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Written By: Yogita Yadav | Updated : September 21, 2019 9:30 PM IST
अगर आपका वजन अप्रत्याशित रूप से बढ़ता जा रहा है तो हो सकता है इसकी वजह बुलीमिया नर्वोसा हो, यह एक तरह का ईटिंग डिसऑर्डर है। © Shutterstock
कुछ लोगों को बार-बार भूख लगती है। पर हालत ऐसी होती है कि खाना खाने के तुरंत बाद टॉयलेट जाना पड़ता है। बार-बार भूख लगने या ज्यादा खाने की यह आदत बुलीमिया नर्वोसा (Bulimia nervosa) के भी लक्षण हो सकते हैं। यह कोई आदत नहीं बल्कि बीमारी है। इसे सही सलाह, काउंसलिंग और उपचार के द्वारा ठीक किया जा सकता है। आइए जानें क्या है बुलीमिया नर्वोसा और क्या हैं इसके लक्षण एवं बचाव के उपाय।
यह एक प्रकार का ईटिंग डिसऑर्डर है। इसमें व्यक्ति को बहुत ज्यादा खाने की ख्वाहिश होती है। उसे इतनी ज्यादा भूख लगती है कि वह हर आधे-एक घंटे में कुछ न कुछ खाने दौड़ने लगता है। जबकि पाचन तंत्र खराब हो जाता है। इसे बुलीमिया नर्वोसा कहा जाता है। यह बीमारी व्यक्ति के लिए काफी घातक हो सकती है।
इसका सबसे पहला लक्षण ये है कि हर औसत से ज्यादा भूख लगना। बार-बार खाने की इच्छा होना। खाने के दौरान और बाद में उल्टी की इच्छा होना। खाना खाने के तुरंत बाद टॉयलेट यानी शौच के लिए जाना। इससे कभी-कभी व्यक्ति का व्यवहार भी बदल जाता है। वह सोशल फोबिया महसूस करने लगता है और उसका आत्मविश्वास भी कम हो जाता है। इसमें वजन अचानक घटने या बढ़ने लगता है।
बुलीमिया नर्वोसा की बीमारी अधिकांश आनुवांशिक होती है। पर कई बार आपके आसपास का माहौल भी इसके लिए जिम्मेदार होता है। अगर आप तनाव में या अवसाद में हैं तो भी आपको यह बीमारी हो सकती है। किसी मानसिक आघात, प्राकृतिक आपदा के बाद भी लोगों में ऐसे लक्षण देखे गए हैं।
बुलीमिया नर्वोसा को बहुत गंभीरता से लेने की जरूरत है। अगर आपके आसपास आप किसी में ऐसे लक्षण देखें तो उसे डॉक्टर को जरूर दिखाएं। इसके लिए आहार विशेषज्ञ, मनोचिकित्सक और काउंसलर किसी की भी जरूरत हो सकती है। इसका इलाज दवा, थेरेपी और बेहतर डाइट प्लान के जरिए किया जा सकता है।
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