
... Read More
Written By: Anshumala | Published : October 4, 2018 11:58 AM IST
आयुर्वेद में कहा गया है कि दिन की शुरुआत सूर्योदय से पहले या साथ में करें। © Shutterstock
यह तो आपने अक्सर सुना होगा कि दिन की अच्छी शुरुआत करने के लिए भरपूर नींद लेना बेहद जरूरी है क्योंकि नींद पूरी न होने पर दिन भर आलस और थकान सा महसूस होता है। सिर भारी-भारी लगता है या सिर में दर्द रहता है। ऐसी स्थिति में आप कोई काम भी ठीक ढंग से नहीं कर पाएंगे। कई बार ऐसा भी होता है कि पर्याप्त नींद पूरी करने के बाद भी सुस्ती आती रहती है। ऊर्जा की कमी महसूस होती है। हो सकता है आप उन महत्वपूर्ण गतिविधियों को अपनी दिनचर्या में शामिल नहीं करते हों, जिसकी वजह से आपको सुस्ती, थकान महसूस होती है। आयुर्वेद के अनुसार, ऐसी कई गतिविधियां और पारंपरिक तरीके हैं, जिसे अपनाकर आप दिन की स्वस्थ, अच्छी और खुशनुमा शुरुआत कर सकते हैं।
डिप्रेशन होगा दूर, जब अपनाएंगे ये आयुर्वेदिक उपचार
जल्दी उठें- यदि आप सुबह नौ बजे तक सोते रहते हैं, तो अपनी इस आदत को बदल डालें। देर रात सोने और सुबह देर से जागने के कारण आप अपने शरीर को बीमार कर रहे हैं। आयुर्वेद में कहा गया है कि दिन की शुरुआत सूर्योदय से पहले या साथ में करें। तभी आप दिनभर तरोताजा महसूस करेंगे। सुबह की ताजी और शीतल हवा तन-मन को स्फूर्ति देती है। आयुर्वेद में जल्दी उठने वालों को वात कहा जाता है। करेंगे नंगे पांव योग, तो होंगे ये 5 लाभ
फ्रेश हो जाएं- सुबह उठते ही टीवी देखने न बैठ जाएं और न ही बिना फ्रेश हुए चाय पिएं। सबसे पहले नित्यकर्मों को पूरा करें। यदि आप जल्दी सोएंगे तो शरीर भी सामान्य तरीके से कार्य करेगा। शरीर में एकत्रित हुए टॉक्सिक पदार्थ जब तक बाहर नहीं निकलते, पेट साफ नहीं होता तब तक पाचन प्रणाली की सही शुरुआत नहीं होगी। नाक, दांत, जीभ, आंख, चेहरा सभी को अच्छी तरह से साफ करें। नाक को ठीक से साफ करने से शरीर में ऑक्सीजन सही ढंग से प्रवेश करता है और नाड़ी भी साफ होता है। नाक नाड़ियों का रास्ता होता है। जीभ की सही सफाई यानी अनगिनत बैक्टीरियाओं का नाश।
जूस या स्मूदीज, जानें क्या है सेहत के लिए अधिक फायदेमंद
योग को बनाएं साथी- सुबह का नाश्ता करने से पहले व्यायाम या योग नियमित रूप से करें। बेहतर होगा कि सूर्य नमस्कार और प्राणायाम करें। इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और रक्त संचार भी बढ़ता है। गार्डन, छत पर सुबह की तरोताजा हवा में 5 से 10 मिनट तक लंबी-लंबी सांसें लेंने से सांस संबंधी शिकायत भी दूर होती है। फेफड़ों को पूरी तरह खोलने, शुद्ध हवा लेने और भरपूर ऑक्सीजन ग्रहण करने के लिए कुछ देर गहरी सांस लें और ध्यान लगाएं।
प्रेगनेंसी में फिट रहने के लिए करें एक्सरसाइज, लेकिन जरा संभलकर
पौष्टिक हो नाश्ता- आयुर्वेद के अनुसार सुबह का नाश्ता अच्छी तरह से करना चाहिए। सुबह शरीर के मेटाबॉलिज्म का स्तर उच्च होता है इसलिए आप जब स्वास्थ्यवर्द्धक खाद्य पदार्थ खाते हैं, तब वह पूरी तरह से ऊर्जा में परिवर्तित हो जाता है, जिसके कारण आप सारा दिन ऊर्जायुक्त रहकर काम कर पाते हैं। अगर सुबह नाश्ता न किया जाए तो एकाग्रता में कमी आने लगती है।
चाय की बजाय नींबू-पानी- सुबह उठते ही चाय न पिएं। बेहतर यही होगा कि व्यायाम या योगा करने के बाद नींबू-पानी लें। इससे शरीर में विटामिन सी की मात्रा की पूर्ति होगी और शरीर की अंदरुनी सफाई भी हो जाएगा। आप चाहें तो नींबू-पानी में एक चम्मच शहद भी मिला सकते हैं। यह दिन भर ताजगी देता है और सेहत को ठीक भी रखता है। नींबू में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स त्वचा की कोशिकाओं को भी सुरक्षित रखते हैं।
मसाज है जरूरी- अभयंग मसाज एक प्रकार का आयुर्वेदिक मसाज है। अभयंग मसाज से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य में लाभ होता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। रक्त संचार ठीक होता है। जोड़ों में नमी पहुंचती है, टॉक्सिक पदार्थ शरीर से बाहर जाते हैं, अनिद्रा की समस्या नहीं होती है और स्वाभाविक नींद आती है। पूरे दिन शरीर ऊर्जावान रहता है।