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रेड ब्राउन राइस और ब्राउन राइस में कौन है ज्यादा फायदेमंद ?

रेड ब्राउन और ब्राउन राइस दोनों में ही फाइबर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है जिससे आपका पाचन तंत्र सही रहता है!

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Written By: Editorial Team | Published : January 30, 2017 6:35 PM IST

जो लोग अपनी सेहत को लेकर हमेशा अलर्ट रहते हैं वे अपने खानपान में हर चीज काफी सोच समझकर शामिल करते हैं। अगर हम चावल की बात करें तो बाज़ार में आजकल कई तरह की चावल की किस्में मौजूद हैं और अब लोग सामान्य चावल की बजाय ब्राउन राइस खाना ज्यादा पसंद करते हैं क्योंकि उनका मानना है कि ब्राउन राइस में ज्यादा फाइबर और पोषक तत्व होते हैं। लेकिन अगर हम रेड ब्राउन राइस और ब्राउन राइस की तुलना करें तो अभी भी कई लोगों को नहीं पता कि आखिर इन दोनों में ज्यादा फायदेमंद कौन है। रेड ब्राउन राइस का इस्तेमाल अधिकतर साउथ इंडिया में होता है और उन लोगों का मानना है कि यह ब्राउन राइस से ज्यादा फायदेमंद होता है। हमने इस बारे में फिटनेस फर्स्ट इंडिया की डायटीशियन रीना बालिगा से बात की। आइये जानते हैं उन्होंने क्या बताया।

राइस से मिलने वाले फायदे इस बात पर निर्भर करते हैं कि कौन-सी किस्म की चावल है और उसे कैसे पॉलिश और प्रोसेस्ड किया गया है। इसके अलावा इससे मिलने वाले फायदे इस बात पर भी निर्भर करते हैं कि आप उस चावल को कैसे पकाकर खाते हैं। अगर  न्यूट्रीशनल वैल्यू की बात की जाये तो दोनों में ही यह एक जैसा है। जब चावल की फसल तैयार हो जाती है तो प्रोसेसिंग के दौरान कुछ में छिलके पूरी तरह निकाल दिए जाते हैं और कुछ में थोड़ी मात्रा में छिलके निकाले जाते हैं। लेकिन इन दोनों में ही चावल के अंकुर (germ) और उसके चोकर (bran) को नहीं निकला जाता है क्योंकि इनमें ही थायमीन (विटामिन बी1), कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, प्रोटीन और फाइबर होता है। हालांकि चावल की इन दोनों किस्मों में एक अंतर यह है कि रेड ब्राउन राइस में एंथोसायनिन नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जिसके कारण ही इस चावल का रंग लाल होता है और यह ब्राउन राइस में पाये जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट की तुलना में दस गुना ज्यादा असरदार है।

रेड ब्राउन राइस और ब्राउन राइस के फायदे :

  • इनके सेवन से टाइप-2 डायबिटीज से बचाव होता है।
  • एंटीऑक्सीडेंट क्षमताओं के कारण इसके सेवन से कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों से बचाव होता है।
  • इनकी एंटी-इंफ्लेमेटरी क्षमताओं के कारण यह काफी फायदेमंद होते हैं।
  • इनमें विटामिन 6 मौजूद होता है जो सेरोटोनिन, रेड ब्लड सेल्स और डीएनए कोशिकाओं को बनने और उनके विकास में मदद करता है।
  • चावल की इन दोनों किस्मों में कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली क्षमताएं होती हैं। साल 1970 में किये इंसानों पर किये एक शोध से इस बात की पुष्टि हुई थी कि रेड ब्राउन राइस खाने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है।
  • इसमें मौजूद हाई फाइबर आपको मोटापे से बचाता है क्योंकि इसे खाने के बाद आप पेट देर तक भरा हुआ रहता है जिससे आप ज़रूरत से ज्यादा नहीं खा पाते हैं।
  • इन दोनों किस्मों में फाइबर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है जिससे आपका पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है और कब्ज़ की समस्या दूर हो जाती है।
  • इन दोनों तरह की राइस में मैग्नीशियम पाया जाता है जिस कारण से यह अस्थमा के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है।

खाने की मात्रा :

रीना बताती हैं कि चावल की इन किस्मों को आप दिन में एक या दो बार खा सकते हैं। हालांकि इन दोनों तरह के चावलों में फाइबर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है इसलिए जिन लोगों को फाइबर डाइट लेने से मना किया गया है उन्हें यह बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। इसके अलावा जिन लोगों ने अभी हाल ही में बाउल सर्जरी करवायी हो या इरिटेबल बाउल सिंड्रोम से पीड़ित हों उन्हें ये चावल बिल्कुल नहीं खाने चाहिए।

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अनुवादक: Anoop Singh

चित्र स्रोत: Shutterstock