बच्चेदानी में गांठ की परेशानी कम करे ये 5 आसान से योगासन, फर्टिलिटी भी होगी बूस्ट

Yoga for Uterus Lumps:  बच्चेदानी में गांठ की परेशानी से जूझ रहे लोगों के लिए कुछ योगासन का अभ्यास करना काफी फायदेमंद हो सकता है। आइए जानते हैं कुछ आसान से योग-

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Written By: Kishori Mishra | Updated : September 20, 2024 1:01 PM IST

Yoga for Uterus Lumps : महिलाओं में बच्चेदानी में गांठ की परेशानी होना काफी आम है, लेकिन इसके लक्षण काफी कम सामने नजर आते हैं। बच्चेदानी में गांठ के मामले अपने आप ठीक हो जाते हैं। हालांकि, सिस्ट बड़ा होने पर दर्द या फिर अन्य तरह की परेशानी हो सकती है। बच्चेदानी में गांठ की परेशानी होने पर आप डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं। दवाओं के साथ-साथ कुछ आसान से योग की मदद से बच्चेदानी में गांठ की परेशानी को कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं ओबच्चेदानी में गांठ की परेशानी होने पर कौन से योग का अभ्यास करें?

1. रिक्लाइनिंग बटरफ्लाई पोज - Reclining Butterfly pose ovarian cyst

बच्चेदानी में गांठ की परेशानी को कम करने के लिए आप रिक्लाइनिंग बटरफ्लाई पोज कर सकते हैं। इसे सुप्त बद्ध कोणासन के नाम से भी जाना जाता है, यह आसन तितली पोज़ के समान है। लेकिन इसे लेटकर किया जाता है। यह पेल्विक मांसपेशियों को आराम देने के साथ-साथ पेट के अंगों में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है, जिससे ओविरयन सिस्ट की वजह से होने वाली समस्याएं कम की जा सकती हैं।

2. भुजंगासन या कोबरा मुद्रा - Bhujangasana or Cobra Pose

ओविरयन सिस्ट की परेशानी होने पर आप भुजंगासन या कोबरा पोज का अभ्यास कर सकते हैं। यह मुद्रा शरीर में ब्लड फ्लो को नियंत्रित करने और पेल्विक क्षेत्र को आराम देने में मदद कर सकती है। नियमित रूप से इस योग के अभ्यास से आप बच्चेदानी में गांठ की परेशानी को कम कर सकते हैं।

3. नौकासन या नाव मुद्रा - Naukasana or Boat Pose

नौकासन या नाव मुद्रा के अभ्यास से बच्चेदानी में गांठ की परेशानी कम हो सकती है। यह मुद्रा शरीर की स्थितियों को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है और ओवेरियन अल्सर की समस्याओं को कम कर सकता है। अगर आप बच्चेदानी में गांठ की परेशानी से जूझ रहे हैं, तो इस योग का अभ्यास कर सकते हैं।

4. धनुरासन या धनुष मुद्रा - Dhanurasana or Bow Pose

बच्चेदानी में गांठ की वजह से पेट के निचले हिस्से में होने वाले दर्द, शरीर के मध्य भाग में सूजन इत्यादि की परेशानी को कम करने में प्रभावी हो सकती है। यह पेट और पेल्विक मांसपेशियों को मजबूत करने में काफी मददगार साबित हो सकता है। अगर आप ओविरयन सिस्ट की परेशानी से जूझ रहे हैं, तो इसका प्रयोग कर सकते हैं।

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5. बच्चेदानी में गांठ की परेशानी कम करे कपालभाति - Kapalabhati can reduce the problem of Uterus Lumps

यह सांस संबंधी परेशानी है, जो ओविरयन सिस्ट की परेशानी को कम कर सकता है। यह एक्सरसाइज कई तरह के स्वास्थ्य जटिलताओं से छुटकारा पाने में मदद कर सकता है। अगर आप बच्चेदानी में गांठ की परेशानी से जूझ रहे हैं, तो इस योगासन का अभ्यास जरूर करें।

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