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Written By: Pallavi Kumari | Published : June 20, 2022 12:49 PM IST
Fertility badhane ke upay: खराब लाइफस्टाइल, स्ट्रेस और डाइट के कारण आज कल फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में बहुत से लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं और इससे बाहर आने के लिए तरह तरह के ट्रीटमेंट और नेचुरल उपायों की मदद ले रहे हैं। लेकिन आपको ये जान कर हैरानी हो सकती है कि फर्टिलिटी (yoga increase fertility) बढ़ाने के उपायों के रूप में योग आपकी मदद कर सकता है। जी हां, नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन द्वारा किए गए शोध में पाया गया है कि योग चिकित्सा शारीरिक प्रणालियों के समग्र एकीकरण में सुधार करके पुरुषों और महिलाओं दोनों में प्रजनन कार्यों में सुधार करती है।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (National Library of Medicine) द्वारा किए शोध की मानें तो, प्रजनन क्षमता बढ़ाने में योग कई प्रकार के काम करता है। ये तनाव को कम करके महिला और पुरुष बांझपन दोनों में सुधार करता है, जो मानसिक स्वास्थ्य में सुधार के साथ शरीर के हार्मोन को लगातार संतुलित करता है। इससे गर्भधारण करने की क्षमता बढ़ती है और शरीर को कई फायदे मिलते हैं। इसके अलावा प्रजनन क्षमता में सुधार के लिए योग कई अन्य तरीकों से भी काम करता है। जैसे कि
-अंडाशय और गर्भाशय को हेल्दी रखता है
-तनाव और चिंता को कम करता है
-हार्मोन को संतुलित करता है
-ब्लड फ्लो और ब्लड सर्कुलेशन को सही करता
-मांसपेशियों को मजबूत करता है
-एंडोक्राइन हार्मोन को उत्तेजित करता है।
सूर्य नमस्कार के फायदे कई हैं। लेकिन फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए ये खास तरीके से काम करता है। ये पहले तो मानसिक शांति पाने में मदद करता है और स्ट्रेस में कमी ला कर नींद को बेहतर बनाता है। दूसरा ये पीरियड्स के पहले और दौरन ऐंठन के प्रबंधन के लिए एक प्रसिद्ध उपाय है और मेनोपॉज के अंत में भी फायदेमंद है। साथ ही ये गर्भाशय को बेहतर बनाने में भी मददगार है। इसके अलावा ये पुरुशों के शरीर में यौन कार्यों में सुधार करता है। यौन ग्रंथियों के खराब होने से संबंधित किसी भी आंतरिक दोष को दूर करता है।
फर्टिलिटी बढ़ाने में बालासन आपकी मदद कर सकता है। ये जहां तनाव दूर करता है वहीं ये प्रजनन अंगों में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है जिससे फर्टिलिटी आसान हो जाती है। साथ ही ये आसन आपकी पीठ, घुटनों, कूल्हों और जांघों की मांसपेशियों को भी फैलाता है और स्टेबिलिटी व स्ट्रेचेबिलिटी बढ़ाता है।
यह आसन आपकी पीठ के निचले हिस्से, कूल्हों और हैमस्ट्रिंग की मांसपेशियों को फैलाता है। यह महिलाओं में प्रजनन क्षमता में सुधार करता है क्योंकि यह मानसिक तनाव को कम करते हुए अंडाशय और पेट जैसे महत्वपूर्ण अंगों को सक्रिय करता है।
पैल्विक एरिया के ब्लड सर्कुलेशन सुधार करने में, स्ट्रेचेबिलिटी बढ़ाने और आपके शुक्राणुओं की गतिशीलता को बढ़ाने में सेतुबंधासन आपकी बहुत मदद करता है। यह योगासन न केवल गर्भधारण के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि गर्भावस्था के दौरान भी उपयोगी है। यह पेट की मांसपेशियों को आराम देते हुए आपके शरीर के कुल्हों को फैलाता है और मां बनने के लिए तैयार करता है।
यह आपकी आंतरिक जांघों, जननांगों, कूल्हे क्षेत्र और घुटनों की मांसपेशियों के लचीलेपन में सुधार करता है। साथ ही ये महिलाओं के पेल्विक एरिया को मजबूत बनाने में भी मददगार है। साथ ही समय आने पर यह सहज और कम दर्दनाक प्रसव में भी मदद कर सकता है। इसलिए फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए इस योग को जरूर करें।