
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Role of yoga in diabetes management: योग आसनों का अभ्यास करने से टाइप 2 डायबिटीज सहित अन्य कई लाइफस्टालइज डिजिजेज का रिस्क कम होता है। इसी तरह इन बीमारियों से पीड़ित लोगों को अपनी स्थिति के मैनेजमेंट में भी मदद होती है। कई स्टडीज में यह पाया गया है कि योग की मदद से ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने मे सहायता होती है और डायबिटीज से जुड़ी सभी समस्याओं से आराम भी मिलता है। डॉ. अंकित मंगलुनिया (एम.डी. मेडिसिन, गोल्ड मेडलिस्ट, डी.एम. एंडोक्रिनोलॉजी, साकेत हॉस्पिटल) कहते हैं कि इन सभी बातों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि योग की मदद से डायबिटीज के मैनेजमेट में सहायता होती है।
डॉ. अंकित मंगलुनिया कहते हैं कि, आज टाइप 2 डायबिटीज दुनियाभर के लाखों लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या बन चुका है। इसमे शरीर के सेल्स इंसुलिन (Insulin) नामक हार्मोन्स के प्रति सही ढंग से प्रतिक्रिया नहीं कर पाते हैं जिससे रक्त में ग्लूकोज का लेवल बढ़ जाता है और यह हाई ब्लड शुगर लेवल कई तरह की अन्य बीमारियों और स्वास्थ्य समस्याओं का रिस्क भी बढ़ा देता है।
एक ही जगह पर बैठकर काम करने की आदत या देर तक बैठे रहना, कसरत ना करना, खान-पान से जुड़ी अनहेल्दी आदतें, कम पोषण वाली डाइट, और मेटल स्ट्रेस जैसे कारणों से डायबिटीज की बीमारी का रिस्क बढ़ सकता है। वहीं, संतुलित और पौष्टिक डाइट लेने, हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने और कसरत करने से डायबिटीज से बचा तो जा सकता है लेकिन, ज्यादातर लोगों के लिए ये सब कर पाना आसान नहीं होता। ऐसे में योग को डायबिटीज मैनेजमेंट के लिए एक अच्छे और असरदार ऑप्शन के तौर पर देखा जा सकता है।
एक्सपर्ट का कहना है कि, कई स्टडीज में यह साबित हो चुका है कि योग करने से नर्वस सिस्टम, हार्मोनल सिस्टम और हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली या इम्यून सिस्टम पर सकारात्मक असर पड़ता है और इन सबकी मदद से डायबिटीज को मैनेज करनेमें भी मदद होती है। योगासनों का अभ्यास करके आपके शरीर की कार्यप्रणालियां बेहतर तरीके से काम करती है और इससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ने या डायबिटीज से जुड़ी अन्य परेशानियों के बढ़ने का रिस्क भी कम होता है।
डायबिटीज में पैंक्रिया को सक्रिय करना महत्वपूर्ण है क्योंकि, यह वह अंग है जो इंसुलिन बनाने और ग्लूकोज के सही इस्तेमाल में मदद कर सकता है। इसीलिए, आपको ऐसे योग आसनों का अभ्यास करना चाहिए जिनसे पैंक्रियाज़ पर बेहतर असर पड़ता है-