Breast Cancer के खतरे से बचने के लिए खाएं तिल

ब्रेस्ट कैंसर से बचने के लिए रोज़ खाएं सेसमी सीड्स या तिल के दाने।

WrittenBy

Written By: Editorial Team | Published : October 26, 2017 11:05 AM IST

भारतीय भोजन में कई सुपर फूड्स शामिल हैं जैसे- हल्दी, जीरा, नारियल तेल, फ्लैक्सीड और सहजन या ड्रमस्टिक या मोरिंगा। तिल या सेसमी भारत में रोज़ाना खाये जाने वाले सुपरफूड्स में से एक है। हमारे समृद्ध आहार की ही वजह से, भारत में कैंसर के मामले पश्चिमी देशों की तुलना में बहुत कम हैं। तिल के बीज में कैंसर से लड़ने वाले विशेष और अद्भुत गुण होते हैं, जो इसे सबसे अच्छे एंटी-कैंसर खाद्य पदार्थों में से एक बनाते हैं।

तिल कैंसर को कैसे रोकता है?

तिल के बीज में एक प्रकार का पॉलिफेनॉल होता है जिसे लिंगनन (lingnans) कहा जाता है। जब हम इसे खाते हैं, तो आंतों के बैक्टीरिया ने ममैलीअन लिंगनन बनाते हैं। इन्हें एंटरोडायोल (enterodiol) और एंटरलेक्टोन(enterolactone) कहते हैं। ये लिंगन अपने फाइटोस्ट्रोजेनिक (phytoestrogenic) और एंटीऑक्सिडेंट गुणों के लिए जाने जाते हैं।

ममैलीअन लिंगन में शक्तिशाली, कैंसरविरोधी गुण होते हैं। उनकी रासायनिक संरचना एस्ट्रोजेन्स जैसी ही होती है इसलिए वे शरीर में एस्ट्रोजेन रिसेप्टर्स को बांध सकते हैं, और इससे ब्रेस्ट कैंसर जैसी खतरनाक हार्मोन संबंधित बीमारियों का खतरा कम हो सकता है।

फ्लैक्सीड के अलावा, तिल के बीजों में भी विशेष रूप से लाभकारी ममैलीअन लैंगनान होते हैं जिन्हें सेसमीन (sesamin) कहा जाता है, ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े कई रिसर्च में इसपर भी खोजबीन हुई है। लिंगनान ब्रेस्ट कैंसर कोशिकाओं के विस्तार को रोकने और ब्रेस्ट के लिए कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए जाना जाता है। यह कैंसर कोशिकाओं और ट्यूमर को खून की सप्लाई रोककर उन्हें बढ़ने से रोकता है।1

2015 में एक स्टडी की गयी जिसमें मानव ब्रेस्ट कैंसर एमसीएफ-7 (mcf-7) सेल्स और  सेसमिन के सेल डेथ और सेल साइकल पर प्रभाव के बारे में जांच की गयी। अध्ययन में निष्कर्ष निकाला गया कि तिल वाले दैनिक आहार के माध्यम से सेसमिन शरीर में पहुंचकर कैंसर सेल्स के विकास को रोकता है। यही नहीं जब सुपरफूड माने जाने वाले फ्लैक्सीड से सेसमी की तुलना में की गयी, तो ट्यूमर के आकार को कम करने में तिल अधिक प्रभावी साबित हुआ।3

सेसमी को भोजन में शामिल कैसे करें?

तिल के बीजों को भुनकर खाया जा सकता है। इसी तरह इसे सलाद जैसी चीज़ों की सजावट के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। लड्डू और चिक्की जैसी कई भारतीय चीज़ों में तिल का उपयोग किया जाता हैं। तिल का तेल स्वादिष्ट होता है; इसका उपयोग रिफाइंड ऑयल की जगह पर भी किया जा सकता है। आप अपने खाने में ताहिनी सॉस भी शामिल कर सकते हैं जो तिल से बनता है।

Read this in English.

अनुवादक: Sadhna Tiwari

चित्रस्रोत : Shutterstock Images.

संदर्भ :

  1. Coulman, K. D., Liu, Z., Hum, W. Q., Michaelides, J., & Thompson, L. U. (2005). Whole sesame seed is as rich a source of mammalian lignan precursors as whole flaxseed. Nutrition and cancer, 52(2), 156-165.
  2. Siao, A. C., Hou, C. W., Kao, Y. H., & Jeng, K. C. (2015). Effect of sesamin on apoptosis and cell cycle arrest in human breast cancer mcf-7 cells. Asian Pac J Cancer Prev, 16(9), 3779-83.
  3. Truan, J. S., Chen, J. M., & Thompson, L. U. (2012). Comparative effects of sesame seed lignan and flaxseed lignan in reducing the growth of human breast tumors (MCF-7) at high levels of circulating estrogen in athymic mice. Nutrition and cancer, 64(1), 65-71.

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source