बुजुर्गों को जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द से मिलेगी राहत, करें ये 3 आसान से योगासन

Yoga For Senior Citizens in Hindi: उम्र बढ़ने के साथ-साथ कई तरह की बीमारियां शरीर को घेरने लगती हैं। ऐसे में जोड़ों का पुराना दर्द हो या ऑस्टियोआर्थराइटिस की समस्या। कुछ योगासन की मदद से इन समस्याओं से राहत पायी जा सकती है।

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Written By: Atul Modi | Published : March 17, 2023 7:34 PM IST

इस बात से ज्यादातर लोग वाकिफ होंगे कि, योग शरीर के लिए कितना ज्यादा फायदेमंद होता है। इतना ही नहीं योग आपके दिमाग को तेज बनाने के साढ़ साथ फुर्तीला भी बनाता है। युवा हो या बुजुर्ग, हर किसी के लिए नियमित रूप से योग करना बेहद जरूरी है। हालांकि बात बुजुर्गों की करें तो, उनकी हेल्थ, इम्युनिटी पावर, जोड़ों में दर्द और पुराने से पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस की समस्या योग करने से दूर हो सकती है। एक अच्छी और हेल्दी लाइफस्टाइल की शुरुआत करने में बिलकुल भी देरी नहीं करनी चाहिए। फिर चाहे आप किसी भी उम्र के पड़ाव में क्यों ना हों। अगर आप शारीरिक रूप से स्वस्थ्य रहेंगे तो डायबिटीज, दिल की बीमारी और कुछ तरह के कैंसर के खतरे से खुद को बचा पाएंगे। आप अपनी उम्र के हिसाब से शारीरिक गतिविधि करने की कोशिश करें। इसके अलावा स्लो डाइजेशन, वजन को नियंत्रित रखने जैसी चीजें एक उम्र के बाद परेशानी का कारण बन सकती हैं। लेकिन एक सुरक्षित योग करके आप मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से फिट रह सकते हैं। अगर आप भी वरिष्ठ नागरिक या वृद्ध हैं, तो इन आसान से योगासन को अपना सकते हैं।

बुजुर्गों के लिए योगासन - (Yoga For Senior Citizen In Hindi)

तड़ासन - Tadasana

  • तड़ासन काफी आसान योगासनों में से एक है। इसके अनगिनत फायदे हैं। इसे कैसे करना है, ये जान लेते हैं।
  • इस योगासन को करने के लिए आपको अपने एब्डोमिनल को खींचना होगा।
  • अपने कंधे को पीछे की तरफ ढीला छोड़ना होगा।
  • फिर अपने पैरों की उंगलियों को छूते हुए और एड़ी को एक साथ दबाते हुए खड़े होने की कोशिश करें।
  • पैरों की मांसपेशियों को तानते हुए पांच से आठ गहरी सांस लें।
  • वृद्धावस्था में इस आसन को करना बेहद फायदेमंद है।
  • इस आसन को करने के लिए अपने शरीर के वजह को दोनों पैरों पर समान तरीके से ही डालें।

वृक्षासन - Tree Pose

इस आसन को ट्री पोज भी कहा जाता है। यह एक ऐसा आसन है, जो आपके शरीर में स्थिरता, संतुलन और सहनशीलता को बनाए रखने में मदद करता है। इस आसन को करने के तरीके के बारे में जान लीजिये।

  • बाएं पैर को दाएं घुटनों से ऊपर रखें।
  • संतुलन बनाए रखने के लिए दीवार का सहारा लें।
  • इस आसन को करने से पहले लंबी सांस लें।
  • सांस खींचते हुए दोनों हाथों को ऊपर की तरफ उठाएं।
  • दोनों हांथों को ऊपर ले जाकर नमस्कार की मुद्रा बनाएं।
  • रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें, साथ ही शरीर को मजबूत रखें।
  • इस प्रक्रिया को बारी बारी से दोनों पैरों से दोहराएं।

वज्रासन - Vajrasana

वज्रासन करने से डायजेशन मजबूत होता है और कब्ज से राहत मिलती है। इस आसन को मेडिटेशन करने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। इस आसन को करने के तरीके के बारे में जान लेते हैं।

  • पैरों को मोड़कर घुटनों के बल बैठ जाएं।
  • पंजो को पीछे की तरफ खींच लें और अंगूठो को एक दूसरे पर क्रॉस कर लें।
  • शरीर को धीरे धीरे नीचे की तरफ ले जाएं, और हिप्स को एड़ियों पर टिका दें।
  • दोनों हाथों को घुटनों पर रखें, सिर को सीधा रखते हुए सामने की तरफ देखें।
  • इस आसन को कम से कम 5 मिनट तक होल्ड करके रखें।
  • अगर घुटनों में चोट है, तो इस आसन को करने से बचें।

ये कुछ ऐसे आसान से योगासन हैं, जिन्हें वृद्ध लोग बड़ी ही आसानी से कर सकते हैं। अगर आप भी उम्र के पड़ाव पर हैं और पुराने दर्द से परेशान हैं, तो ये योगासन आपकी मदद कर सकते हैं।

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