Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
डोपामाइन (Dopamine) एक न्यूरोट्रांसमिटर है। इसे फील-गुड हार्मोन भी कहते हैं जो हमारे मूड को अच्छा बनाए रखने, खुशी महसूस कराने वाले और भावनात्मक संतुष्टि के लिए काफी मददगार हैं। खुश रहने के लिए हमारे शरीर में उत्पन्न होने वाले केमिकल्स और हार्मोन्स की भी भूमिका होती है। डोपामाइन (Dopamine) भी ऐसा ही एक केमिकल है। डोपामाइन की कमी (Dopamine Hormones ) के कारण पार्किंसन्स डिज़िज़ भी हो जाती है। जो आगे चलकर डिप्रेशन जैसी बीमारियों के लिए संभावनाएं भी बढ़ा देती है। इसीलिए शरीर में डोपामाइन का स्तर बढ़ाना मददगार साबित हो सकता है।
जहां ग्रीन टी सेहत के लिए कई लिहाज से फायदेमंद मानी जाती हैं, वहीं एक फायदा है कि यह सेरोटोनिन (serotonin) का स्तर बढ़ाने में मदद करती है। यह एक न्यूरोट्रांसमिटर है जो दिमाग में डोपामाइन का स्तर बढ़ाने में मदद करता है, और आपको खुशहाल महसूस कराता है।
भारतीय रसोइयों में जहां हल्दी काफी ज़्यादा इस्तेमाल होती है वहीं यह एक औषधि के रूप में भी पसंद की जाती है। कुछ स्टडीज़ में यह बात कही गयी है कि रोज़ाना 10-80 मिग्रा हल्दी का सेवन करने से सेरोटोनिन और डोपामाइन के स्तर में बढ़ोतरी होती है। इसीलिए सुस्ती, थकान या डिप्रेशन जैसी चीज़ों से निपटने के लिए अपने भोजन में हल्दी की मात्रा बढ़ा दें।
कम्फर्ट फूड के नाम से जाने जाना वाला केला भी डोपामाइन के स्तर को बढ़ाने का काम करता है। रोज़ाना केला खाने से मूड बेहतर रहता है और लोग खुशहाल महसूस करते हैं। साथ ही केले में एंटी-ऑक्सिडेटिव तत्व भी होते हैं, जो तनाव कम करते हैं।