दया एक ऐसा भाव है जिसकी अहमियत हमें बचपन से ही सिखायी जाती है। घर के बड़े खुद से छोटे लोगों की ग़लतियों को माफ करते हैं, तो वहीं घर के बाहर हम खुद से निर्बल लोगों की मदद करते हैं, किसी चीज़ से वंचित लोगों को उनकी ज़रूरत का सामान देते हैं तो हर उम्र और वर्ग के लोगों को सम्मान देने की बातें भी हमारी भारतीय परम्पराओं का मूल आधार हैं। दरअसल किसी के प्रति दया दिखाना ना केवल आपके मन के लिए अच्छा है बल्कि यह आपकी सेहत को भी कई तरीकों से फायदा पहुंचाता है। जी हां, चलिए जानते हैं सेहत को कैसे फायदा पहुंचाती है दूसरों के प्रति दया की भावना-
खुशी मिलती है– साल 2006 में जर्नल ऑफ हेप्पीनेस में प्रकाशित एक अध्ययन में ये पाया गया कि 175 जापानी स्टूडेंड जो हफ्ते में एक बार दयालुता से भरे कार्य करते थे, वो ज़्यादा खुश थे। वो अपनी ज़िंदगी के लिए अधिक शुक्रगुज़ार थे।
लोग करते हैं आपको स्वीकार – मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि चार हफ्तों तक हफ्ते में तीन बार दयालुता के काम करने से लोग आपको पहले से कहीं ज्यादा स्वीकार करने लगते हैं। कौन नहीं चाहता कि उसे उसके साथी और कलीग की इज्ज़त पाएं?
मिलती है संतुष्टी– केंट यूनिवर्सिटी के शोधकर्तओं ने एक अध्ययन के दौरान 18-60 वर्ष के लोगों के बीच दयालुता से जुड़े कुछ काम बाटें। ऐसा 10 दिन तक रोज़ किया गया। इसके बाद ये बात सामने आई कि जिन लोगों ने इस अध्ययन में हिस्सा लिया था उनका संतुष्टि स्तर बढ़ गया है।
उम्र होती है लम्बी – मिशिगन यूनिवर्सिटी के मनोवैज्ञानिकों ने एक अध्ययन किया और पाया कि जो लोग दूसरों के प्रति दया भाव रखते हैं और ऐसे काम करते हैं, वो ये सब न करने वालों की तुलना में 5 साल अधिक जीते हैं।
तो अब आप समझे क्यों परोपकारी और शांत स्वभाव के लोग अपने चेहरे रखते हैं हल्की मुस्कान और खुशी का गहना। निश्चित रुप से वो अंदर से खुश और संतुष्ट होते हैं, और यह खुशी उनके परोपकारी व्यवहार का ही ईनाम है।
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