Roti for Weight Loss And Diabetes: चर्बी के साथ ब्लड शुगर मेंटेंन रखती हैं ये 4 तरह की रोटियां, पेट भर कर खाएं

अगर आप वजन कम करना चाह रहे हैं और आपका शुगर लेवल भी हाई रहता है तो आपको ये 4 तरह की रोटियां खानी चाहिए। ये रोटियां आपको पर्याप्त पोषण देंगी साथ ही आपकी इन दो समस्याओं को भी दूर करेंगी।

WrittenBy

Written By: Jitendra Gupta | Updated : February 4, 2021 4:41 PM IST

Roti for Weight Loss And Diabetes: मौजूदा वक्त में दुनिया भर के लोग भले ही कोरोना से जूझ रहे हों लेकिन ऐसी भी बहुत सी समस्याएं है, जो हर दूसरे व्यक्ति को परेशान करती है और इनमें से एक है मोटापा। खानपान की खराब आदतें और जीवनशैली से जुड़ी कुछ गलतियां आपको मोटापे का शिकार बना देती हैं लेकिन क्या आप जानते हैं सिर्फ कुछ चीजें ही कर आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। जी हां, और कुछ नहीं बस आपको अपनी रोटी में ही मामूली से बदलाव करने है और आप पाएंगे कि कितना आसान है वजन घटाना। इस तरीके को आजमाकर आप आसानी से वजन कम कर सकते हैं तो आइए जानते हैं कैसे बदलें अपनी रोटी के आटे को और किस आटे की रोटी से ज्यादा फायदा मिलेगा।

सत्‍तू की रोटी

सत्तू के बारे में सुनते ही आपके दिमाग में गर्मी के दौरान पिएं जाने वाले सत्तू का ख्याल आता होगा। सत्तू न सिर्फ शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है बल्कि ये आपको वजन घटाने में भी मदद कर सकता है। जी हां, दरअसल सत्‍तू में मौजूद फाइबर, आयरन, प्रोटीन, मैग्‍नीशियम और सोडियम जैसे पोषक तत्‍व आपके शरीर के मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त रखने में मदद करते हैं। अपनी रोजाना डाइट में सत्तू के आटे की रोटियां शामिल कर आप आसानी से कुछ ही दिनों में कई किलो तक वजन कम कर सकते हैं।

सामग्री

  • 2 कटोरी सफेद गेंहू का आटा
  • सत्तू 1 कटोरी
  • बारीक कटा हुआ एक प्याज
  • बारीक कटा हुआ एक चम्मच अदरक-लहसुन
  • बारीक कटा हुआ धनिया और 2 मिर्च
  • सरसों का तेल एक चम्मच
  • नमक स्‍वाद के मुताबिक

सत्‍तू की रोटी बनाने का तरीका

एक कटोरी में सत्‍तू का आटा लें।

उसमें प्‍याज, अदरक, लहसुन, धनिया पत्‍ती, तेल, हरी मिर्च और नमक मिलाकर गूंथ लें।

रोटी की लोई बनाकर उसे बेलें।

रोटी को तवे पर सेकें

आप इन रोटियों पर देसी घी लगाकर सब्‍जी के साथ खा सकते हैं।

नोटः आटे की लोई आपको थोड़ी बड़ी लेनी है ताकि बेलते वक्त ये फटे नहीं।

ओट्स की रोटी

इस बात को सभी जानते हैं कि ओट्स वजन घटाने के लिए कितने फायदेमंद हैं। दरअसल ओट्स में बीटा-ग्‍लूकेन नाम का फाइबर यौगिक होता है, जो आपके पेट को फुल रखता है और आपकी भूख को लंबे वक्त तक शांत रखता है।

सामग्री-

  • ओट्स 2 कप
  • गेहूं का आटा 1/2 कप
  • गर्म पानी 1 कप

ओट्स की रोटी बनाने का तरीका

ओट्स को मिक्‍सर ग्राइंडर में पीस लें।

एक बर्तन में गेहूं का आटा और ओट्स को मिलाएं।

अब इसमें गर्म पानी डालें और आटे को गूंथ लें।

अब इसे साधारण रोटी की तरह ही बेलें और सेंक लें।

सोया रोटी

सोया, वजन घटाने में मदद करता है इस बात को हम सभी को जानते हैं। सोया में प्रोटीन, आयरन, पोटेशियम और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो वजन को कम करने में मदद करते हैं। इसके साथ ही इसमें कैलोरी भी काफी कम होती है।

सामग्री

  • गेहूं का आटा 1 कप
  • सोया का आटा चम्मच
  • ऑलिव ऑयल एक चम्मच
  • नमक स्‍वादानुसार

सोया रोटी बनाने का तरीका

सोया और गेहूं के आटे को एक बर्तन में डालकर गूंथ लें, उसके बाद करीब 15 मिनट के लिए इस मिश्रण को ढक कर रख दें। अब इसमें ऑलिव ऑयल डालें और दोबारा से मिलाएं। इस आटे को भी साधारण आटे की तरह बेला जा सकता है और रोटी बनाई जा सकती है।

पंचकूला स्थित नय्यर पारस हॉस्पिटल की डायटीशियन आशिमा कहती हैं, ''रोटी या चपाती भारतीय आहार का एक अपर्याप्त हिस्सा है। होल वीट के साथ बनाया गया, यह स्वस्थ है और इसे करी और सूखी सब्जियों से लेकर दाल और मीट तक किसी भी चीज के साथ खाया जा सकता है। यह स्वास्थ्य लाभ से भरपूर है और विटामिन (बी 1, बी 2, बी 3, बी 6, और बी 9), लोहा, कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे पोषक तत्वों से समृद्ध है। एक सादे रोटी घुलनशील फाइबर का एक उत्कृष्ट स्रोत है, जो रक्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है, कब्ज को रोकता है और हमारे पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इतना ही नहीं ये कॉम्पलेक्स कार्बोहाइड्रेट से भरी होती है, जो आपको निरंतर ऊर्जा देता है और यह आपको घंटों तक तृप्त रख सकती है। ये बिना किसी तेल की बने होती हैं और आमतौर पर बहुत स्वस्थ होती है।''

  • जिंक और अन्य मिनरल्स की अच्छाई के साथ, चपाती रोज खाने से आपकी त्वचा पर चमत्कार हो सकता है। अविश्वसनीय लगता है पर यही सच है! और इससे पाचन क्रिया भी स्वस्थ्य रहता है।
  • रोटी को और हेल्दी बनाने के लिए आप इसमें , सेम, गाजर, पालक जैसी पकी हुई सब्जियों को काट सकते हैं और उन्हें आटे के साथ मिला सकते हैं।
  • रोटी का एकमात्र तरीका कम वसा वाला हो सकता है जो घी या तेल का उपयोग नहीं करता है।
  • रिफाइंड गेहूं की जगह होल व्हीट के आटे का इस्तेमाल करें।
  • गेहूं के आटे में रागी, सोयाबीन का आटा, छोले का आटा, मोती बाजरा और बल्गर गेहूं का आटा मिलाने से आटा हैल्थी हो जाता है और चपातियां अधिक पौष्टिक बन जाती हैं।

डायबिटीज के मरीजों के लिए एक रोटी विशेष रूप से क्यूरेट की जाती है - बाजरे-मेथी मिस्सी रोटी।

यह रोटी स्पष्ट रूप से अत्यधिक पौष्टिक आटे - बाजरे (मोती बाजरा) के साथ बनाई जाती है। बाजरा में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होती है और यह प्रोटीन और फाइबर का एक समृद्ध स्रोत है। इसमें कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स है, जो डायबिटीज को प्रबंधित करने के लिए अद्भुत काम करता है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.