
... Read More
Written By: Atul Modi | Published : April 9, 2021 6:23 PM IST
आयुष मंत्रालय ने भ्रामरी प्राणायाम करने की दी सलाह...
कोरोना महामारी (Covid Pandemic) के दौरान लोगों में भावनात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। अधिकांश लोगों में तनाव, अवसाद, गुस्सा और आलसपन की समस्या देखने को मिल रहा है। ऐसे में खुद को स्वस्थ रखना एक बड़ी चुनौती है। इसके लिए जरूरी है कि आप खुद को एक्टिव रखें और नियमित रूप से हल्के योग और प्राणायाम का अभ्यास करते रहें, ताकि शारीरिक और मानसिक रूप से आप स्वस्थ रह सकें और जीवन में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए खुद को तैयार रखें।
दरअसल लोगों की भावनात्मक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day 2021) को अभी से ही सेलिब्रेट कर रहा है। इसके तहत सोशल मीडिया के माध्यम से आयुष मंत्रालय अपने फॉलोअर्स के लिए रोजाना एक नए योग और प्राणायाम की जानकारी दे रहा है ताकि लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाया जा सके। इसी क्रम में आयुष मंत्रालय ने भ्रामरी प्राणायाम (Bhramari Pranayama) के बारे में बताया है जिसको करने के कई फायदे भी बताए हैं, आइए जानते हैं।
73 days left for #InternationalDayofYoga (IDY) 2021!
Incorporate #Yoga into your daily life to alleviate anger, stress and anxiety. Bhramari Pranayama (Bhramari Recaka) of Common Yoga Protocol helps relieve stress, anxiety, anger and hyperactivity. pic.twitter.com/MflrxIdUYj — Ministry of AYUSH (@moayush) April 9, 2021
भ्रामरी प्राणायाम एक ब्रीदिंग टेक्निक है जिसके माध्यम से मन और मस्तिष्क को शांति मिलती है। भ्रामरी प्राणायाम को नियमित रूप से करने पर निराशा, चिंता, क्रोध और काम में मन ना लगना जैसी समस्याओं से निजात मिलती है। जब आप भ्रामरी प्राणायाम करते हैं तो इसमें भंवरे के गूंजने की आवाज निकलती है। जो आपके नर्वस सिस्टम को हील करता है, यह याददाश्त को बढ़ाने के लिए भी जाना जाता है। भ्रामरी प्राणायाम करना बहुत ही आसान है।
-भ्रामरी प्राणायाम करने के लिए सबसे पहले अपने हाथों की उंगलियों से अपने कान और आंखों को बंद करें और गले के माध्यम से ‘म’ ध्वनि का उच्चारण करें।
-जिन लोगों को सर्वाइकल से जुड़ी परेशानी है और सीनियर सिटीजन कंधों के दर्द होने पर पर इसे रुक-रुककर कर सकते हैं।