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Back Walk कैसे की जाती है? जानें उल्टा चलना हेल्थ के लिए कैसे फायदेमंद है

क्या आपने कभी बैक वॉक की है? अगर नहीं, तो आपको इसका अभ्यास जरूर करना चाहिए। कई रिसर्च में साबित हुआ है कि बैक वॉक दर्द कम करने, मांसपेशियों को मजबूत बनाने और फोकस बढ़ाने में फायदेमंद है।

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Written By: Anju Rawat | Published : June 24, 2026 8:27 PM IST

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Medically Verified By: priyanka Singh

Back Walk Benefits: सीधा तो सभी लोग चलते हैं और वॉक करना सेहत के लिए भी काफी अच्छा माना जाता है। लेकिन, क्या आपको पता है बैक वॉक यानी उल्टा चलना सामान्य वॉक की तुलना में ज्यादा फायदे दे सकती है। जी हां, कई रिसर्च में साबित हुआ है कि बैक वॉक करने से मांसपेशियां मजबूत बनती हैं, फोकस बढ़ता है और गिरने की संभावना भी कम होती है। यानी उल्टा चलने से बैलेंस बनाने में काफी मदद मिलती है। बैक वॉक करने से मांसपेशियों की सक्रियता बढ़ती है और घुटनों की कार्यक्षमता में भी सुधार होता है।

बैक वॉक करने से क्या होता है?

क्या आपने कभी बैक वॉक की है? अगर नहीं, तो आपको अब शुरू कर देना चाहिए। क्योंकि, कई रिसर्च में बैक वॉक को हेल्थ के लिए काफी फायदेमंद (Back Walk Benefits) बताया गया है।

पैरों की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं

Nature में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर आप रोजाना बैक वॉक (Backward Walking) करेंगे, तो इससे मांसपेशियों को मजबूती मिल सकती है। बैक वॉक के दौरान क्वाड्रिसेप्स (जांघों के आगे की मांसपेशियां), हैमस्ट्रिंग और ग्लूट्स अलग तरीके से काम करते हैं। इससे निचले शरीर की ताकत मिलती है और मसल्स पेन में भी आराम मिल सकता है।

बैलेंस में सुधार होता है

रिसर्च में बताया गया है कि जब व्यक्ति पीछे की तरफ चलता है, तो शरीर लगातार छोटे-छोटे एडजस्टमेंट करता है। इससे दिमाग शरीर का संतुलन बनाने में मदद करता है। आपको बता दें कि कुछ अध्ययनों में चाल (Gait) और संतुलन में भी सुधार देखा गया है।

घुटनों के दर्द में मिलेगा आराम

PubMed में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, उल्टा चलने से घुटनों के दर्द में भी आराम मिल सकता है। रिसर्च में साबित हुआ है कि जब घुटनों के गठिया वाले लोगों ने बैक वॉक किया, उनको दर्द में काफी आराम मिला। इस वॉक को करने से उनके रोजमर्रा के काम करने की क्षमता में सुधार देखने को मिला।

गिरने का खतरा कम हो सकता है

कई बुजुर्गों को बैलेंस बनाने में मुश्किल होती है और वे गिर जाते हैं। लेकिन, बैक वॉक से गिरने के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है। इस रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया कि बैक वॉक करने से हाई-रिस्क लोगों में भी गिरने का खतरा काफी कम हुआ है।

Back Walk करने का सही तरीका क्या है?

योग एक्सपर्ट प्रियंका सिंह से जानते हैं कि बैक वॉक करने का सही तरीका क्या है? आइए, जानते हैं-

  • बैक वॉक करने के लिए समतल और सुरक्षित जगह का चुनाव करना जरूरी है।
  • शुरुआत में बैक वॉक किसी दीवार, रेलिंग या किसी साथी की मदद से करें।
  • बैक वॉक के दौरान सिर और छाती को सीधा रखें।
  • स्पीड में चलने से बचें, छोटे-छोटे कदम लें और आराम से चलें।
  • शुरुआत में 2-3 मिनट करें, इसके बाद आप धीरे-धीरे समय बढ़ा सकते हैं।
  • अगर आपको बैक वॉक करने के दौरान चक्कर आए या संतुलन बिगड़े तो तुरंत रुक जाएं।

Disclaimer: स्वस्थ रहने, बैलेंस बनाने और फोकस बढ़ाने के लिए आप भी बैक वॉक ट्राई कर सकते हैं। लेकिन, शुरुआत में बैक वॉक ज्यादा देर तक करने से बचना चाहिए। अगर उल्टा चलने के दौरान चक्कर आने या मतली जैसा महसूस हो तो इसे तुरंत बंद कर दें। आप इसकी शुरुआत धीरे-धीरे कर सकते हैं और फिर समयसीमा बढ़ा सकते हैं।