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Written By: Yogita Yadav | Updated : October 12, 2018 9:05 AM IST
प्रार्थना की मुद्रा में इस तरह खड़े रहने से हड्डियों का लचीलापन बढ़ता है और वे मजबूत होती हैं। © Shutterstock
कई लोगों का मानना है कि हड्डियों का कमजोर होना, उम्र से सम्बंधित होता है। वास्तव में, हड्डियों के कमजोर होने के पीछे सबसे प्रमुख कारण, खानपान की गलत आदतें, शारीरिक व्यायाम की कमी, कुछ दवाओं का लगातार सेवन, अधिक धूम्रपान और हड्डियों की आनुवांशिक बीमारी होते हैं।
शोध में भी किया गया है दावा
शोध में यह बात सामने आई है कि हड्डियों की कमजोरी और ऑस्टियोपोरोसिस, पौष्टिक आहार और शारीरिक गतिविधियों के साथ रोकी जा सकती है। किसी भी आयु में हड्डियों को मजबूत बनाएं रखने के लिए योग सबसे अच्छा उपाय है। हाल ही में कोलम्बिया विश्वविद्यालय ने न्यूयॉर्क में दो साल का अध्ययन किया, जिसमें मरीजों की हड्डियों सम्बंधी बीमारी पर रिसर्च की गई। इन लोगों को प्रतिदिन 10 मिनट योग करवाया गया, जिससे इन्हें काफी लाभ मिला। आप भी ऐसे ही कुछ योगा को कर सकते हैं जिससे आपकी हड्डियों में मजबूती आएं।
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वृक्षासन में व्यक्ति को पेड़ की तरह खड़े होना होता है। इस आसन को करने से रीढ़, कमर और पेल्विक हड्डी मजबूत बनी रहती है। गठिया की समस्या से राहत मिलती है और कमजोर कंधे भी मजबूत हो जाते हैं। साथ ही शरीर का संतुलन भी अच्छा बना रहता है।
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वृक्षासन करने की विधि
इस आसन की करने के लिए सबसे पहले सीधी तरह तनकर खड़े हो जाएं। अपने शरीर का भार बाएं पैर डाल दें फिर अपने दाएं पैर को मोड़ दें। दाएं पैर के तलवे को घुटनों के ऊपर ले जाएं और अपने बाएँ पैर के साथ लगा दें। अपने दोनों हाथ की हथेलियों को प्रार्थना मुद्रा में लें और फिर उसे अपनी छाती के पास ले जाएँ। अपने दाएं पैर के तलवे को अपने बाएँ पैर के साथ दबाएं। अपने बाएँ पैर के तलवे को जमीन की ओर दबाएं। गहरी सांस लेते हुए अपने हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं। अपने सिर को सीधा रखें और सामने की और देखें। अब इस मुद्रा में कुछ सेकेण्ड तक बने रहे। दोनों तरह इस मुद्रा को 2 से 5 बार तक दोहराएं।
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वृक्षासन के लाभ
वृक्षासन शारीरिक अंगों में संतुलन और दृढ़ता के लिए बहुत ही लाभप्रद है। इस योग के अभ्यास से शारीरिक तनाव दूर होता है। यह आसन पैरों एवं टखनों में लचीलापन लाता है। यह हिप्स और घुटनों में स्थित तनाव को भी दूर करने में कारगर होता है। वृक्षासन घुटने के दर्द के लिए, एडि़यों के दर्द के लिए, पैरों की मजबूती में, गठिया के दर्द में, तनाव में, डिप्रेशन में, कद बढ़ाने में, नस के दर्द में, वजन बढ़ने के रोकने में, शरीर संतुलन में और रीढ़ की हड्डी के लिए लाभदायक हैं।
वृक्षासन योग में सावधानियाँ
अगर आप माइग्रेन, अनिंद्रा, अल्प या उच्च रक्तचाप से पीड़ित है तो यह आसन न करें। (उच्च रक्तचाप वाले इस आसन को हांथो को सर के ऊपर ले जाए बिना कर सकते हैं I हांथो को ऊपर ले जाने से रक्तचाप बढ़ सकता है)। अगर आप को नींद से संबंधित किसी प्रकार की कोई समस्या है तो आप को इस आसन को नहीं करना चाहिए।