
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : August 16, 2021 6:43 PM IST
कई रिसर्च बताती हैं कि कार्ब की कमी से मानसिक स्वास्थ्य भी कमजोर होने लगता है.
चाहे आम हो या खास, जब बात वेट लॉस की आती है तो सबसे पहले डाइट से कार्बोहाइड्रेट को कम करने की बात कही जाती है। किन चीजों में होता है कार्बोहाइड्रेट ? ऐसी चीजें जो शरीर को तुंरत एनर्जी देती हैं उनमें कार्बोहाइड्रेट होता है। इसमें चावल, पास्ता, नूडल्स, फास्ट फूड, शुगर, केक, आइसक्रीम और बिस्कुट आदि में प्रचुर मात्रा में कार्ब होता है। यही कारण है कि वेट लॉस (Weight Loss) करने वालो को इन चीजों की जगह पालक, अंडे, चीज, नट्स, मछली और मीट खाने की सलाह दी जाती हैं। बॉलीवुड की कई ऐसे एक्टर हैं जो फैट से फिट हुए हैं। और अगर आप इनका वेट लॉस प्लान पढ़ेंगे तो आपको उसमें कार्बोहाइड्रेट की कम मात्रा और फल, सब्जियां, जूस और पानी मिलेगा। लो कार्बोहाइड्रेट डाइट वेट लॉस (Low Carb Diet For Weight Loss) करने में मदद करने के साथ ही कई बीमारियों से भी छुटकारा दिलाती है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि अगर आप भी लो कार्ब डाइट को फॉलो करना चाहते हैं तो अपनी मर्जी से शुरू न करें। क्योंकि अगर आप ज्यादा मात्रा में कार्ब को कट कर देंगे तो इसका शरीर पर नेगेटिव असर पड़ने लगता है।
ओबेसिटी, पीसीओडी और डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए लो कार्ब डाइट बहुत फायदेमंद साबित हुई है। ओवरवेट लोगों को डायबिटीज होने और मेटाबॉलिक सिंड्रोम (Metabolic syndrome) होने के काफी चांस रहते हैं। यह देखा गया है कि ऊपर बताई गई बीमारी से जूझ रहे लोगों ने जब लो कार्ब डाइट फॉलो कि तो वजन घटाने में तो मदद मिली ही साथ ही इंसुलिन हॉर्मोन और ट्राइग्लिसराइड्स (Insulin Hormone or Triglycerides) लेवल में भी सुधार आया। लो कार्बोहाइड्रेट डाइट वेट लॉस (Carbs For Weight Loss) के साथ साथ, दिल के स्वास्थ्य को सही करने, डायबिटीज को कंट्रोल करने, मेटाबॉलिक बीमारियों को कम करने और ओवेरी संबंधी पीसीओडी और पीसीओएस को कंट्रोल करने में भी मदद करती है।