5 लाइफस्टाइल टिप्स जिन्हें डॉक्टर्स खुद भी करते हैं फॉलो

डॉक्टर्स की लाइफ बहुत व्यस्त और हेक्टिक होती है। ऐसे में डॉक्टर्स खुद को फिजिकली और मेंटली फिट और हेल्दी रखने के लिए किस तरह से अपने वर्क-लाइफ बैलेंस को करते हैं मेंटेन, जानें...

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Written By: Anshumala | Updated : July 1, 2020 12:02 PM IST

Work-life balance for Doctors: आजकल कोरोना महामारी के कारण डॉक्टर्स की लाइफ बहुत ज्यादा हेक्टिक, व्यस्त और स्ट्रेसफुल हो गई है। बिना अपनी सेहत की चिंता किए हुए ये रात-दिन कोविड मरीजों का इलाज कर रहे हैं। डॉक्टर्स लोगों को स्वस्थ रहने के तमाम टिप्स और सुझाव देते हैं, लेकिन वो खुद को कैसे हेल्दी और हैप्पी (doctors lifestyle habits) रखते हैं, इसे जानना भी बहुत दिलचस्प है। डॉक्टर्स किस तरह से अपने वर्क-लाइफ को बैलेंस करते हैं? कैसा होता है उनका खानपान? किस तरह से ये अपनी व्यस्त दिनचर्या में से खुद के लिए समय निकालते हैं, (Doctors lifestyle)? हमने जाना  'नेशनल डॉक्टर्स डे 2020' (Doctor’s Day 2020) के उपलक्ष में कुछ डॉक्टर्स से जो अपनी फिटनेस और हेल्थ को लेकर रहते हैं काफी अलर्ट...

5 सुपर लाइफस्टाइल मंत्र जिन्हें डॉक्टर्स करते हैं फॉलो

फिट रहने के लिए सख्त रूटीन और अनुशासन करता हूं मेंटेन

1 फोर्टिस, सी-डीओसी सेंटर ऑफ एक्सेलेंस फॉर डायबिटीज, मेटाबॉलिक डिजीज एंड एंडोक्रिनोलॉजी के चेयरमैन डॉ. अनूप मिश्रा कहते हैं, काम और व्यक्तिगत जीवन के लिए समय निकाल पाऊं और दोनों को सही से बैलेंस कर सकूं, इसके लिए स्ट्रिक्ट रूटीन और अनुशासन को मेंटेन (doctors lifestyle habits) रखता हूं।

2 मैं खुद को मेंटेन और हेल्दी रखने के लिए हर दिन एक्सरसाइज (Healthy Habits of Successful Doctors) करता हूं। इससे स्पष्ट और सकारात्मक सोच एवं विचारों को पाना आसान होता है।

3 घर से बाहर एक्सरसाइज करने के दौरान गाने सुनता हूं और अपने पूरे दिन की योजनाएं भी साथ में बनाता रहता हूं।

4  मैं अपने हॉस्पिटल के सभी काम को कुछ इस तरह से मैनेज करने की कोशिश करता हूं, ताकि समय में उन्हें पूरा करके अपने घर जा सकूं। परिवार को अधिक समय दे सकूं।

5 शाम के समय मैं घर पर सिर्फ रिलैक्स करता हूं। इस दौरान कोई भी फोन कॉल अटेंड नहीं करता।

ब्लड शुगर लेवल मेंटेन करने के लिए 5 टिप्स

डॉ. अनूप मिश्रा कहते हैं, मैं सिर्फ शुगर लेवल ही नहीं ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने और हार्ट हेल्थ पर भी ध्यान देता हूं। मैं हेल्दी रहने के लिए कुछ खास रूल फॉलो करता हूं और चाहता हूं कि सभी लोग इन बातों को जरूर फॉलों करें, ताकि वो डायबिटीज, हार्ट डिजीज, हाइपरटेंशन आदि से बचे रहें। ये टिप्स उन लोगों के लिए भी फायदेमंद हो सकते हैं, जो इन रोगों से ग्रस्त हैं।

1 मैं प्रत्येक सप्ताह 300-350 मिनट एरोबिक एक्सरसाइज करता हूं। मैं और मेरे एक्सरसाइज के बीच कोई नहीं आ सकता।

2 जब मैं मरीजों को देखता हूं, तो मैं एक्टिव रहने की कोशिश करता हूं और सारा दिन (Doctor Lifestyle Habits) चलने-फिरने की कोशिश करता हूं।

3 अपने भोजन में प्रोटीन, सब्जियां, फलों, सलाद को अधिक मात्रा में शामिल करता हूं। खानपान में बैलेंस को बनाए रखने की कोशिश करता हूं।

4 खाने-पीने और सोने के लिए सख्त अनुशासन और रूटीन फॉलो करता हूं।

5 साल में दो बार अपना हेल्थ चेकअप करवाता हूं।

चिंता कभी नहीं करता

पीएसआरआई हार्ट इंस्टीट्यूट (दिल्ली) के चेयरमैन और कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. टी एस क्लेर कहते हैं कि जीवन में समस्याएं कभी भी आ सकती हैं। इन समस्याओं से घबराना नहीं चाहिए। चिंता करना सही नहीं है। जब आप किसी काम को लेकर चिंता करने लगते हैं, तो इसका साइकोलॉजिकल इफेक्ट होता है। चिंता करने से परफॉर्मेंस पर असर पड़ता है। आपके निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है। जिंदगी में चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों और समस्याएं कोई भी हों, जब आप चिंता किए बिना कोई काम करते हैं, तो आप आसानी से निर्णय ले पाते हैं। कोविड-19 के दौरान इसी तरह के एटिट्यूट को मैंने अपनाया है। कोविड पैनडेमिक हर किसी के लिए एक चैलेंज है, फिर चाहे सोसायटी हो, लोग हों या फिर मेडिकल प्रोफेशनल्स।

डॉक्टर्स को बिना डरे इस संक्रामक रोग से लड़ना है और लोगों की जान बचानी है। मैं इस प्रोफेशन में हूं तो मानकर चलता हूं कि मुझे कोविड हो सकता है, लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि मैं अपनी ड्यूटी नहीं निभाऊंगा। जहां तक मेरे हेल्दी और फिट रहने की बात है, तो मैं इन पांच नियम को फॉलो करता हूं...

1 हेल्दी डाइट लेता हूं। हरी सब्जियां और फल अधिक खाता हूं।

2 प्रतिदिन योग, पुश-अप्स, साइकलिंग, वॉकिंग, मेडिटेशन करता हूं। हर किसी को प्रत्येक दिन एक घंटा जरूर फिजिकल एक्सरसाइज करनी चाहिए। (Doctor Lifestyle Habits)

3 पॉजिटिव एटीट्यूड रखता हूं। जिंदगी में किसी चीज को लेकर डरना नहीं चाहिए। ये नहीं सोचना चाहिए कि कोविड-19 हो जाएगा, मैं मर जाऊंगा। सावधानी बरतेंगे, तो कुछ नहीं होगा। साकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ना चाहिए।

4 स्मोकिंग, एल्कोहल का सेवन नहीं करता हूं। मेरे घर में स्मोकिंग पूरी तरह से प्रतिबंधित है।

5 प्रतिदिन सुबह 5 बजे उठ जाता हूं। दिल को हेल्दी रखने के लिए हर दिन 10 किलोमीटर वॉक करता हूं।

खुद को फिट रखूंगा तो ही पेशेंट का रख पाऊंगा ख्याल

1 अपोलो हॉस्पिटल (दिल्ली) के पल्मोनोलॉजी एंड क्रिटिकल केयर डॉ. निखिल मोदी कहते हैं कि स्थिति चाहे जो भी हो काम सबसे पहले आता है। मैं हमेशा यही कोशिश करता हूं कि मेरी वजह से किसी मरीज को कोई परेशानी ना हो। जब तक ड्यूटी पर होता हूं, उनके पास, उनके लिए हमेशा मौजूद रहने की कोशिश करता हूं। साथ ही परिवार को भी उतना ही समय और महत्व देता हूं। हॉस्पिटल में स्ट्रेस लेवल अधिक होता है, तो परिवार के साथ रहकर आप अपने स्ट्रेस लेवल को कम कर सकते हैं। मैं एक टाइम अपने मरीज के लिए और एक टाइम परिवार के लिए रखता हूं।

2 फिट और हेल्दी रहने के लिए सुबह मैं हेल्दी नाश्ता लेता हूं। संतुलित आहार लेता हूं। हेल्दी डायट इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि हमें हॉस्पिटल में रहकर इंफेक्टेड लोगों का इलाज करना होता है। ऐसे में खुद को फिट और स्ट्रॉन्ग रखने के लिए हेल्दी व बैलेंस डायट लेना बहुत जरूरी है, ताकि हम स्वस्थ रहकर अपने पेशेंट की देखभाल कर सकें।

3 सुबह में थोड़ी देर योग या ब्रिस्क वॉक करने के लिए समय निकालता हूं।

4 फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए स्मोकिंग और प्रदूषण से दूर रहता हूं। दूसरों को भी यही सलाह देता हूं। इसके साथ हेल्दी डायट के जरिए भी लंग्स को हेल्दी रखा जा सकता है। डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज भी हेल्दी लंग्स के लिए जरूरी है।

5 मैं घर जाता हूं, तो जूतों को बाहर निकाल देता हूं। सबसे पहले नहाता हूं। कपड़ों को गर्म पानी में साफ करने के लिए डाल देता हूं। एक अलग रूम में रहता हूं।

जब डॉक्टर से मिलें तो इस तरह पूछें अपनी सेहत और बीमारी से जुड़े सवाल

हल्दी वाला दूध पीता हूं

1 राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल के प्रोफेसर मेडिसिन, फिजिशियन डॉ. पुलिन कुमार गुप्ता कहते हैं, मैं खुद को हेल्दी रखने के लिए अपनी डायट में प्रोटीन को अधिक शामिल करता हूं। इसके लिए नॉनवेज, उबला हुआ अंडा, सोयाबीन, पनीर लेता हूं। दूध में दो चम्मच हल्दी डालकर पीता हूं। पानी खूब पीता हूं। आम का मौसम है, तो आम खूब खाता हूं। अपने खानपान में फैट बिल्कुल भी शामिल नहीं करता हूं। दिन में 20 ग्राम बादाम जरूर खाता हूं।

2 एल्कोहल का सेवन ना के बराबर करता हूं।

3 शाम में 45 मिनट तक ट्रेडमिल और एक्सरसाइज करता हूं। हॉस्पिटल में भी लंच टाइम पर आधा घंटा निकालकर टेबल टेनिस खेल लेता हूं।

4 आजकल कोविड वॉर्ड में ड्यूटी लगने के कारण हॉस्पिटल से घर आने का कोई फिक्स समय नहीं, लेकिन 7-8 बजे तक वापस आने की कोशिश करता हूं। घर आकर अपने बच्चों के साथ समय व्यतीत करता हूं। उनके साथ इंडोर गेम खेलता हूं। उनसे बातें करता हूं। इस तरह से मूड फ्रेश होता है। दिन भर की थकान और स्ट्रेस दूर होती है। आप रिलैक्स महसूस करते हैं।

5 जब मैं हॉस्पिटल से घर आता हूं, तो जूते बाहर उतार देता हूं। उसके बाद नहाता हूं। हॉस्पिटल के साथ-साथ घर पर भी हैंड सैनिटाइजेशन का पूरा ख्याल रखता हूं।

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