
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 23, 2023 7:01 AM IST
How To Select Fad Diet For Weight Loss: ऐसा शायद ही कोई है जो फिट ना बनना चाहे और फिट रहने के लिए वजन कम ना करना चाहता हो। मॉडर्न लाइफस्टाइल में मोटापा और बेली फैट ऐसी समस्याएं हैं जिनसे बहुत से लोग जूझ रहे हैं और वे किसी भी तरीके से अपना वजन कम करते हुए खुद को हेल्दी रखना चाहते हैं। वेट लॉस की बात आती है तो लोग अलग-अलग तरह के तरीके अपनाते हैं। ऐसा ही एक तरीका है वेट लॉस डाइट का जो लोगों को काफी आसान और कारगर लगता है और लोग इसीलिए, झटपट वेट लॉस डाइट (Weight Loss Diet) फॉलो करने के लिए तैयार भी हो जाते हैं। वेट लॉस के लिए थोड़े-थोड़े समय बाद अलग-अलग तरह की डाइट का ट्रेंड शुरू होता है जिन्हें फैड डाइट कहा जाता है। हैरानगी की बात यह है कि लोग बहुत अधिक सोचे-समझे बिना ही इन फैड डाइट्स (fad diets) को फॉलो भी करते हैं।
लेकिन एक्सपर्ट्स की मानें तो किसी भी फैड डाइट को फॉलो करने से पहले स्वास्थ्य पर उसके परिणामों के बारे में भी जरूर सोच लेना चाहिए। इस तरह की डाइट कई बार बहुत आकर्षक लगती हैं और लोग इन्हें अपनाने से खुद को रोक नहीं पाते। पर किसी भी तरह की नयी डाइट या वेट लॉस रूटीन (Weight Loss routine)को फॉलो करने से नुकसान हो सकता है। आइए जानें फैड डाइट्स फॉलो करने से किस तरह के नुकसान हो सकते हैं और फैड डाइट फॉलो करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। ( important tips you should know before following FAD diet in Hindi)
वेट लॉस ट्रेंड के तौर पर फॉलो की जाने वाली फैड डाइट्स में इस तरह के मील प्लान्स फॉलो किए जाते हैं जिनमें कुछ खास तरह के फूड्स खाने की ही परमिशन दी जाती है। इस तरह के फूडस महंगे होते हैं और कई बार इनमें सप्लीमेंट्स और प्रीजर्वेटिव्स वाली चीजें भी शामिल होती हैं। किटो, डिटॉक्स डाइट और वीगन डाइट (Vegan Diet) जैसी डाइट्स वेट लॉस के लिए इन दिनों काफी चलन में हैं। इन सभी डाइट्स के साथ कुछ नुकसान भी जुड़े हैं जिनके बारे में अक्सर एक्सपर्ट्स द्वारा बात की जाती है।
फैड डाइट में आमतौर पर कार्ब्स की मात्रा कम होती है और प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है। ऐसे में फलों और सब्जियों का सेवन कम किया जाता है और इसकी वजह से आपकी डाइट में फाइबर भी कम मिलता है और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की मात्रा भी कम हो जाती है। इसकी वजह से शरीर में पोषक तत्वों की गम्भीर कमी हो सकती है। इससे कई तरह की बीमारियां और हेल्थ प्रॉब्लम्स बढ़ सकती हैं। इसीलिए, ऐसी किसी डाइट को फॉलो ना करें जिसमें ताजे फल और सब्जियों को खाने से मना किया जाए।
कुछ डाइट्स में बहुत कम मात्रा में डाइटरी फाइबर खाने की सलाह दी जाती है। इसीलिए, इस तरह डाइट में लोग बहुत कम मात्रा में फल और सब्जियों का सेवन करते हैं। नतीजतन, लोगों को पेट फूलने (bloating) या पेट में दर्द जैसी तकलीफें हो सकती हैं। वहीं, खाना खाने के बाद भी पेट भरने की संतुष्टि नहीं होती और इसी वजह से लोगों को बार-बार भूख लगती हैं और क्रेविंग होती है। जिससे लोग अनहेल्दी फूड्स, जंक फूड और हाई-कैलोरी फूडस का सेवन करने लगते हैं जिससे उनका मोटापा और बॉडी फैट बढ़ सकता है।
फैड डाइट्स के साथ सबसे बड़ी समस्या यही है कि लोग जोश में आकर उन्हें फॉलो करना स्टार्ट तो कर देते हैं लेकिन, कुछ दिनों बाद उनके लिए यह डाइट फॉलो करना मुश्किल हो जाता है। इसीलिए, किसी भी डाइट को फॉलो करने से पहले यह देख लें उसमें किस तरह के डाइट रूल शामिल हैं और आप उन्हें लम्बे समय तक फॉलो कर सकते हैं या नहीं।