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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 12:16 PM IST
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अनुवादक: Anoop Singh
कई लोग सिर्फ इसलिये शीर्षासन नहीं करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि वे इसे कर ही नहीं सकते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है आप इसे थोड़े से प्रयासों के बाद आसानी से कर सकते हैं। इसे करने से हमें अनगिनत फायदे होते हैं। योगा एक्सपर्ट पूनम अग्रवाल बतातीं हैं कि शीर्षासन चाहे आप किसी दीवार के सहारे करें या बिना किसी सपोर्ट के करें, लेकिन इसे रोजाना करें। आइये जानते हैं इससे मिलने वाले फायदों के बारे में-
शरीर के ऊपरी हिस्सों को मजबूत बनाता है : शीर्षासन आपके शरीर के ऊपरी हिस्से को मजबूत बनाता है। शीर्षासन करने में आपको अपने कंधो, बाहों, और ऊपरी पीछे वाले हिस्से से बैलेंस बनाना पड़ता है, जिससे उनकी मजबूती बढ़ती जाती है। अगर आप अभी शीर्षासन करने की शुरुवात कर रहे हैं तो हो सकता है कुछ देर तक आप हिलते रहें, इसलिये लम्बे समय तक शीर्षासन करने के लिये आपको दीवार का सहारा लेना चाहिये।
संतुलन बढ़ाने में मददगार : आपके शरीर को मजबूत बनाने के अलावा, शीर्षासन आपके बैलेंस करने की क्षमता को भी बढ़ा देता है। बार-बार गिरने से जब आप खुद को बचाते हैं तो इससे आपकी बैलेंस की क्षमता का विकास होता है।
मूड को सही करता है: शीर्षासन करने से आपके मस्तिष्क में ब्लड फ्लो काफी बढ़ जाता है, जिससे आपको काफी शांति मिलती है और आपका तनाव दूर होता है। इस आसन को करने से कोर्टिसोल(cortisol) हार्मोन के बनने में काफी कमी आती है जिससे आपको एंग्जायटी जैसी समस्या से आराम मिलता है।
शक्ति प्रदान करता है: शीर्षासन करने से आपकी स्ट्रेंथ बढ़ जाती है और इससे आप मनचाहे एब्स भी पा सकते हैं। उलटी दिशा में खड़े होने के कारण यह आपके लोअर बैक और इनर थाई को और मजबूत बनाते हैं।
हड्डियों के स्वास्थ्य के लिये फायदेमंद: शीर्षासन करने से आपकी हड्डियां मजबूत होती हैं जिससे आप ओस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों से दूर रहते हैं। इसलिये यंग एज में किया हुआ शीर्षासन आपको बुढ़ापे में ओस्टियोपोरोसिस से बचाने में मदद करता है।
चित्र स्रोत: Shutterstock