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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 12:16 PM IST
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अनुवादक: Anoop Singh
चावल(White rice) भारतीय भोजनों में एक मुख्य सामग्री के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है, खासकर दक्षिण भारत और पश्चिम बंगाल में चावल खाने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है। राजमा चावल और दाल-चावल के लाजवाब स्वाद से हम सभी भली भांति परिचित है और खुद को इसे खाने से रोक पाना बहुत मुश्किल हो जाता है। कई लोग ऐसा मानते हैं कि चावल के नियमित सेवन से उनका वजन बढ़ जाता है। वहीँ कुछ लोग जो अपने वजन को कम करना चाहते हैं वे पूरी तरह से चावल को अपनी डाइट से हटा देते हैं या फिर इसकी जगह ब्राउन राइस का उपयोग करने लगते हैं। पढ़ें: ब्राउन चावल खाना क्यों अच्छा होता है?
क्या चावल को पूरी तरह अपने डायट से हटा देना एक सही तरीका है? हमने इस बारे में जानी मानी न्यूट्रीशिनिस्ट दीपशिखा अग्रवाल से बात की और उन्होंने बताया कि, सबसे पहली बात कि पूर्वी और दक्षिण भारत में चावल को मुख्य भोजन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। अगर आप बचपन से ही पूरी ज़िन्दगी चावल खाते आ रहे हैं तो अब तक आपका शरीर उसका अभ्यस्त हो चुका होता है। इसलिये अब अगर आप चावल की बजाय ब्राउन राइस या किनोवा को खाना शुरू करते हैं तो आपके शरीर को इस बदलाव को अपनाने में थोड़ा वक़्त लगेगा साथ ही यह आपके मेटाबोलिज्म को भी प्रभावित करेगा। दूसरी बात यह है कि नॉन रिफाइंड वाइट राइस में विटामिन बी12 की पर्याप्त मात्रा मिलती है। यह शाकाहारी लोगों के लिये बहुत ज़रूरी है क्योंकि वे मीट, अंडे, सीफ़ूड इत्यादि से मिलने वाले विटामिन बी 12 को प्राप्त नहीं कर सकते है। इसके अलावा चावल हमारी भूख को काफी लम्बे समय तक शांत रखते हैं जिससे आप आवश्यकता से अधिक खाने से बच जाते हैं, और जो लोग ग्लूटन फ्री डायट पर है उनके लिये यह काफी सुविधाजनक है।
चावल खाने के टिप्स:
चित्र स्रोत: Shutterstock