सेलिब्रिटी योगा ट्रेनर ने बताया साइटिका के दर्द से कैसे पाएं छुटकारा, देखें वीडियो

हमारी खराब लाइफस्टाइल, मोटापा, अनुवांशिक कारण, धूम्रपान आदि साइटिका के प्रमुख कारण हैं। इस रोग से बचाव के लिए समय पर इसकी पहचान करके उपचार लेना ही बेहतर है।

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Written By: Atul Modi | Published : December 27, 2023 7:28 PM IST

सर्दी का मौसम साइटिका के दर्द से जूझ रहे लोगों के लिए काफी मुश्किल भरा होता है। ठंड के कारण इस दौरान साइटिका का दर्द असहनीय हो जाता है। कुछ साल पहले तक बड़ी उम्र के लोगों को होने वाली यह परेशानी अब अधेड़ उम्र के लोगों को भी अपनी चपेट में ले रही है। हमारी खराब लाइफस्टाइल, मोटापा, अनुवांशिक कारण, धूम्रपान आदि साइटिका के प्रमुख कारण हैं। इस रोग से बचाव के लिए समय पर इसकी पहचान करके उपचार लेना ही बेहतर है। योग के माध्यम से भी आप साइटिका के दर्द से काफी हद तक राहत पा स​कते हैं।

इसलिए होता है साइटिका का दर्द?

आलिया भट्ट, दीपिका पादुकोण, करीना कपूर, अनन्या पांडे जैसी टॉप बॉलीवुड एक्ट्रेसेज की योग ट्रेनर अंशुका परवानी ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साइटिका के दर्द से राहत पाने के लिए तीन आसान योग आसन बताएं हैं। इस सेलिब्रिटी योगा ट्रेनर के अनुसार इन आसनों को अपनाकर साइटिका के दर्द को कम करने के साथ ही कई अन्य फायदे भी होते हैं। अंशुका ने बताया कि कटिस्नायुशूल तंत्रिका हमारी पीठ के निचले हिस्से में स्थित होती है। यह तंत्रिका पैर के पिछले हिस्से से होकर गुजरती है। साइटिका का दर्द आमतौर पर तब होता है जब रीढ़ की हड्डी में एक हर्नियेटेड डिस्क या हड्डी का स्पर कटिस्नायुशूल तंत्रिका पर दबाव डालता है। दर्द रीढ़ की हड्डी में शुरू होता है और पैर के पिछले हिस्से तक फैलता है। इस दर्द का काबू पाने के लिए 'पिजन पोज' काफी कारगर है।

इसलिए महत्वपूर्ण है ​'पिजन पोज'

अंशुका ने बताया कि पिजन पोज को नियमित रूप से करने से साइटिका का दर्द कम होता है, साथ ही इसके बढ़ने का खतरा भी कम होता है। यह हिप फ्लेक्सर्स को टारगेट कर हिप्स की मांसपेशियों में लचीलापन लाता है। इससे रीढ़ की हड्डी और पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। साथ ही शरीर की मांसपेशियों की अकड़न कम होती है। पिजन पोज कटिस्नायुशूल तंत्रिका के आसपास की मांसपेशियों और ऊतकों में लचीलेपन लाता है। इसे करने से संकुचित तंत्रिका के चारों ओर रक्त परिसंचरण में सुधार होता है, जिसके कारण दर्द, सुन्नता, झनझनाहट कम होती है।

ऐसे करें पिजन पोज

अंशुका परवानी ने जो पिजन पोज बताया है वह काफी आसान है और उसे कोई भी आराम से कर सकता है। अंशुका ने तीन योगासन बताए हैं। पहला पिजन पोज, दूसरा सीटेड पिजन पोज, जिसमें शरीर को फोल्ड किया जाता है। तीसरा है सीटेड पिजन पोज हग, जिसमें शरीर का आलिंगन किया जाता है। ये तीनों ही पोज आपको एक चेयर पर बैठकर करने हैं। प्रत्येक मुद्रा की शुरुआत 15 सेकंड से करनी है। फिर इसे 1 मिनट तक लेकर जाना है।

1. पिजन पोज : इसके लिए आप बिना हाथ वाली मजबूत चेयर लें। अब इसपर एक पैर मोड़कर उल्टा बैठें। अपने दूसरे पैर को जमीन पर मजबूती से रखें और दोनों हाथों से कुर्सी के बैक को पकड़ें।

2. सीटेड पिजन पोज फोल्ड : इसमें आप कुर्सी पर सीधे बैठें। अब अपने एक पैर को फोल्ड करके दूसरे पर रखें। जैसा हम सामान्य रूप से पैर पर पैर रखकर बैठते हैं। फिर अपने दोनों हाथों को सीधा करें और उन्हें जमीन की ओर ले जाएं।

3. सीटेड पिजन पोज हग : इस आसन में आप कुर्सी पर सीधे बैठें और अपने एक पैर को मोड़ कर कुर्सी पर रखें। अब दूसरे पैर को उसके समानांतर रखें और हाथों से दोनों पैरों को पकड़ें।

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