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दिवाली के बाद से वायु प्रदूषण के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं और राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक अभी भी बहुत खराब की स्थिति में बना हुआ है। आलम ये है कि लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल हो रहा है। बहुत से ऐसे लोग हैं, जो इन दिनों डॉक्टर के क्लीनिक के चक्कर लगा रहे हैं और सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलनस गले में खराश और खांसी जैसी समस्याओं को रिपोर्ट कर रहे हैं। इस बात को ध्यान रखना बहुत ही जरूरी है कि अभी फिर से हालात ठीक होने में अभी वक्त लगेगा लेकिन न्यूट्रिशिनिस्ट कविता देवगन आपको ऐसी तीन ड्रिंक के बारे में बता रही हैं, जो आपको वायु प्रदूषण से लड़ने में मदद कर सकते हैं और आपके फेफड़ों को हेल्दी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं कौन सी हैं ये ड्रिंक।
इस स्मूदी को बनाने के लिए आपको केले, अदरक के रस और नारियल पानी की जरूरत पड़ेगी। अब आपको करना क्या है कि केले को मैश कर लेना है और उसमें अदरक का रस व नारियल पानी मिलाकर अच्छे से ब्लेंड कर लेना है। दरअसल कभी कभार शरीर में लो पोटेशियम लेवल के कारण भी सांस लेने में परेशानी होती है और ये समस्या प्रदूषित वातावरण में और बिगड़ जाती है। केला और नारियल पानी दोनों में ही पोटेशियम की मात्रा हाई होती है। जबकि अदरक सांस नलियों से वायु प्रदूषकों को बाहर निकालने का काम करता है। ये दोनों चीजें वायु प्रदूषकों के फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने से पहले ही काम करना शुरू कर देते हैं।
ये ड्रिंक आपके फेफड़ों की क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करती है और फेफड़ों को हुई क्षति की भी मरम्मत करती है। ये सिकुड़े वायु नलियों को फिर से खोलने में मदद करती है और आंवला ऐसे विटामिन की आपूर्ति करता है, जो फेफड़ों के टिश्यू को नुकसान पहुंचाने वाले कणों को मार गिराता है। दरअसल हमारे फेफड़े वायु में मौजूद प्रदूषित हवा से क्षति ग्रस्त हो जाते हैं, जिनसे ये बचाने का काम करता है।
अनानास में ब्रोमेलिन नाम का एंजाइम होता है, जो हमारे फेफड़ों में जमा जहरीले कचरे को बाहर निकालने में मदद करता है और हमारे फेफड़ों को प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स करता है। वहीं पुदीना भी एंटी-हिस्टामाइन के रूप में काम करता है, जो हमारे नाक में जमा कचरे और बलगम बनने के साथ-साथ छींक से भी राहत दिलाता है।