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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 1:51 PM IST
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अनुवादक: Anoop Singh
सुबह उठते ही कॉफ़ी पीना हममें से अधिकतर लोगों के रूटीन में शामिल है। सुबह सुबह कॉफ़ी पीना शरीर की सुस्ती को भगाने का सबसे आसान तरीका है। वैसे तो सामान्य रूप से कॉफ़ी पीने से कोई नुकसान नहीं है लेकिन अगर आप आवश्यकता से अधिक मात्रा में कॉफ़ी का सेवन करते हैं तो इससे शरीर में एड्रेनालाईन नामक हार्मोन की मात्रा बढ़ जाती है, ये हार्मोन आपकी उत्तेजना को बढ़ाते हैं। इस बात में कोई शक नहीं कि अगर आप बहुत ही अधिक मात्रा में कॉफ़ी पी रहे हैं तो इससे आप तनावग्रस्त और चिड़चिड़े हो जायेंगे। एक दिन में तीन कप से ज्यादा कॉफ़ी का सेवन आपकी नींद को भी खराब कर सकता है। इसलिए अगर आप कैफीन को लेकर सेंसिटिव हैं या इसके सेवन से आपको कुछ परेशानियां हो रही हैं तो आप इसकी बजाय डीकैफीनेटेड (Decaffeinated) कॉफ़ी पी सकते हैं। डीकैफीनेटेड कॉफ़ी में कैफीन की मात्रा बिल्कुल नगण्य होती है। जानी मानी न्यूट्रीशिनिस्ट और न्यूट्रीफाई की फाउंडर प्रिया कठपाल डीकैफीनेटेड कॉफ़ी और उसके फायदों के बारे बता रही हैं। पढ़ें: जानिये वजन घटाने में कैसे मदद करती है एक कप कॉफ़ी
डीकैफीनेटेड कॉफ़ी क्या है : सामन्य तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली कॉफ़ी में से कैफीन की मात्रा को हटा देना ही डीकैफीनेटेड कॉफ़ी कहलाता है। इसके लिए कॉफ़ी बीन्स को पानी की भाप के संपर्क में रखा जाता है जिससे कैफीन घुल जाती है उसके बाद बीन्स को धुलकर और अच्छे से सुखाकर उसमें मौजूद नमी को पूरी तरह ख़त्म करके उन्हें रोस्ट किया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 97% कैफीन हट जाती है।
डीकैफीनेटेड कॉफ़ी के फायदे : डीकैफीनेटेड कॉफ़ी में भी उतनी ही मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं जितनी कि रेगुलर कॉफ़ी में, लेकिन सामान्य कॉफ़ी की तुलना में डीकैफीनेटेड कॉफ़ी को पीने से आपकी अलर्टनेस पर या आपकी सुस्ती पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। इन सबके अलावा यह आपके लीवर के स्वास्थ्य को बेहतर रखने में भी मदद करती है।
डीकैफीनेटेड कॉफ़ी कितनी पीनी चाहिए : हालांकि इसमें कैफीन नहीं होती है फिर भी आपको इसे सीमित मात्रा में ही पीना चाहिए। एक दिन में दो या तीन बार ही डीकैफीनेटेड कॉफ़ी का सेवन करें, अगर आपको किसी बीमारी जैसे कि एंग्जायटी या हाइपरटेंशन के कारण कॉफ़ी पीने के लिए मना किया गया है तो बेहतर यही होगा की आप डीकैफीनेटेड कॉफ़ी को भी ना पियें क्योंकि इसमें भी कैफीन की थोड़ी मात्रा तो होती ही है।
चित्र स्रोत: Shutterstock