फाइबर खाने के मामले में ये 5 बड़ी गलतियां करते हैं आप

अगर आप सोचते हैं कि फाइबर खाने से वजन कम हो जाएगा, तो यह आपकी भूल है!

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Written By: Editorial Team | Published : November 10, 2017 3:48 PM IST

कई लोग ऐसा कहते हैं कि फाइबर ज्यादा नहीं खाना चाहिए। सवाल यह है कि इसके बाद क्या होता है? वास्तव में फाइबर खाने को लेकर ऐसे कई सवाल हैं जिनका जवाब आपको पता होना चाहिए। क्योंकि बहुत से लोग यह नहीं जानते हैं कि शरीर के लिए कितनी मात्रा में फाइबर की जरूरत होती है। एसएल, रहेजा हॉस्पिटल में हेड ऑफ डायटिक्स डॉक्टर राजेश्वरी शेट्टी  आपको बता रही हैं कि फाइबर के मामले में आप क्या-क्या गलतियां करते हैं।

1) अचानक ज्यादा फाइबर खाना

अचानक ज्यादा फाइबर खाने से आपकी गैस्ट्रिक हेल्थ के लिए खतरनाक हो सकता है। इससे पेट की ऐंठन, ब्लोटिंग, गैस और डायरिया की समस्या हो सकती है। क्योंकि इन्हें पचाना मुश्किल हो सकता है। कई मामलों में ज्यदा फाइबर से आपकी आंतें ब्लॉक हो सकती हैं।

2) फाइबर के साथ पानी नहीं पीना

डॉक्टर शेट्टी के अनुसार, बेशक घुलनशील फाइबर आपके लिए अच्छे होते हैं लेकिन इन्हें अवशोषित होने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आपको कब्ज, पेट में बेचैनी, और पाचन की समस्या हो सकती है।

3) अन्य पोषक तत्वों की अनदेखी

वजन कम करने वाले कुछ लोग फाइबर पाने के लिए केवल फल-सब्जियों का सेवन करने लगते हैं। इससे पानी का वजन तो कम हो सकता है लेकिन शरीर में प्रोटीन, फैट, कार्बोहाइड्रेट की कमी हो सकती है। अन्य पोषक तत्वों की अनदेखी से आपको पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। इसलिए ऐसी चीज खाएं जिसमें फाइबर के साथ कार्बोहाइड्रेट भी हो लेकिन ज्यादा फैट और प्रोटीन ना हो जैसे सलाद ग्रीन और गेहूं का ब्रेड।

4) दस्त या कब्ज में फाइबर खाना

दलिया, सेम, बेरी और नट्स जैसे खाद्य पदार्थों में फाइबर को घुलनशील फाइबर कहा जाता है क्योंकि वे बहुत सारे पानी को अवशोषित करते हैं। घुलनशील फाइबर के कार्यों में से एक मल को नरम करके और बाउल मूवमेंट्स को आसान बनाना है। लेकिन समस्या तब होती है जब दस्त के दौरान खाया जाता है। जाहिर है इस स्थिति में फाइबर खाने से बाउल मूवमेंट्स ज्यादा बेहतर हो जाएगा और आपको ज्यादा दस्त होंगे।

घुलनशील फाइबर पाचन को धीमा कर देता है, इसलिए कब्ज के दौरान यह उपयोगी नहीं है। यह आपकी अंत में विभिन्न तरीके से काम करता है। दलिया, गाजर और खट्टे फलों से मिलने वाले सॉफ्ट फाइबर तरल पदार्थ से मिल जाते हैं। इस प्रोसेस के दौरान यह एक प्रकार का कीचड़ बनता है जो पाचन को धीमा कर देता है और आपके कब्ज को मुश्किल बना देता है।

अघुलनशील फाइबर आपके पेट में जमा हो जाते हैं। ऐसी चीजें आपके दांतों के काटने के लिए ही मुश्किल नहीं हैं बल्कि पाचन तंत्र के लिए भी हार्ड हैं। आपका शरीर इन्हें तोड़ नहीं पाता है और आपकी आंत में जमा हो जाते हैं। जिससे अंत ब्लॉक हो सकती है और आपको कब्ज की समस्या हो सकती है।

5) बहुत ज्यादा फाइबर खाना

नॉर्मल पाचन के लिए फाइबर जरूरी है लेकिन ज्यादा मात्रा में खाने से नुकसान ही होता है। कच्ची सब्जी में गोइट्रोजन (goitrogens) की मात्र अधिक होती है जिससे थॉयराइड फंक्शन प्रभावित हो सकते हैं। इससे आपको पेट दर्द की समस्या भी हो सकती है।

जब बहुत अधिक फाइबर पानी को अवशोषित कर लेते हैं, तो फाइबर मास में प्रवेश करने में कठिन होती है। ज्यादातर फाइबर ड्राई होते हैं जिसके कारण फाइबर अटक  जाता है। इसके अलावा फाइबर भी आयरन, जिंक, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे कुछ महत्वपूर्ण खनिजों के अवशोषण को रोकता है।

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अनुवादक – Usman Khan

चित्र स्रोत - Shutterstock

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