चोट लगने के बाद शिल्पा शेट्टी ने किया सूर्य नमस्कार, इंजरी के बाद एक्सरसाइज करते समय ना करें ये मिस्टेक्स

यहां पढ़ें ऐसी सावधानियों के बारे में जो चोट लगने के बाद दोबारा एक्सरसाइज शुरू करने पर लोगों को अपने ध्यान में रखती चाहिए।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : November 9, 2022 11:39 PM IST

Exercising post injury: अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी जो योग आसनों (Shilpa Shetty Yoga) के लिए अपने प्यार और फिटनेस टिप्स के लिए जानी जाती है वह पिछले कुछ दिनों से एक्सरसाइज नहीं कर पा रहीं थीं। दरअसल, शिल्पा शेट्टी को कुछ समय पहले एक फिल्म की शूटिंग के दौरान चोट (Shilpa Shetty Injury) लग गयी थी जिसके बाद शिल्पा शेट्टी को इसी वजह से लगभग  3 महीनों तक व्हील-चेयर ( Shilpa Shetty on wheal chair) पर भी रहना पड़ा। हालांकि, इस दौरान जब भी उन्हें बेहतर महसूस हुआ शिल्पा ने वर्कआउट (Shilpa Shetty Workout) करने और योगाभ्यास करने की थोड़ी-बहुत कोशिश की।

वहीं, कुछ दिनों पहले शिल्पा शेट्टीने सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) किया और इसका वीडियो अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया। वीडियो (Shipa Shetty Yoga Video) में शिल्पा शेट्टी चोट के बाद पहली बार सूर्य नमस्कार करते दिखीं। इस वीडियो के साथ उन्होंने कुछ मोटिवेशनल संदेश भी लिखे और लोगों को फिटनेस के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया। ( Shilpa Shetty doing Surya Namaskar post injury in Hindi)

चोट या सर्जरी के बाद कब करनी चाहिए एक्सरसाइज ? (When should one start exercising after injury)

कई बार वर्कआउट करते हुए लोगों को हल्की-फुल्की चोट लग जाती है। वहीं, अन्य कारणों से भी चोट लगने के बाद मसल्स और हड्डियों को रिकवरी के लिए पर्याप्त समय तक आराम करने और उसके बाद ही वर्कआउट करने की सलाह दी जाती है। लेकिन, किसी भी प्रकार की इंजरी के बाद वर्कआउट (working out post injury)  करने या कसरत करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण है। यहां इस लेख में हम उन्हीं सावधानियों के बारे में लिख रहे हैं जो चोट लगने के बाद दोबारा एक्सरसाइज शुरू करने पर लोगों को अपने ध्यान में रखती चाहिए। इससे आपको दोबारा चोट लगने या मसल्स को नुकसान (damaged muscles) पहुंचने से रोकने में सहायता होती है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार, किसी भी तरह की कसरत या वर्कआउट की शुरूआत से पहले इस बात का ध्यान रखें कि आपको अपने डॉक्टर और फिटनेस ट्रेनर से पहले इस बारे में चर्चा करनी चाहिए। आपकी प्राथमिकता पूरी तरह स्वस्थ बनना ही होना चाहिए। रिकवरी पीरियड में जितना हो सके आराम करें और अपनी बॉडी को अन्य चैलेंजेस के लिए तैयार करना चाहिए। इससे आपको जल्द ठीक होने और जल्द एक्सरसाइज स्टार्ट करने में मदद होगी।

सभी जरूरी टेस्ट और चेकअप्स कराएं।

किसी भी प्रकार की चोट लगने के बाद सबसे पहले सभी जरूरी टेस्ट कराएं और शरीर में हुए डैमेज के बारे में जानकारी इकट्ठा करें। डॉक्टर की मदद से रिकवरी प्लान तैयार करें और उसे फॉलो करें। अलग-अलग तरह के वर्कआउट, स्पोर्ट एक्टिविटीज और अन्य प्रकार की शारीरिक मेहनत के लिए शरीर को अलग-अलग तरह से तैयार करना पड़ता है। जैसे खिलाड़ियों या एथलीट्स को अन्य लोगों की तुलना में कम मेहनत करनी पड़ सकती है और इसीलिए उन्हें अपनी शरीर को उसी हिसाब से तैयार करना पड़ सकता है। (do all tests and checkups before exercising after injury)

जल्दबाजी ना करें

आमतौर पर कंधे में चोट लगने पर 2-3 सप्ताह के आराम की सलाह दी जाती है वहीं पैरों को ठीक होने में 2-3 महीने का भी समय लग सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार लोगों को डॉक्टर द्वारा बतायी गयी अवधि तक आराम करना ही चाहिए, और उसके बाद उन्हें वर्कआउट के बारे में सोचना चाहिए। हालांकि, कसरत करने से पहले डॉक्टर से बात करना जरूरी है। क्योंकि, कई बार लोगों को बताए गए समय से दोगुने समय तक भी आराम करने की जरूरत पड़ सकती है । इसीलिए,जल्दबाजी ना करें और पूरी तरह ठीक होने के बाद ही एक्सरसाइज करें।

छोटे-छोटे गोल्स बनाएं

चोट के बाद एक्सरसाइज शुरू करते समय अचानक से हाई इंटेसिंटी वर्कआउट करने या बहुत अधिक मेहनत करने से बचें। अपने शरीर के साथ जबरदस्ती ना करें और अपनी सुविधा के अनुसार, ही एक्सरसाइज की शुरूआत करें। जब आप एक्सरसाइज करने का तय करें तो धीरे-धीरे अपनी एक्सरसाइज की स्पीड बढ़ाएं। अचानक से मुश्किल एक्सरसाइज करने की बजाय स्ट्रेचिंग (stretching) और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (strength training) जैसी एक्सरसाइजेस करें।

फ्लेक्सिबिलिटी पर ध्यान दें और धीरे-धीरे अपने मोशन को बढ़ाए। इसके लिए पिलाटे (Pilates) और योग (yoga ) का अभ्यास करें। इसके अलावा फ्लेक्सिबिलिटी ट्रेनिंग (flexibility training) और डायनामिक स्ट्रेचिंग ट्राई कर सकते हैं। फ्लेक्सिबिलिटी के लिए बॉडी वेट एक्सरसाइज (bodyweight) और बैंड एक्सरसाइज (band exercises), केबल मशीन (cable machines) या लाइट वेट्स (light weights) की प्रैक्टिस करें।

वेट ट्रेनिंग करते समय इस बात का ध्यान रखें कि आपके शरीर पर अधिक बार ना पड़े और जब आपको सुविधा हो तो उस हिसाब से वजन बढ़ाते जाएं।

दर्द होने पर ना करें नजरअंदाज ( Don’t ignore pain)

कई बार चोट लगने के बाद जब एक्सरसाइज करनी पड़ें तो लोगों को मेहनत करने में मजा आता है और इसीलिए, कई बार दर्द या तकलीफ होने पर भी उसकी तरफ ध्यान नहीं देते। लेकिन, डॉक्टरों और फिटनेस एक्सपर्ट्स के अनुसार किसी भी प्रकार की चोट लगने के बाद जब कोई व्यक्ति एक्सरसाइज करते हैं तो ऐसे में दर्द पर ध्यान दें। जैसे ही तकलीफ या असुविधा हो आप एक्सरसाइज करना बंद कर दें। दर्द और तकलीफ को कम करने के लिए एक्सरसाइज से ब्रेक लें और आराम करें। (what to do when feel pain or discomfort during exercise)

पहले करें घर के छोटे-छोटे काम

एक्सपर्ट्स की मानें तो एक्सरसाइज करने से पहले अपने शरीर को नॉर्मल फंक्शन के लिए तैयार करें। रोजमर्रा के हल्के-फुल्के काम करें और घर के कामों में मदद करें। इस बात पर ध्यान दें कि सीढ़ियां चढ़ते-उतरते समय आपके पैरों या घुटनों में दर्द हो या पैर साधारण तरीके से उठाने में दिक्कत हो तो कुछ दिन और आराम करें। वॉक करते समय दर्द जब तक महसूस होता रहे तब तक दौड़ लगाने या कोई एक्सरसाइज करने से बचें।

अपनी पसंद की एक्सरसाइज करने से पहले करें ये काम

ऐसी एक्सरसाइजेस और एक्टिविटीज करें जो आपको पसंद हों। लेकिन, ऐसा करने से पहले खुद के दर्द और तकलीफ को कम होने दें। किसी भी खेल को खेलते समय या पहली बार एक्सरसाइज करते समय ध्यान दें कि आपको शरीर के किस हिस्से में तकलीफ हो रही है।

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