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Written By: Pallavi Kumari | Published : June 25, 2022 2:38 PM IST
अर्ध चंद्रासन (ardha chandrasana) एक ऐसा योगा पोज है जो कि शरीर, संतुलन और दिमाग को चुनौती देता है। इसे लोग हाफ मून पोज़ भी कहते हैं। इस योगा पोज करने में शरीर अर्धचंद्रा के समान (half moon pose benefits) बन जाता है और इस दौरान जो भी अंग इसे आसान में लगे होते हैं उन्हें विशेष फायदा मिलता है। जैसे कि ये पैरों और पीठ के हिस्सों के लिए बेहतर तरीके से काम करता है। इसके अलावा ये उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है जो कि घंटों बैठे रहते हैं और हिप्स में तेज दर्द व मांसपेशियों में अकड़न होने लगता है। इसके अलावा भी अर्ध चंद्रासन करने के कई फायदे हैं। आइए जानते हैं विस्तार से।
जब आप अर्ध चंद्रासन कर रहे होते हैं तो इस दौरान आपके टखनों और पैरों की एक्सरसाइजहो रही होती है। साथ ही इनका ब्लड सर्कुलेशन बेहतर हो रहा होता है जिससे टखनों और पैरों के दर्द और बेचैनी से राहत मिलती है। इसलिए जिन लोगों के टखनों और पैरों में लगातार दर्द रहे उन्हें ये अर्ध चंद्रासन जरूर करना चाहिए।
मांसपेशियों के खिंचाव को कम करने के लिए अर्ध चंद्रासन काफी मददगार हो सकता है। जी हां, जब हम लंबे समय तक बैठे हुए काम करते हैं या फिर भारी भरकम एक्सरसाइज के कारण शरीर की मांसपेशियों में दर्द महसूस हो रहा हो तो आप अर्ध चंद्रासन कर सकते हैं।
कूल्हों के दर्द में अर्ध चंद्रासन बहुत ही फायदेमंद योग है। दरअसल, जब कुल्हों का दर्द होता है तो कई बार चलने-फिरने और उठने-बैठने में भी समस्या होने लगती है। ऐसी स्थिति में आपको रोज 10 मिनट अर्ध चंद्रासन करना चाहिए। ये महिलाओं के लिए भी फायदेमंद है और उनके पेल्विक एरिया को हेल्दी रखने में मदद करते हैं।
पीठ दर्द की समस्या में आप अर्ध चंद्रासन योग कर सकते हैं। ये जहां आपकी पीठ की मांसपेशियों को आराम पहुंचाता है वहीं ये आपके शरीर के दूसरे हिस्सों के लिए भी लाभयादक है। जैसे कि ये रीढ़ की हड्डी के दर्द और गर्दन दर्द को ठीक करने में मदद करता है।
पेट की मांसपेशियों को स्ट्रेच करने में अर्ध चंद्रासन मदद करता है। इससे पेट में जमा फैट को पिघलने में मदद मिलती है और वेट लॉस आसान हो जाता है। इसके अलावा पाचन में सुधार करता है और तेजी से वजन घटाने में मदद करता है। साथ ही ये स्ट्रेस कम करता है और नींद को बेहतर बनाता है जिससे मोटापे का खतरा नहीं बढ़ता।
अर्ध चंद्रासन करने के लिए पहले तो योग मैट पर त्रिकोणासन में खड़े हो जाएं। फिर
-ध्यान से दायां पैर आगे रखें और दाहिने घुटने को मोड़ें।
-फिर बाएं हाथ को हिप्स पर रखें और दाहिने हाथ को दाहिने पैर के सामने फर्श रखें।
-इस दौरान ध्यान दें कि हाथ आपके कंधे से नीचे होना चाहिए। यानी कि अपने हाथ को इतना झुकाएं कि बस अंगुलियां फर्श पर रहें।
-बाएं पैर को उठाते हुए दाहिने पैर को सीधा करना शुरू करें।
-कूल्हों को खोलते हुए दाएं कूल्हे के ऊपर बाएं कूल्हे को लेकर आएं।
-बाएं पैर को सीधा और पैर की उंगलियों के साथ अपने बाएं पैर पर रखें।
-जब दायां पैर संतुलन में आ जाए तो बाएं पैर को ऊपर ले जाएं।
-दाएं और बाएं हाथ को फर्श से सीधा रखते हुए सीधी रेखा बनाएं।
-पांच मिनट ये करें और फिर आराम में आ जाएं।