हरी घास पर चलने से होते हैं ये 5 फायदे।

केवल हरी घास पर चलकर बनें निरोगी और स्ट्रॉंन्ग।

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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 4:35 PM IST

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अनुवादक -Sadhna Tiwari

ऐसा माना जाता है कि सुबह-शाम घास पर चलना सेहत के लिए अच्छा होता है, खासकर हमारी आंखों के लिए। लेकिन क्या आपने जानते हैं क्यों। चलिए हम बताते हैं आपको वो 5 फायदे जो केवल हरी घास पर चलने से आपके दिमाग और शरीर को प्राप्त होते हैं।

शांति की अनुभूति- सुबह का पूरा पर्यावरण जैसे ताजी हवा, धूप और शांत वातावरण कई तरह से फायदेमंद है। ताजा ऑक्सीजन आपके शरीर को बेहतर ढंग से कार्य करने में मदद करता है, सूरज की रोशनी से ऊर्जा और विटामिन डी प्राप्त होता है, शांत वातावरण तनावमुक्त कर आपके शरीर और मन को आराम पहुंचाता है। साथ ही हरी घास आपके शरीर को ऐसे हार्मोन्स बनाने के लिए प्रेरित करता है जिनसे आपको शांति मिले।

रिफ्लेक्सोलॉजी- हमारे पैर रिफ्लेक्सोलॉजी का मुख्य केंद्र हैं जो शरीर के विभिन्न हिस्सों से जुड़े हुए हैं। रिफ्लेक्सोलॉजी के नियमों के मुताबिक पैर में मौजूद प्रेशर पॉइंट्स को आराम पहुंचने से शरीर के बाकी हिस्सों को भी फायदा होता है। आंख, चेहरे की नसें, प्लीहा, पेट, दिमाग, किडनी जैसे विभिन्न अंगों के लिए पॉइंट हमारे पैरों में मौजूद होते हैं। हरी घास पर चलने से इन पॉइंट्स पर दबाव पड़ता है और हमारा शरीर की कार्यक्षमता बढ़ती है। श्री बालाजी ऐक्शन मेडिकल इंस्टिटियूट, दिल्ली में सीनियर कंसल्टेंट (नेचरापथी) डॉ अंजलि शर्मा कहती हैं कि जब हम घास पर चलते है तो पैर से जुड़ी हुई नसों पर हल्के से दबाव बनता है और हमारे पूरे शरीर को आराम मिलता है। ऐसा भी कहा जाता है कि जब हम चलते हैं तो अंगूठे, पहली और दूसरी उंगली पर सबसे अधिक प्रेशर पड़ता है और रिफ्लेक्सोलॉजी में आंखों के पॉइंट दूसरी और तीसरी उंगली पर बताए जाते हैं।

प्रकृति से सम्पर्क-‘यह आपको पृथ्वी से जोड़ता है और इलेक्ट्रिक एनर्जी को केंद्रित करता है’, यह कहना है डॉ. अंजली शर्मा का। नेचरोपैथी में चिकित्सा पंचतत्वों पर आधारित होता है। जिनमें से एक पृथ्वी है। जिसमें मैगनेटिक फ़ील्ड्स और विशेष शक्ति का प्रसारण होता है। इसीलिए जब हम नंगे पैर घास पर चलते हैं तो हम धरती के इन गुणों से सीधे-सीधे जुड़ते हैं। यह हमारे शरीर के पूरे चक्र को प्रभावित करता है। यह शरीर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा को नियंत्रित करता है और इसका हमारी सेहत पर सकरात्मक प्रभाव होता है।

सूर्य से शक्ति प्राप्त करना- जब हम सुबह-सुबह धूप में चलते हैं तो हम अपने शरीर को सूर्य से मिलनेवाली अनमोल ऊर्जा प्राप्त करते हैं। डॉ.अंजली कहती हैं कि सूर्य की ऊर्जा को नेचरापथी में जीवन और ऊर्जा का स्रोत कहा गया है। यह शरीर के कीटाणुओं को मारती है, मांसपेशियों और नसों को मज़बूत बनाती है। साथ ही साथ शरीर को आवश्यक ऊर्जा और विटामिन डी प्रदान करती है। डॉ. अंजली शर्मा के मुताबिक धूप में चलना हमारे लिए बहुत फायदेमंद है। क्योंकि सुबह 6.30 से 9 बजे और शाम 4 से 5 बजे की धूप हमारी सेहत पर अच्छा प्रभाव डालती है। लेकिन दोपहर की कड़ी धूप से बचें क्योंकि यह शरीर और त्वचा के लिए नुकसानदायक होती है।

विटामिन डी की प्राप्ति- कुछ समय से आस्टीओआर्थ्राइटस जैसी हड्डियों से जुड़ी समस्याओं से पीड़ितों की संख्या में इजाफ़ा हुआ है । डॉक्टर इसकी वजह लोगों की धूप में न जाने की आदतों को बताते हैं। क्योंकि सुबह जब हम धूप में चलते हैं तो सूर्य की किरणों से विटामिन डी प्राप्त होता है। जिससे हड्डियां मज़बूत होती हैं, और बीमारियां भी ठीक हो जाती हैं। अगर आप प्रेगनेंट हैं तो यह विटामिन आपके लिए बहुत फायदेमंद होता है।

चित्र स्रोत- Shutterstock


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