसलिए वाइट ब्रेड या वाइट पास्ता की जगह आलू का सेवन करें।
हाँ इस बात का ध्यान ज़रुर रखें कि कभी भी एक टाइम के खाने में एक मध्यम साइज़ का आलू ही खाएं और इसे दिन में एक ही बार खाएं। इसका अधिक सेवन आपको नुकसान पहुंचा सकता है।
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अनुवादक: Anoop Singh
चित्र स्रोत: Shutterstock
संदर्भ:
[1] Jody M. Randolph, BA, Indika Edirisinghe, PhD, Amber M. Mason, BS, Tissa Kappagoda, MD PhD & Britt Burton-Freeman, Potatoes, Glycemic Index, and Weight Loss in Free-Living Individuals: Practical Implications, Journal of the American College of Nutrition PhD MSPages 375-384 | Received 21 Dec 2012, Accepted 26 Nov 2013, Published online: 10 Oct 2014
[2] Cermak NM, van Loon LJ. The use of carbohydrates during exercise as an ergogenic aid. Sports Med. 2013 Nov;43(11):1139-55. doi: 10.1007/s40279-013-0079-0. Review. PubMed PMID: 23846824.
[3] Bessesen DH. The role of carbohydrates in insulin resistance. J Nutr. 2001 Oct;131(10):2782S-2786S. Review. PubMed PMID: 11584106.