आयुर्वेद के अनुसार इन 4 चीजों में शहद मिलाने से वह बन जाता है जहर, कैसे जानें

क्या आप उबलती चाय में शहद डालकर पीते हैं?

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Written By: Editorial Team | Updated : February 15, 2017 11:25 AM IST

कौन ऐसा है जिसको शहद खाना पसंद नहीं! शहद के स्वास्थ्यवर्द्धक फायदों के बारे में जितना कहेंगे कम ही होगा। इसको नैचुरल स्वीटनर के अलावा सलाद ड्रेसिंग, स्मूदी आदि कई चीजों में डालकर डायट में शामिल किया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार शहद को योगावही कहा जाता है क्योंकि इसमें औषधिय गुण होता है। लेकिन आपको ये जानकार आश्चर्य होगा कि कुछ ऐसे भी हेल्दी चीजें है जिनके साथ शहद को मिलाने पर वह जहर जैसा काम कर सकता है।

डॉ. सूर्या ए भागवत, डॉ. वैद्द न्यू एज आयुर्वेदिक, टारडियो के आयुर्वेदिक मेडिकल प्रैक्टिशनर और द आयुर्वेदिक विलेज के डॉ. थुलासीदास ने कुछ ऐसे फूड स्टफ के बारे में बताया है जिनमें शहद मिलाने से वह सेहत के नुकसानदेह साबित होता है। इसलिए कभी भी इनमें शहद मिलाने की गलती न करें।

घी और शहद समान मात्रा में न मिलायें-

डॉ. भागवत के अनुसार कभी भी शहद और घी समान मात्रा में न मिलायें। शहद और घी को कभी भी सही मिश्रण नहीं माना जाता है। कई फूड स्टफ में जैसे हनी-ओट्स कूकीज या मफीन में क्लेरिफाइड बटर शहद के साथ डाला जाता है जिसका प्रतिक्रिया सेहत के लिए नुकसानदेह साबित नहीं होता है। आचार्य चक्र आयुर्वेद के अन्वेषक का कहना है कि शहद और घी का मिश्रण घातक होता है बशर्ते कि उनमें 2:1 का अनुपात हो।

मूली और शहद को न मिलाये-

आयुर्वेद के अनुसार मूली और शहद को मिलाने से वह विषाक्त यौगिक बन जाता है। डॉ. थुलासीदास इसीलिए शहद को मूली के साथ मिलाने के लिए मन कर रहे हैं। कभी भी भूलकर भी मूली के सलाद में शहद से ड्रेसिंग न करें।

मांसाहारी खाने में शहद न मिलाये-

साधारणत: लोग मांसाहारी खानों को भूनने के समय उसके रंग को निखारने के लिए शहद का कोटिंग देते हैं। डॉ. थुलासीदास का कहना है कि आयुर्वेद के अनुसार मीट के साथ शहद मिलाना सेहत के नजरिये से गलत होता है। क्या आपको पता है कि असली और नकली शहद के बीच के फर्क को पहचानें इस तरह

शहद को उबलते हुए पानी में न मिलाये-

सामान्यत: शहद को चाय या दूसरे ब्रेवरेज में नैचुरल स्वीटनर के रूप में डाला जाता है। डॉ. भागवत ने शहद को इस तरह से मिलाने से सख्त मना किया है क्योंकि शहद यूं ही जितना अमृत के समान है उतना ही पका हुआ शहद विषाक्त होता है। स्टडी के अनुसार 60 डिग्री सेल्सियस में शहद को पकाने पर हाइड्रोक्सीमिथाइल फुरफुरालडिहाइड का उत्पादन होता है जो सेहत के हानिकारक साबित होता है।

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अनुवादक: Mousumi Dutta

चित्र स्रोत: Shutterstock

संदर्भ

1. Kumar, K. S., Bhowmik, D., & Chandira, M. R. (2010). Medicinal uses and health benefits of honey: an overview. Journal of Chemical and Pharmaceutical Research2(1), 385-395. 2. Annapoorani, A., Anilakumar, K. R., Khanum, F., Murthy, N. A., & Bawa, A. S. (2010). Studies on the physicochemical characteristics of heated honey, honey mixed with ghee and their food consumption pattern by rats. AYU (An international quarterly journal of research in Ayurveda)31(2), 141.

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