
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Medically Verified By: Dr. Vivek Mahajan
gym mistakes spine injury (AI generated image)
आज का युवा अच्छे से समझ चुका है कि जिम सिर्फ उनकी फिजिकल हेल्थ के लिए ही नहीं बल्कि मेंटल हेल्थ के लिए भी बेहद जरूरी है। कोई अपनी फिजिकल हेल्थ अच्छा बनाने के लिए जिम जाता है, तो कोई मेंटल हेल्थ को अच्छा बनाने के लिए जिम जाता है। लेकिन जिम करने वाले शायद ज्यादा अच्छे से जानते हैं, कि जिम आपकी हेल्थ के लिए जितना ज्यादा फायदेमंद है आपकी हेल्थ के लिए उतना ही नुकसानदायक हो सकता है। जिम करते समय जाने-अनजाने में ऐसी कोई गलती करना हेल्थ को नुकसान कर सकती है। जिम के दौरान अक्सर इंजरी होना काफी आम होता है, कभी शॉल्डर में इंजरी हो गई तो कभी कलाई में दर्द होना लगा। लेकिन कुछ इंजरी ऐसी भी हैं, जिनके कारण रीढ़ की हड्डी को भी नुकसान हो सकता है और जिसके बाद जिम करने का सपना सिर्फ सपना ही रह जाता है। डॉ. विवेक महाजन, चीफ ऑफ जॉइंट रिप्लेसमेंट एवं एचओडी (ऑर्थोपेडिक्स), ISIC मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी, जिनके बारे में हम इस लेख में जानेंगे।
अगर आपको कोई दोस्त आपसे ज्यादा वजन उठा लेता है और यह देख कर आप भी उसके बराबर ही वजन उठाने की कोशिश करते हैं, तो उससे समझ लीजिए की आपके लिए इंजरी का खतरा बढ़ सकता है। खासतौर पर डेड-लिफ्ट और वेट ट्रेनिंग जैसी एक्सरसाइज के दौरान अगर आप अपनी लिमिट से ज्यादा वजन उठाने की कोशिश करते हैं, तो उससे इगो लिफ्टिंग का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है।
जिस प्रकार आप जिम जाकर बॉडी का वार्म-अप करते हैं, वह बेहद जरूरी होता है लेकिन वार्म-अप के नाम पर आप सिर्फ शॉल्डर और बैक को स्ट्रेच करते हैं, जबकि स्पाइन यानी रीढ़ की हड्डी को स्ट्रेच करना बेहद जरूरी है। अगर स्पाइन यानी रीढ़ की हड्डी का वार्म अप नहीं हो पाता है, तो रीढ़ की हड्डी में भी इंजरी होने का डर बढ़ जाता है।
आप कोई भी एक्सरसाइज कर रहे हैं और उसके लिए वजन उठा रहे हैं, तो उसके लिए सही पोस्चर होना बेहद जरूरी है, अगर पोस्चर सही नहीं हो तो उसका असर सीधा आपकी गलत फॉर्म होने के कारण रीढ़ की हड्डी पर जाता है। डंबल उठाना हो या वेट प्लेट लगना हो अगर वजन उठाते समय गलत पोस्चर है, तो उसका असर रीढ़ की हड्डी पर गलत तरीके से जाता है।
रीढ़ की हड्डी शरीर शरीर के तंत्रिका तंत्र को सुरक्षा प्रदान करती है और छोटी-छोटी डिस्क से मिलकर बनी होती है। वजन उठाते समय अगर रीढ़ की हड्डी मुड़ी हुई है, तो ऐसे में ज्यादा भारी वजन के कारण डिस्क खिसक सकती है। इसलिए जिम करने के दौरान अपनी स्पाइन का ध्यान रखना बेहद जरूरी है,ताकि किसी तरह की कोई इंजरी न हो पाए।
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल जिम के दौरान अक्सर की जाने वाली गलतियों से होने वाली रीढ़ की हड्डी में इंजरी होने का खतरा बढ़ जाता है। इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।