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Written By: anant shukla | Updated : September 21, 2024 4:31 PM IST
Best Sleeping Position For Heart : सभी लोगों के सोने का तरीका एक जैसा नहीं होता। कुछ लोग बाईं तरफ करवट लेकर सोते हैं, कुछ लोग दाहिनी तरफ, कुछ लोग सीधे सोते हैं और कुछ लोगों को पेट के बल सोने की आदत होती है। लेकिन क्या आपको पता है कि आप जिस स्थिति में सोतें हैं, उसका आपके स्वस्थ्य पर गहरा असर पड़ता है? सोने की कुछ स्थितियां सबसे अच्छी मानी जाती हैं, क्योंकि इससे अधिकतम स्वास्थ्य लाभ होता है। आयुर्वेद की मानें तो बाईं ओर करवट लेकर सोना सबसे अच्छा होता हैं, जिसे वामकुशी भी कहा जाता है और सबसे अच्छी नींद इसी स्थिति में आती है। बाईं ओर करवट लेकर सोने से आपके शरीरी के अंगों का काम करना आसान हो जाता, जिससे आपका हार्ट भी स्वस्थ रहता है। बाईं ओर करवट लेकर सोने कई स्वास्थ्य लाभ हैं, जिनमें से कुछ महत्वपूर्ण स्वस्थ्य लाभों के बारे में यहां विस्तार से बताया गया है। तो चलिए, जानते हैं बाईं ओर करवट लेकर क्यों सोना चाहिए।
आयुर्वेद में बाईं ओर करवट लेकर सोने को सबसे अच्छा माना गया है। आइए विस्तार से जानते हैं, कि बाईं ओर करवट लेकर क्यों सोना चाहिए-
हॉर्ट शरीर के बाईं तरफ होता है और जब आप उसी तरफ करवट लेकर सोते हैं, तो गुरुत्वाकर्षण बल के कारण हर्ट की ओर ब्लड फ्लो बढ़ जाता है, जिससे हॉर्ट के डैमेज होने का खतरा कम हो जाता है। इसके अलावा, बाईं तरफ करवट लेकर सोने से अच्छी नींद आती है और बीच-बीच में नींद खुलने की समस्या कम हो जाती है। अगर आप पूरी नींद ले रहे हैं तो हाई बीपी, हार्ट फेलियर , पल्मोनरी हाइपरटेंशन से बच सकते हैं। यही कारण है कि हर्ट को स्वस्थ रखने के लिए बाईं ओर करवट लेकर सोने के लिए कहा जाता हैं।
बाईं करवट सोने से गुरुत्वाकर्षण बल भोजन के बचे हुए अपशिष्ट को इलियोसेकल वाल्व (ICV) के जरिए छोटी आंत से बड़ी आंत में ले जाने में मदद करता है। गुरुत्वाकर्षण और अच्छी नींद की वजह से सुबह जब आप उठते हैं, तो आपकी बड़ी आंत मल से भरा होता है, जो आसानी से बाहर निकल जाता है। अगर आपको पेट से संबंधित समस्या है, तो रात में बाईं तरफ करवट लेकर सो सकते हैं।
गर्भवती महिलाओं को बाईं ओर करवट लेकर सोने की सलाह दी जाती है। क्योंकि ऐसा करने से उनकी पीठ पर दबाव कम ड़ता, जिससे भ्रूण और गर्भाशय में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। बाईं ओर करवट लेकर सोने से प्लेसेंटा तक पोषक तत्वों की सप्लाई निर्बाध रूप से होती है, जिससे गर्भ में बच्चा पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित रहता है।
अगर आप सोते समय खर्राटे लेते हैं, तो बाईं ओर करवट लेकर सोने से खर्राटे धीरे-धीर बंद हो जाते हैं। क्योंकि बाईं तरफ करवट लेकर सोने से जीभ और गले में सिकुड़न नहीं आती, जिससे आके वायुमार्ग साफ रहते हैं और आपक ठीक से सांस ले पाते हैं। वहीं, पीठ के बल सोने से खर्राटे की समस्या इतना बढ़ जाती है, कि सांस भी लेना मुश्किल हो जाता है।