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फिट रहना किसे पसंद नहीं होता और कौन कपड़ों में अच्छा नहीं दिखना चाहता। लोग शरीर के बढ़ते वजन को रोकने और उसे कम करने के लिए क्या कुछ नहीं करते हैं मुश्किल डाइट से लेकर कठोर व्यायाम तक अपने आपको को फिट रखने के लिए करना पड़ जाता है। इंटरमिटेंट फास्टिंग को भी शरीर का वजन कम करने की अच्छी तकनीक माना जाता है, लेकिन क्या यह प्रेगनेंसी में करना सही है? कॉमेडी क्वीन भारती ने कुछ महीने पहले अपने वेट लॉस ट्रांसफॉर्मेशन से सभी को चौंका दिया था। अपने वेट लॉस लॉस डाइट के बारे में भारती ने बताया कि उनका वजन 91 किलो से 76 किलो पर लाने में इंटरमिटेंट फास्टिंग ने काफी मदद की है। बताते चलें कि भारती सिंह प्रेग्नेंट हैं और इस बारे में आपके मन में यह भी सवाल उठा होगा कि क्या प्रेगनेंसी के दौरान इंटरमिटेंट फास्टिंग सुरक्षित है? यदि आप भी इस सवाल का जवाब चाहते हैं, तो आपके लिए यह लेख पढ़ना जरूरी है।
यह वजन को कंट्रोल करने के लिए अपनाई जाने वाली एक खास फूड प्लानिंग होती है। इसमें एक नियमित रूप से निश्चित समय तक फास्ट रखा जाता है और फिर निश्चित मात्रा में भोजन किया जाता है। इसमें फास्टिंग का समय और भोजन की मात्रा आमतौर पर व्यक्ति के शारीरिक वजन पर निर्भर करती है। इसमें आमतौर पर हर दूसरे दिन फास्ट रखा जाता है जबकि कुछ लोग हफ्ते में एक या दो दिन फास्ट रखते हैं। इंटरमिटेंट फास्टिंग को आसान व प्रभावी तरीका माना जाता है।
गर्भावस्था ऐसा समय है जिसमें महिलाओं को उनके जीवन में सबसे ज्यादा पोषक तत्वों की आवश्यकता पड़ती है। महिला के द्वारा ली जा रही डाइट की मदद से ही उनके गर्भ में बच्चा सामान्य रूप से पलता है। हालांकि, इस दौरान फास्टिंग या इंटरमिटेंट फास्टिंग करने से कई स्वास्थ्य नुकसान हो सकते हैं। एक निश्चित समय तक भोजन न करने से शरीर में विटामिन व कई अन्य पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। साथ फास्टिंग के दौरान उनका गर्भवती महिलाओं का शुगर भी कम हो सकता है, जो महिला व उसके बच्चे दोनों के लिए हानिकारक है।
डिलीवरी के बाद महिलाएं अपने बच्चों को स्तनपान कराती हैं, जो बेहद जरूरी काम है। इस दौरान भी महिलाओं को काफी मात्रा में पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, ताकि उनके शरीर में दूध बन सके। फास्टिंग या इंटरमिटेंट फास्टिंग के कारण उनका शरीर पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व नहीं ले पाता और ऐसे में उनकी बॉडी कम मात्रा में मिल्क प्रोड्यूस कर पाती है। जब तक आप बच्चे को ब्रेस्टफीड कराती हैं, तब आपको इंटरमिटेंट फास्टिंग न करने की सलाह दी जाती है।
यदि आपका शरीर इंटरमिटेंट फास्टिंग के लिए रेडी है, तो फिर आप किसी अच्छे डाइटीशियन से संपर्क कर सकती हैं। ऐसा इसलिए जरूरी है क्योंकि आपके बीएमआई के अनुसार ही वे आपको फास्टिंग का प्लान बताएंगे। असाधारण रूप से इंटरमिटेंट फास्टिंग करना आपको बीमार भी बना सकता है, इसलिए किसी एक्सपर्ट से सलाह लेना जरूरी है।
फास्टिंग के दौरान शरीर में पानी की पूर्ति होना बेहद जरूरी है। क्योंकि जब आप डाइटिंग पर नहीं होते हैं, तो किसी न किसी फूड्स या ड्रिंक्स की मदद से आपके शरीर में पानी जाता रहता है, जबकि फास्टिंग के दौरान ऐसा नहीं हो पाता है। शरीर में पान की कमी होना स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसानदायक हो सकती है।