हाइपोथायरायडिज्म रोगियों की दवा को कम कर सकता है ये 3 योगासन, नियमित रूप से करें अभ्यास

Yoga Poses For Hypothyroidism :  हाइपोथायरायडिज्म में मोटापा से लेकर कई अन्य तरह की परेशानी बढ़ने लगती है। अगर आप अपनी स्थिति में सुधार चाहते हैं, तो नियमित रूप से कुछ योगासन का सहारा ले सकते हैं। आइए जानते हैं हाइपोथायरायडिज्म कंट्रोल करने वाले योगासन कौन से हैं?

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Written By: Kishori Mishra | Updated : March 27, 2024 3:31 PM IST

Yoga Poses For Hypothyroidism :आधुनिक समय में थायराइड की परेशानी काफी ज्यादा आम हो गई है। भारत में 50 फीसदी से अधिक महिलाएं थायराइड की परेशानी से जूझ रही हैं। बता दें कि थायराइड गले में मौजूद एक छोटी सी ग्रंथि है, जिससे हार्मोन स्राव होता है। यह हार्मोन शरीर में चयापचय, शरीर का तापमान और वजन को कंट्रोल रखने में मददगार होता है। शरीर में थायराइड का स्तर बढ़ने पर हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म का खतरा रहता है। इसमें हाइपोथायरायडिज्म एक ऐसी परेशानी है, जिसमें शरीर का वजन काफी तेजी से बढ़ जाता है। इस स्थिति से निजात पाने के लिए आप नियमित रूप से कुछ योग (Thyroid me konsa yoga karna chahiye) का सहारा ले सकते हैं। आइए जानते हैं हाइपोथायरायडिज्म कंट्रोल करने वाले योगासन ( Yoga poses for thyroid problems ) कौन-कौन से हैं?

1. विपरीत करणी (उल्टी मुद्रा) से कंट्रोल करें  हाइपोथायरायडिज्म

हाइपोथायरायडिज्म के लक्षणों से छुटकारा पाने के लिए आप विपरीत करणी योगासन का सहारा ले सकते हैं। यह कई अन्य बीमारियों से छुटकारा दिला सकता है। यह थायरॉइड ग्रंथि में रक्त के प्रवाह को बढ़ावा देता है। साथ ही थायराइड फंक्शन को नियंत्रित करता है। इतना ही नहीं, इस योग की मदद से आप तनाव को दूर कर सकते हैं। अनिद्रा की परेशानियों को दूर करने में भी यह योग असरदार है।

 2. हाइपोथायरायडिज्म कंट्रोल करे सर्वांगासन 

सर्वांगासन या शोल्डर स्टैंड आपके शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को अच्छा करता है। साथ ही इससे थायरायड ग्रंथि पर दबाव पड़ता है, जो थायरॉयड ग्रंथि में रक्त की आपूर्ति को कम कर सकता है। अगर आप सर्वांगासन योग का नियमित रूप से अभ्यास करते हैं, तो इससे ब्लड  परिसंचरण में सुधार किया जा सकता है। इसकी मदद से आप काफी हद तक  हाइपोथायरायडिज्म की परेशानी कम कर सकते हैं।

 3. हाइपोथायरायडिज्म की परेशानी कम करे सेतु बंधासन 

सेतु बंधासन या ब्रिज पोज थायराइड मुख्य रूप से हाइपोथायरायडिज्म के लक्षणों को कम कर सकता है। यह गर्दन में फैलाव लाता है। साथ ही इससे थायरायड ग्रंथि में ब्लड सर्कुलेशन काफी अच्छा होता है। इतना ही नहीं, इस आसन के अभ्यास से  अस्थामा, सिरदर्द जैसी परेशानी को कम किया जा सकता है।

 हाइपोथायरायडिज्म की परेशानी को कम करने के लिए आप नियमित रूप से इन आसन का अभ्यास कर सकते हैं। हालांकि, अगर आपकी स्थिति में सुधार नहीं है तो ऐसे में एक बार एक्सपर्ट की मदद जरूर लें।

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