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Uttanasana helps calm the mind, a pre-requisite for schizophrenic kids. © Shutterstock
बच्चों पर पढ़ाई का बोझ और गैजेट्स का तनाव हावी न हो इसके लिए जरूरी है कि बच्चों को भी योगासन के प्रति आकर्षित किया जाए। बच्चों को योगा करवाने की बात सोचते ही सबके मन में यह ख्याल आता है कि बच्चों के लिए कौन सा समय सही होता है। सुबह या शाम, किस समय योगासन करवाकर उन्हें बेहतर लाभ दिया जा सकता है।
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जरूरी है सक्रियता
बच्चों को सक्रिय रखने के लिए आपको चाहिए कि आप बच्चों को अपने साथ टहलने के लिए ले जाएं या फिर बच्चों से योग करवाएं और बच्चों के साथ योग करें। लेकिन क्या आप जानते हैं बच्चों को हर तरह के योग नहीं करवाने चाहिए और यह भी कि अगर बच्चे सुबह योग के लिए समय नहीं निकाल पाते, तो उन्हें कब करवाएं जाएं योगासन ? यह भी पढ़ें – एक आसन हर रोज : योगासन की पहली क्लास में जरूर करें ये दो क्रियाएं
रखें इन बातों का ध्यान
बच्चों के लिए योग के फायदे
योग बच्चों को अधिक से अधिक सक्रिय बनाता है। इतना ही नहीं उनका शरीर अधिक लचीला बनता हैं।
योग से बच्चों का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और इससे वे बीमारियों से बच पाते हैं।
बच्चों के रोजाना योग करने से उनका काम के प्रति ध्यान केंद्रित होता है और बच्चों के मस्तिष्क का विकास भी सही रूप में होता है।
बच्चों को एक्टिव बनाने और आत्मविश्वास बढ़ाने में योगा बहुत ही उपयोगी हैं।
बच्चों को फिट रखने और मौसमी बीमारियों से बचाने के लिए योगा फायदेमंद है।
सूर्य नमस्कार, मेडीटेशन और योगासन से चंचल बच्चों का मन शांत होता है।
योगासन से बच्चे तनावग्रस्त होते हैं और डिप्रेशन जैसी समस्याओं से बचते हैं।
योग के जरिए जिद्दी बच्चों को ठीक किया जा सकता है और जिन बच्चों को बहुत गुस्सा आता हैं उनके गुस्से को नियंत्रित करने में योग बहुत लाभदायक है।
सकारात्मक सोच और बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए बच्चों को योग करवाना चाहिए।
योग के दौरान बच्चों को बोरियत न हो इसके लिए आपको कोई लाइट म्यूजिक थीम चलाना चाहिए, इससे बच्चों का मन लगा रहेगा।© Shutterstock
यह भी है जरूरी
बच्चों को योगासन कराने से पहले ध्यान रखें कि बच्चा खाली पेट हो।
बच्चों को योग उसी स्थिति में करवाना चाहिए जब आप बच्चे को सप्ताह में कम से कम पांच दिन योग करवा सकें यानी नियमित रूप से योगा करवाना जरूरी हैं।
योग के दौरान बच्चे को शुरूआत में ही सब कुछ एक साथ न करवाएं। बल्कि धीरे-धीरे अभ्यास करवाएं। जैसे शुरू के सप्ताह में 15 मिनट, दूसरे सप्ताह में 30 मिनट।
बच्चों को योग के दौरान बीच-बीच में रिलैक्स करवाने के लिए शवासन जरूर करवाएं जिससे बच्चे थके नहीं।
योग के दौरान बच्चों को बोरियत न हो इसके लिए आपको कोई लाइट म्यूजिक थीम चलाना चाहिए, इससे बच्चों का मन लगा रहेगा।
आप भी बच्चों के साथ योगासन करें।