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Written By: Atul Modi | Published : March 1, 2024 5:16 PM IST
लाइफस्टाइल, टेंशन, ज्यादा काम, अनहेल्दी फूड जैसे कई कारणों से लोगों के दिल की सेहत दिनों दिन खराब हो रही है। वे कम उम्र में ही हार्ट डिजीज के शिकार हो रहे हैं। हालांकि सही खान पान के साथ नियमित वर्कआउट करके आप अपने हार्ट को सेहतमंद रख सकते हैं। वर्कआउट करने से आपके हार्ट की मांसपेशियां मजबूत होंगी, उसमें ब्लड सर्कुलेशन सुधरेगा, जिससे हार्ट आसानी से अपना काम कर पाएगा। अगर आप भी चाहते हैं कि आपका हार्ट बीमारियों से बचा रहे तो एक्सरसाइज के कुछ तरीकों का पालन करना आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है।
एरोबिक एक्सरसाइज आपके दिल के साथ ही फेफड़ों की सेहत के लिए भी फायदेमंद है। वॉकिंग, जॉगिंग, रनिंग, साइकलिंग, स्विमिंग आदि को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम तेज एरोबिक एक्सरसाइज करें। अगर आपके पास समय की कमी है तो 75 मिनट तेज एक्सरसाइज करें। इससे आपकी ताकत भी बढ़ेगी और ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल रहेगा।
अगर आप एक्सरसाइज को अपने रूटीन में शामिल कर रहे हैं तो हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग को इसमें जरूर शामिल करें। इससे आपको एक्सरसाइज का दोगुना फायदा मिलेगा। यह तेज और धीमी एक्सरसाइज के बीच बैलेंस बनाने की कला है। इससे आपका दिल सेहतमंद रहता है, कैलोरी ज्यादा बर्न होगी और इंसुलिन सेंसिटिविटी भी बेहतर होगी।
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग आपके दिल के साथ ही पूरी सेहत के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए वीक में कम से कम दो दिन आप वेटलिफ्टिंग, रेजिस्टेंस बैंड एक्सरसाइज जैसी एक्सरसाइज जरूर करें। इससे आपकी मांसपेशियों की ताकत बढ़ेगी, मेटाबॉलिज्म में सुधार होगा और दिल भी स्वस्थ रहेगा।
बहुत से लोग एक्सरसाइज में वार्म अप और कूल डाउन को महत्व नहीं देते, लेकिन ये दोनों ही आपके लिए जरूरी है। एक्सरसाइज शुरू करने से पहले कम से कम 5 से 10 मिनट हल्का एरोबिक करके वार्म अप करें। धीरे-धीरे इसे कम करें और फिर 5 से 10 मिनट स्ट्रेचिंग करके कूल डाउन करें। ये आपके शरीर को एक्सरसाइज करने के लिए तैयार करते हैं।
फ्लेक्सिबिलिटी ट्रेनिंग आपके दिल को रिलेक्स करके, उसे सही तरीके से काम करने की ताकत देती है। इससे आपको थकान कम होती है, मांसपेशियां लचीली होती हैं। ये आपकी रिकवरी की स्पीड को बढ़ा देती हैं। इसलिए स्ट्रेचिंग, योग, डांस जैसी फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने वाली एक्सरसाइज जरूर करें।
लंबे समय तक एक जैसी एक्सरसाइज करने से आप ही नहीं आपका शरीर भी ऊब जाता है। कई बार इसके कारण आपको एक्सरसाइज के रिजल्ट भी अच्छे नहीं मिलते। इसलिए अपनी एक्सरसाइज में बदलाव करते रहें। कभी स्विमिंग करें तो कभी रनिंग, कभी ट्रेकिंग पर जाएं तो कभी जुंबा करें। इससे आप और आपका दिल दोनों फिट रहेंगे।
कार्डियोवस्कुलर वर्कआउट और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का कॉम्बो है सर्किट ट्रेनिंग। जब ये दोनों एक्सरसाइज एक साथ मिल जाती हैं तो दोगुनी तेजी से अपना असर दिखाती हैं। इसमें शरीर की विभिन्न मांसपेशियों को ताकत देने के लिए कम ब्रेक लिए विभिन्न एक्सरसाइज की जाती हैं। ये आपकी फिटनेस और स्ट्रेंथ दोनों बढ़ाती हैं।