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Written By: Editorial Team | Published : January 31, 2017 1:57 PM IST
आपको तो ब्राउन राइस और रेड राइस के फायदे तो पता ही हैं लेकिन क्या आप काले चावलों के फायदों के बारे में जानते हैं? आज हम बात करेंगे काले चावलों या ऑरिज़ा सतिवा (Oryza Sativa L. ) के बारे में जिसे चीन में वर्जित चावल या ‘फॉरबिडेन राइस’ कहा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि पुराने समय में आम लोगों को यह चावल खाने की मनाही थी और केवल राजसी परिवार के लोग ही इसे खा सकते थे। यह प्राचीन अनाज अपनी लाल और भूरे रंग की किस्मों की तुलना में अधिक गहरे रंग का होता है। जहां तक बात इसके पोषक तत्वों की की जाए तो इसमें फाइबर, शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट और कैंसर से बचाने वाले तत्व बहुत अधिक मात्रा में होते हैं। इसे पुलाव, पॉरिज़, खीर, ब्रेड या नूडल्स जैसे विभिन्न रुपों में इस्तेमाल किया जा सकता है। फायदेमंद गुणों से भरपूर काले चावल को राजघरानों में लोकप्रियता मिलने के और भी कारण हैं जिसके बारे में हम यहां लिख रहे हैं।
इंसुलिन रेज़िस्टेंस कम करता है- ऐसे लोग जिन्हें डायबिटीज़ है वे अपनी डायट में ब्लैक राइस शामिल कर सकते हैं। काले चावलों में एंथोसाइनिन (Anthocyanin) नामक एक फ्लेवनॉइड मौजूद होता है जो सेहत के लिहाज से काफी फायदेमंद है। यह इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाने में मदद करता है।
एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर- सफेद चावलों की बजाय काले चावलों को खाने का एक और बहाना ब्लैक राइस में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स तत्व हैं। इन चावलों की चोकर या भूसी एंथोसाइनिन, का सबसे बेहतरीन स्रोत है। जो अपने एंटी ऑक्सिडेंट तत्वों के लिए जाना जाता है।
धमनियों को सख्त होने से रोकता है- जिन लोगों को धूम्रपान की आदत है या वे हाई ब्लड प्रेशर या कोलेस्ट्रॉल जैसी किसी बीमारी से पीड़ित हैं, तो उन्हें रक्तधमनियों में धमनीकलाकाठिन्य या आर्थरोक्लरोसिस (atherosclerosis) या प्लैक बनने की समस्या हो सकती है। इससे शरीर के विभिन्न हिस्सों में रक्त के बहाव में रुकावट आती है, और इस तरह हार्ट अटैक या स्ट्रोक हो सकता है। स्टडीज़ में भी ऐसा पाया गया है कि रोज़ान ब्लैक राइस खाने से धमनियों में प्लैक बनने की प्रक्रिया कमज़ोर हुई है।
एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व- ऊपर लिखे गुणों के साथ-साथ ब्लैक राइस में एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व भी होते हैं। ब्लैक राइस में मौजूद साइनिडिन 3-O-β-D-ग्लाइकोसाइड (Cyanidin-3-O-β-D-glycoside) और इसके मेटबॉलिज़्म बढ़ानेवाले साइनिडिन और प्रोटोकैटेक्युक एसिड (protocatechuic acid) ऐसे तत्वों को शांत करने का काम करते हैं जो शरीर में सूजन बढ़ाने का काम करते हैं।
कैंसर से लड़नेवाले तत्व- विभिन्न स्टडीज़ में ऐसा पाया गया है ब्लैक राइस में मौजूद एंथोसाइनिन, ब्रेस्ट कैंसर सेल्स से लड़ने में सकारात्मक तरीके से प्रभावी है। इसका अर्थ है कि काले चावल में कैंसर से लड़नेवाले तत्व भी होते हैं।
लीवर की सफाई करता है- ब्लैक राइस के नियमित सेवन से लिवर की सूजन से भी राहत मिलती है। ब्लैक राइस में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स की अच्छी संख्या, एक शक्तिशाली डिटॉक्स के रूप में कार्य करती है, जो लिवर की भी सफाई करता है। ब्लैक राइस हाइपरलिपैडिमिया (hyperlipidemia) और हाइपरग्लिसेमिया (hyperglycemia), जैसी समस्याओं से बचाता है जो लिवर की सूजन से जुड़े हुए हैं।
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अनुवादक-Sadhna Tiwari
चित्र स्रोत-Shutterstock
संदर्भ-
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