... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Yogita Yadav | Published : September 20, 2018 7:59 AM IST
मोटापा घटाकर तनाव दूर करने में भी करता है मदद। © Shutterstock
'नटराज’ शिव के ‘तांडव नृत्य’ का प्रतीक है। नटराज के इस नृत्य की बात करें तो यह विश्व की पांच महान क्रियाओं का निर्देशक है| 1. सृष्टि, 2. स्थिति, 3. प्रलय, 4. तिरोभाव, 5 अनुग्रह। नटराज की इस मूर्ति में धर्म, शास्त्र और कला का अनूठा संगम दिखाई देता है। इसी नृत्य मुद्रा के आधार पर आसन का नाम रखा गया है नटराजासन|
नटराजासन
इस आसन को करने के कई फायदे है| जैसे यह हाथ एवं पैर के स्त्रायुओं का विकास करता है| इसके अभ्यास से शारीरिक स्थिरता आती है और मानसिक एकाग्रता बढ़ती है। इसकी मदद से शरीर के उन हिस्सों जहां चर्बी घटाना मुश्किल है, जैसे कि कूल्हों और जांघों की चर्बी घटती है|
ऐसे करें नटराजासन
नटराजासन करने के लिए सबसे पहले सावधान की मुद्रा में खड़े हो जाएं। इसके पश्चात किसी एक बिंदु पर फोकस करें और धीरे से अपने बाएं पैर पर पूर्ण वजन डाले और संतुलन बनाने की कोशिश करें| अपने दाएं पैर को घुटने से हल्का मोड़े और उसे बाएं पैर के घुटने पर भगवान नटराज के समान मुद्रा में रखें। फिर अपने हाथों को सीधा रखे| इस वक्त आपको सामान्य रूप से सांस लेनी है और इसी अवस्था में 20 सेकेंड तक खड़े रहना है। अब पुन: अपनी सामान्य अवस्था में आ जाएं। इसे 3 से 4 बार करें|आप चाहें तो दाएं पैर पर वजन डालकर बाएं को ऊपर रख सकते हैं।
यह भी पढ़ें - संतुलित रखें ट्रेडमिल की स्पीड, वरना पड़ सकता है दिल का दौरा
शुरुआत के लिए टिप्स
नटराजासन के लाभ
यह मुद्रा एकाग्रता लाने में फायदेमंद है| इससे शरीर का संतुलन सुधरता है|
इसका नियमित अभ्यास करने पर आप स्वस्थ शरीर पाते है और आपका बॉडी शेप सुधरता है|
यह वजन बढ़ने और मोटापे पर प्रतिबन्ध करने में मदद करता है|
यह आपकी छाती, जांघों और टखनों को मजबूत बनाता है|
इस आसन को करने से शरीर का लचीलापन बढ़ता है|
यह जांघों, कमर, और पेट के अंगो को स्ट्रेच करता है|
इसके नियमित अभ्यास से नितंबों से संबंधित विकार सही होते है|
यह तनाव को ख़त्म कर अपने मन को शांत करता है|
जरूरी हैं सावधानियां
इस आसन का अभ्यास विशेष मार्गदर्शन में ही किया जाना चाहिए।
जिन लोगो को निम्न रक्तचाप की समस्या है उन्हें इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए|
यह भी पढ़ें - किसी को भी हो सकती है ‘मॉर्निंग सिकनेस’, जानें इसके कारण
आपको इसे करते वक्त अपने शरीर को ज्यादा नहीं खीचना चाहिए; क्योंकि यह कुछ मोच या मामूली चोटें भी पैदा कर सकता है।