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आपको छू भी नहीं पाएगी डायबिटीज, बस इस 1 काम के लिए खुद को दीजिए दिन में एक घंटे का वक्त

आपको छू भी नहीं पाएगी डायबिटीज, बस इस 1 काम के लिए खुद को दीजिए दिन में एक घंटे का वक्त

अध्ययन का दावा है कि डायबिटीज के खतरे को कम करने के लिए चलना बेहद फायदेमंद है, हालांकि इसकी स्पष्ट गति का शोधकर्ताओं ने खुलासा नहीं किया है।

Written by Atul Modi |Updated : December 6, 2023 8:01 PM IST

ब्रिस्क वॉकिंग को हमेशा से ही हर उम्र के लिए बेस्ट एक्सरसाइज माना जाता है। अभी तक इसे वजन कम करने का तरीका माना जाता था, लेकिन अब इसे गंभीर रोगों से बचाव के तौर पर उपयोगी माना जा रहा है। जी हां, ब्रिस्क वॉकिंग आपको टाइप 2 डायबिटीज के खतरे से बचा सकती है। अगर आप रोज एक घंटे तेज गति से वॉक करते हैं तो डायबिटीज का खतरा काफी कम हो जाता है। यह अध्ययन हाल ही में ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित किया गया है। लाखों लोगों पर किए गए इस अध्ययन में कई बड़े खुलासे किए गए हैं।

अध्ययन में किया गया यह दावा

अध्ययन में दावा किया गया है कि एक घंटे में चार या उससे अधिक किलोमीटर की ब्रिस्क वॉक यानी तेज गति से वॉक करने से टाइप 2 डायबिटीज का खतरा कम हो जाता है। ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार, चलने की गति में हर एक किमी की वृद्धि के साथ मधुमेह के खतरे में 9% की कमी दिखाई दी है। अध्ययन का दावा है कि डायबिटीज के खतरे को कम करने के लिए चलना बेहद फायदेमंद है, हालांकि इसकी स्पष्ट गति का शोधकर्ताओं ने खुलासा नहीं किया है।

ऐसे किया गया है शोध

शोधकर्ताओं ने अपने शोध में कई अध्ययनों का विश्लेषण किया है। इनमें से दस का चयन शोध के लिए किया गया। इन शोधों को 1999 से 2022 के बीच आयोजित किया गया था। जिसमें अमेरिका, जापान और ब्रिटेन के 508,121 वयस्कों को शामिल किया गया था। अध्ययन में पता चला कि 3 से 5 किलोमीटर प्रति घंटे की औसत ब्रिस्क वॉक से टाइप 2 डायबिटीज का खतरा 15 प्रतिशत तक कम हो सकता है। वहीं अगर कोई व्यक्ति 5 से 6 किलोमीटर प्रति घंटे की औसत गति से ब्रिस्क वॉक करता है तो उसमें टाइप 2 डायबिटीज का जोखिम 24 प्रतिशत तक कम हो सकता है। अगर व्यक्ति काफी फास्ट है और 6 किलोमीटर या इससे अधिक प्रति घंटे की गति से वॉक करता है तो यह खतरा 39 प्रतिशत तक घट जाता है। इतना ही नहीं अगर व्यक्ति वॉकिंग की गति में प्रत्येक एक किलोमीटर प्रति घंटे की वृद्धि करे तो टाइप 2 डायबिटीज का जोखिम 9 प्रतिशत तक घट सकता है।

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कई परेशानियों से बचाव करेगी वॉकिंग

शोधकर्ताओं के अनुसार वॉकिंग न सिर्फ डायबिटीज का जोखिम कम करती है। बल्कि यह आपको हेल्दी भी रखती है। इससे कार्डियो रेस्पिरेटरी फिटनेस बेहतर होती है। साथ ही शरीर की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं। यह वजन घटाने के साथ ही आपके शरीर की सेहत में सुधार करने में मददगार है। वजन घटने से आपकी इंसुलिन सेंसेविटी में भी सुधार होता है।