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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 1:59 PM IST
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अनुवादक: Anoop Singh
आपको अपने आस पास ऐसे कई लोग मिल जायेंगे जो अपना वजन कम करने के लिए सामान्य बिस्किट खाने के बजाय डाइजेस्टिव बिस्किट खाते हैं और उसके फायदों का गुणगान करते हैं। वैसे देखा जाए तो सामान्य बिस्किट में बहुत ज्यादा शुगर और मैदे का प्रयोग किया जाता है । जिस कारण से इसका अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता है लेकिन आप यह भी जान लें कि भले ही डाइजेस्टिव बिस्किट पूरी तरह प्रोसेस्ड फ़ूड हो लेकिन यह उतना फायदेमंद नहीं है।
जानी मानी न्यूट्रीशनिस्ट स्नेहा साधवानी बताती हैं कि, मैं कभी भी किसी को बिस्किट खाने की सलाह नहीं देती हूँ चाहे वो सामान्य हो या डाइजेस्टिव। हालांकि सामान्य बिस्किट में बहुत ज्यादा मैदा होने के कारण वो स्वास्थ्य के लिए ज्यादा हानिकारक है लेकिन डाइजेस्टिव बिस्किट में भी नुकसानदायक पदार्थों की थोड़ी बहुत मात्रा होती ही है। हर एक डाइजेस्टिव बिस्किट से लगभग 67 कैलोरी मिलती है और इसमें पाये जाने वाले इन पदार्थों की वजह से यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
शुगर : शायद आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि एक डाइजेस्टिव बिस्किट में भी कम से कम 3 से 5 ग्राम शुगर होता है। हालांकि यह आंकड़ा सामान्य बिस्किट में काफी ज्यादा होता है लेकिन 3-5 ग्राम शुगर भी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद नहीं है।
रिफाइंड आटा : स्नेहा बताती हैं कि डाइजेस्टिव बिस्किट में इस्तेमाल होने वाला आटा पूरी तरह से रिफाइंड नहीं होता है बल्कि सेमी रिफाइंड होता है। भले ही इसे बनाने में गेहूं या रागी का इस्तेमाल किया गया हो लेकिन इससे आटा बनाते समय इसका चोकर काफी हद तक निकाल दिया जाता है, जबकि चोकर में ही सारा फाइबर होता है।
फैट: एक डाइजेस्टिव बिस्किट में कम से कम 3-5 ग्राम सैचुरेटेड फैट होता है। जिस कारण आवश्यकता से अधिक इसका सेवन करने से ये फैट आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है।
स्नेह बताती हैं कि इन बिस्किट के बजाय आप स्नैक के लिए फलों या ड्राई फ्रूट्स का सेवन कर सकते हैं। इनमें बिस्किट की तुलना में बहुत ज्यादा फाइबर और कम कैलोरी होती है जो हर लिहाज से स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।
चित्र स्रोत: Shutterstock