वेट लॉस होगा तब, फैट शेम करनेवालों से दूर रहेंगे जब!

आप उन लोगों से दूर रहें, जो आपके ज़्यादा वज़न का मज़ाक उड़ाते हैं!

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Written By: Editorial Team | Updated : October 29, 2017 1:47 AM IST

हम एक ऐसे समाज में रहते हैं जहां लोग खुद को फ़िल्मी सेलिब्रिटीज़ जैसा दिखाने की कोशिश करते हैं, उनकी तरह मेकअप करते हैं, कपड़े पहनते हैं और उनकी तरह ही स्लिम और फिट दिखना चाहते हैं। लोग सुंदरता के लिए दूसरों से और खुद से भी ऐसी उम्मीदें करते हैं जो संभव नहीं हैं।  हमारे आसपास फिट और पतले लोगों को बहुत ही अनुकूल माना जाता है, लेकिन जो फिटनेस और सुंदरता के इन मायनों या पैमानों पर फिट नहीं बैठते, उन्हें परेशान किया जाता है। इस व्यवस्थित उत्पीड़न या सिस्टमैटिक हरासमेंट ने 'फैट शेमिंग' शब्द को भी जन्म दिया। कुछ जगहों पर, फैट शेमिंग या मोटापे का मज़ाक शोर-शराबे और बेशर्मी के लिहाज के साथ किया जाता है, जहां अधिक वजन वाले लोगों पर हर कोई मज़ाकिया बातें कहता है। खुलेआम उन्हें खाने-पीने से टोका जाता है, उनकी आलोचना की जाती है। लोग मान बैठते हैं कि अधिक वजन वाले लोगों का खुद पर कोई नियंत्रण नहीं है, और ये आलसी हैं। भले ही उनका मोटापा किसी बीमारी की वजह से हो लेकिन सच तो यह है कि अधिक वजन वाले लोगों के साथ कभी नरमी नहीं बरती जाती।

ऐसे लोग जो अधिक वजन वाले लोगों को शर्मिंदा करने की कोशिश करते हैं, वे सोचते हैं कि वह उस मोटे व्यक्ति की मदद कर रहे हैं और अगर वो बार-बार उन्हें टोकते रहेंगे तो अधिक वजन वाले लोग वेट लॉस की कोशिश करेंगे। फैट शेमर्स यह सोचकर अपने ग़लत व्यवहार को नहीं रोकते, क्योंकि उन्हें लगता है कि उनकी बदमाशी किसी का भला कर रही है, वह अपने मोटे दोस्त या रिश्तेदार के अधिक वजन को लेकर फिक्रमंद हैं और उनका मज़ाक उड़ाकर वे उन्हें वजन कम करने के लिए प्रेरित करेंगे। अगर आप भी ऐसे हैं जो वेट लॉस की कोशिश करना चाहते हैं, तो हम आपको एक अहम टिप देते हैं जिसे वैज्ञानिक तरीके से भी सही माना जाता है:- आप उन लोगों से दूर रहें, जो आपके ज़्यादा वज़न का मज़ाक उड़ाते हैं!

ओबेसिटी (सिल्वर स्प्रिंग) जर्नल में 2014 में छपी एक स्टडी में फैट, वज़न की स्थिति, वजन में बदलाव और फैट शेमिंग के बीच के संबंधों की जांच की गयी। इस स्टडी में यह बताया गया कि अधिक वजन वाले लोग समाज में अपने प्रति नकारात्मक रवैये से बचना चाहते हैं। इस स्टडी का उद्देश्य उस आम राय को दूर करना है जहां लोग मानते हैं कि किसी व्यक्ति को अगर उसके वजन के लिए कुछ कही जाए और उनकी जीवन शैली की आलोचना की जाए तो सचमुच उन लोगों को वेट लॉस करने में मदद होती है।

इस स्टडी में 50 वर्ष से कम आयु के लगभग 2944 पुरुष और महिलाओं ने हिस्सा लिया। इस स्टडी में निष्कर्ष निकला कि जब लोग लगातार अपने वजन के लिए बातें सुनते हैं, तो संभावना बढ़ जाती है कि वे ऐसे काम ज़्यादा करें जिनसे उनका वजन बढ़ सकता है। वजन से जुड़ा लोगों का रवैया मोटे लोगों के खाने-पीने की आदतें बुरी तरह से बिगाड़ सकता है, वे वेट-लॉस डायट लेना बंद कर सकते है और एक्सरसाइज या शारीरिक गतिविधियों से बचने की कोशिश कर सकते हैं।

जब ज़्यादा वजन वाले लोगों को अपने वजन के लिए तंग किया जाता है, तो वे तनाव में आ जाते हैं। इस तनाव से निपटने के लिए, वे ज़्यादा कैलोरी वाले, जंक-फूड और कम्फर्ट फूड  खाने लगते हैं। तनाव की वजह से शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़  जाता है, जो वजन बढ़ाने का काम करता है। स्टडी में यह भी कहा गया है कि जो लोग अपने वजन को लिए दूसरों के ताने या मज़ाक सुनते हैं, उन्हें लगता है कि वे खेल और शारीरिक गतिविधियों में बुरे हैं, जिसके चलते वो इससे पूरी तरह से बचने की कोशिश करते हैं, और एक्टिव नहीं रह पाते।

इसलिए अगर आपका कोई दोस्त, कलीग या परिचित व्यक्ति आपके अधिक वजन को लेकर अक्सर बातें करता है, तो उन्हें छोड़ दें, उनसे बचना ही सबसे अच्छा तरीका है। आपका मज़ाक उड़ानेवालों पर ध्यान देने की बजाय आप उन लोगों के साथ ज्यादा समय बिताने की कोशिश करें, जो आपसे प्यार करते हैं और आपको फिट बनाने के लिए मदद करना चाहते हैं।

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अनुवादक: Sadhna Tiwari

चित्रस्रोत :Colors tv

संदर्भ- Jackson, S. E., Beeken, R. J., & Wardle, J. (2014). Perceived weight discrimination and changes in weight, waist circumference, and weight status. Obesity (Silver Spring, Md.), 22(12), 2485–2488. https://doi.org/10.1002/oby.20891

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