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हमारे शरीर के अंगों तक सभी पोषक तत्व पहुंचाने से लेकर डाइजेशन, हार्मोन बैलेंस, वेट लॉस, एनर्जी मैनेजमेंट आदि के लिए भी मेटाबॉलिज्म का बेहतर होना बेहद जरूरी है। खराब मेटाबॉलिज्म के कारण शरीर कई गंभीर रोगों की चपेट में आ सकता है। अपनी डेली डाइट में कुछ पोषक तत्वों को शामिल करके आप अपने मेटाबॉलिज्म को हेल्दी बना सकते हैं। वहीं कुछ पोषक तत्वों की कमी मेटाबॉलिज्म को स्लो भी कर सकती है। ऐसे में इन तत्वों के बारे में जानकारी होना जरूरी है।
आयरन थायराइड हार्मोन के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करने में मदद करता है। आयरन की कमी से थकान, कमजोरी, सिरदर्द, दिल की धड़कन तेज होना और ठंड लगना जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। साथ ही मेटाबॉलिज्म भी स्लो हो सकता है। पालक, मेथी, अनार, मुनक्का, खजूर जैसे आयरन रिच फूड्स को आप अपनी डेली डाइट में शामिल कर सकते हैं।
विटामिन डी कैल्शियम के अब्जॉर्प्शन और हड्डियों की सेहत के लिए जरूरी है। इसी के साथ यह ग्लूकोज अब्जॉर्प्शन में भी सुधार करता है, जिससे मेटाबॉलिज्म भी हेल्दी रहता है। विटामिन डी इम्यूनिटी बूस्टर है। इसके नियमित सेवन से मूड अच्छा रहता है और टेंशन दूर होती है। विटामिन डी की कमी से मेटाबॉलिज्म स्लो हो सकता है। इसलिए नियमित रूप से हर दिन सुबह की धूप का 15 से 20 मिनट सेवन करना चाहिए। साथ ही फिश आयल, फैटी फिश, एग यॉक, पनीर, खमीर उठे भोजन का सेवन ज्यादा करना चाहिए।
मैग्नीशियम एनर्जी प्रोडक्शन और मसल बिल्ड अप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह नर्वस सिस्टम को हेल्दी रखता है। साथ ही ब्लड शुगर को भी कंट्रोल करता है। मैग्नीशियम की कमी से मेटाबॉलिज्म पर असर पड़ता है। इससे थकान, मांसपेशियों में ऐंठन और अनिद्रा की शिकायत भी हो सकती है। साबुत अनाज, पत्तेदार हरी सब्जियां, फलियां, नट्स, सीड्स आदि मैग्नीशियम से भरपूर होते हैं।
प्रोटीन मेटाबॉलिज्म में शामिल एंजाइम और हार्मोन का बैलेंस बनाने का काम करता है। यह मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत के लिए जरूरी है। यह एनर्जी प्रोडक्शन में भी भूमिका निभाता है। ऐसे में जरूरी है कि आप प्रोटीन को अपनी डेली डाइट में शामिल करें। डेयरी प्रोडक्ट्स के साथ ही दालों, फलियों, बादाम आदि में भरपूर प्रोटीन होता है।
सही मेटाबॉलिज्म के लिए जिंक भी बेहद जरूरी है। जिंक 100 से ज्यादा एंजाइमों का एक को-फैक्टर है जो शरीर में विभिन्न मेटाबॉलिज्म रिएक्शन को कंट्रोल करता है। इनमें से कुछ एंजाइम भोजन के पाचन और पोषक तत्वों के अब्जॉर्प्शन में मदद करते हैं, जबकि बाकी एनर्जी प्रोडक्शन और हार्मोन बैलेंस का काम करते हैं। इसलिए अपनी डेली डाइट में पंपकीन सीड्स, काजू, छोले आदि का सेवन ज्यादा करना चाहिए।
कॉपर की कमी से मेटाबॉलिज्म गड़बड़ा सकता है। कॉपर शरीर के एनर्जी मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है। साथ ही यह आयरन अब्जॉर्प्शन में भी मददगार होता है। कॉपर की कमी से आप एनीमिया के शिकार हो सकते हैं। साथ ही यह व्हाइट ब्लड सेल्स को कम कर सकता है, दिल की धड़कनों को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में कॉपर रिच फूड नियमित रूप से खाना चाहिए।