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Written By: Editorial Team | Published : March 2, 2017 12:32 PM IST
आपने भी सुना होगा कि कैसे मणिकर्ण, हिमाचल प्रदेश और पनामिक, लद्दाख में में हॉट स्प्रिंग बाथ लिया जाता है। जहां हॉट वाटर स्प्रिंग बाथ(गर्म पानी के झरने और चश्मे) के लिए मशहूर इन स्थानों पर नहाना एक विशेष अनुभव है। वहीं इसके लिए इस्तेमाल होनेवाला पानी सेहत के लिहाज से भी बहुत फायदेमंद है। यह तनाव, दर्द और थकान से राहत दिलाता है। गुनगुने पानी के प्राकृतिक स्रोतो में नहाने के कुछ और फायदे बता रहे हैं हम यहां। जिनके बारे में पता चलते ही आप आज ट्राई करना चाहेंगे हॉट स्प्रिंग वाटर बाथ।
ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है- हॉट स्प्रिंग में कैल्शियम और सोडियम बाइकार्बोनेट जैसे खनिज पदार्थ होते हैं। जब आप हॉट स्प्रिंग बाथ लेते हैं तो आपकी त्वचा इन तत्वों को अवशोषित कर लेती है। नॉर्थ अमेरिकन जर्नल ऑफ मेडिकल साइंसेस में छपी एक स्टडी के अनुसार जैसे-जैसे हॉट स्प्रिंग बाथ की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, आपके खून में ऑक्सीजन की मात्रा और रक्त संचार बेहतर होने लगता है
तनाव से राहत मिलती है- इस स्टडी में यह भी बताया गया कि जब हम हॉट स्प्रिंग बाथ के गर्म पानी में बैठते हैं तो आपके मन से तनाव भी कम होता है। जहां गुनगुने पानी की गर्मी आपकी अकड़ी हुई मांसपेशियों को राहत देती है, वहीं पानी में मौजूद खनिज तत्व आपको मानसिक रुप से भी आराम पहुंचाते हैं।
बेहतर नींद आती है- गर्म पानी में बैठने से आपके शरीर का तापमान बढ़ जाता है, और उसके बाद नहाने से तापमान कम हो जाता है। जर्नल इलेक्ट्रोएनोफेलोग्राफी एंड क्लिनिकल न्यूरोफ़िज़ियोलॉजी (Journal Electroencephalography and Clinical Neurophysiology) में छपी एक स्टडी के अनुसार, इस तरीके से आपको एक आराम और सूकूनभरी नींद आती है।
मांसपेशियों का दर्द कम हो जाता है- जर्नल रूमटालजी इंटरनेशनल (journal Rheumatology International) में छपी एक स्टडी के अनुसार, गर्म पानी के पूल में बैठने से आपकी मांसपेशियों का दर्द कम हो जाता है। दरअसल इस गर्म पानी में मौजूद मिनरल्स दर्द से राहत देते हैं।
त्वचा का रूखापन कम होता है- हॉट स्प्रिंग वॉटर में सिलिका की अधिक मात्रा त्वचा का रूखापन और खुरदरापन कम करती है। साथ ही, जर्नल एक्टा डर्मेटो-वेनेरियोलॉजिका (journal Acta Dermato-Venereologica) में छपी एक स्टडी में ऐसा कहा गया कि, यह सिलिका एक्ज़िमा (eczema) के लक्षण मानी जानेवाली समस्याओं, और सोयरसिस (psoriasis) से भी राहत दिलाती है।
लेकिन इससे पहले कि आप हॉट स्प्रिंग बाथ लें, अपने डॉक्टर से बात ज़रूर कर लें और पता करें कि आपके लिए यह कितना सुरक्षित है। विशेषकर अगर आप प्रेगनेंट हैं या दिल की किसी बीमारी से पीड़ित हैं तो बिना किसी डॉक्टरी सलाह के यह न करें।
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अनुवादक-Sadhna Tiwari
चित्रस्रोत-visitjapanau/Instagram
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[4] Bellato, E., Marini, E., Castoldi, F., Barbasetti, N., Mattei, L., Bonasia, D. E., & Blonna, D. (2012). Fibromyalgia Syndrome: Etiology, Pathogenesis, Diagnosis, and Treatment. Pain Research and Treatment, 2012, 426130. https://doi.org/10.1155/2012/426130
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