
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Published : July 13, 2018 12:34 PM IST
रिमझिम बरसात का मौसम भले ही कितना भी सुहाना लगे लेकिन इस मौसम के साथ कुछ परेशानियां भी आती हैं। जी हां, यह मौसम भी अपने साथ कुछ बीमारियां लेकर आता है, फिर चाहे धूप निकलें या पानी बरसे, हमें कुछ बीमारियों का ख़तरा हो सकता है। धूल और नमी के कारण छींक, सांस उखड़ने, खुजली और आंखें लाल होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं, तो कुछ लोगों की त्वचा पर रैशेज या चकत्ते भी हो जाते हैं। हवा और पानी के माध्यम से एलर्जी पैदा करने वाले तत्व साइनस कैविटी, गले और आंखों में प्रवेश कर मानसून एलर्जी को बढ़ा सकते हैं। यहां तक कि ठहरे हुए पानी और उसमें मच्छरों के पनपने से आपको अन्य वेक्टरजनित रोगों (vector-borne) में का ख़तरा हो सकता है। इनमें से कुछ उदाहरणों में मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड और पाचन तंत्र से जुड़े कई रोग शामिल हैं। डॉ. दीपा कन्नन, एसोसिएट मेडिकल डायरेक्टर, पोर्टिया मेडिकल ने, मानसून संबंधी बीमारियों से बचने के लिए कपड़े पहनने और त्वचा की देखभाल से जुड़ी टिप्स दीं।
हेल्दी डायट: एक स्वस्थ और संतुलित आहार खाने की कोशिश करें, ज़्यादा पानी पीएं और व्यायाम (योग भी कर सकते हैं) करें। इस तरह आपकी रोग-प्रतिरोधक शक्ति बढ़ सकती है और संक्रमण से बचा जा सकता है। थोड़ी-सी अतिरिक्त देखभाल से आप मानसून की सभी संभावित और मौसमी बीमारियों और एलर्जी से बच सकती हैं। इन टिप्स का इस्तेमाल कर आप इस मौसम का आनंद ले सकते हैं और स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में किसी भी प्रकार की चिंता किए बिना अपना ध्यान रख सकते हैं।
स्किनकेयर: नहाने के बाद मॉइश्चराइज़र का प्रयोग करें और साबुन से अपने हाथों और चेहरे को धोएं जो आपके लिए सही है। पैरों की एलर्जी से बचने के लिए उपयुक्त जूते पहनें, ताकि आपके पैर अच्छी तरह से सांस ले सकते हैं। कॉटन या सूती मोजे पहनें और किसी भी प्रकार के फंगल संक्रमण से बचने के लिए अपने पैरों को हमेशा सूखा रखें।
कपड़े: ऐसे कपड़े पहनना बेहतर होता है जिनसे त्वचा को सांस लेने में आसानी हो। चुस्त सिंथेटिक कपड़े गीले होने पर त्वचा पर चिपक सकते हैं जिससे आपको बारिश के मौसम में रैशेज़ और फंगल इंफेक्शन हो सकते हैं। सिंथेटिक सामग्री से बने कपड़े पहनने से बचें जो आसानी से पसीना सोख नहीं पाते और संक्रमण का कारण बनते हैं। हमेशा अपने साथ अतिरिक्त कपड़े रखें, ताकि आप ज़्यादा समय तक गीले कपड़ों में रहने से बच सकेंगे। रेन कोट और छतरियां भी ऐसी जगहों पर रखें कि ज़रूरत के वक़्त वे आसानी से मिल सकें। यदि बारिश में भीग भी जाएं, तो जितनी जल्दी हो सके गीले कपड़े बदल दें।
चित्रस्रोत: Shutterstock.