सुबह उठकर इन 2 योगासन करने से भी कम हो सकता है नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल, जानें बैड कोलेस्ट्रॉल कम करने का तरीका

कोलेस्ट्रॉल एक प्रकार का फैटी तत्व है, जो हमारी धमनियों में जमा होने लगता है, जिसकी पीछे आपका खराब खान-पान काफी हद तक जिम्मेदार है। जानें कोलेस्ट्रॉल कम करने वाले आसन।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : February 25, 2023 1:38 PM IST

जब बात कोलेस्ट्रॉल की होती है तो हमारे दिमाग में सिर्फ और सिर्फ नेगेटिव ख्याल ही आते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए हेल्दी भी होता है। कोलेस्ट्रॉल शरीर में कोशिकाओं को हेल्दी बनाने में मदद करता है लेकिन जरूरत से ज्यादा मात्रा में कोलेस्ट्रॉल ह्रदय रोग के खतरे को बढ़ाने का काम करता है। दरअसल कोलेस्ट्रॉल एक प्रकार का फैटी तत्व है, जो हमारी धमनियों में जमा होने लगता है, जिसकी पीछे आपका खराब खान-पान काफी हद तक जिम्मेदार है। इस खराब खान-पान की वजह से आपकी रक्त वहिकाओं में फैट जमा होने लगता है और रक्त का प्रवाह बाधित होता है, जिसकी वजह से स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह

हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण कई सारे हो सकते हैं, जिसमें अनुवांशिक और अनहेल्दी लाइफस्टाइल सबसे बड़ी वजह हैं। इसके अलावा नियमित रूप से एक्सरसाइज न करना, अनहेल्दी डाइट भी हाई कोलेस्ट्रॉल का एक प्रमुख कारण है। अगर आपको हाई कोलेस्ट्रॉल से निजात पानी है और बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को कम करना है तो आपको अपने डेली रूटीन में योग को शामिल करना होगा। जी हां, योग आपके हाई कोलेस्ट्रॉल को वापस से नार्मल करने में मदद करेगा। आइए जानते हैं कोलेस्ट्रॉल घटाने वाले योगासन।

कोलेस्ट्रॉल घटाने वाले योगासन

योग एक ऐसी एक्सरसाइज है, जो आपको हील करने में काफी मदद करती है। बता दें कि नियमित रूप से प्राणायाम, ध्यान लगाने और हेल्दी डाइट की मदद से आपको एलडीएल (बैड कोलेस्ट्रॉल) को कम करने और एचडीएल (गुड कोलेस्ट्रॉल) को बढ़ाने में मदद करती है। योग की मदद से आपको तनाव कम करने में भी मदद मिलती है, जो कि अप्रत्यक्ष तौर पर कोलेस्ट्रॉल कम करता है।

1-चक्रासन (Chakrasana)

चक्रासन को व्हील पोज भी कहते हैं, जो कि हमारे शरीर को आराम पहुंचाने का काम करता है। इस आसन को करने के दो तरीके हैं, जो कि आप पर निर्भर करता है कि आपको आसान तरीके से करना है या फिर मुश्किल तरीके से।

नए लोगों के लिए

1-घुटनों को फर्श पर झुकाकर अपनी पीठ के बल लेट जाएं

2-अपने हाथों को अपने कानों के पास रखें।

3-अब हथेलियों और पैरों पर दबाव डालते हुए अपने पूरे शरीर को ऊपर उठाएं।

योगा करने वाले लोगों के लिए

1-अपनी पीठ को झुका लें

2- छाती को बाहर की तरफ निकाललें

3- अपनी हथेलियों से फर्श को छून की कोशिश करें

चक्रासन के फायदे

इस आसन को करने से रीढ़, गर्दन, पेट, छाती, हाथ और पैर सहित पूरे शरीर को स्ट्रेच करने में मदद मिलती है। यह आपके पोश्चर को भी बेहतर बनाने में मदद करता है। इतना ही नहीं इस आसन से रीढ़ की हड्डीकी फ्लैक्सीबिलिटी और ताकत भी बढ़ती है। इस आसन को करने से पहले शरीर को अच्छी तरह से वार्म अप भी कर लें। इस आसन को गर्भवती महिलाओं को नहीं करना चाहिए चाहिए साथ ही, जिन लोगों की कलाई या पीठ में चोट लगी हो उन्हें ये आसन करने से बचना चाहिए।

शलभासन (Locust pose)

कमल के फूल वाले इस पोज को शलभासन भी कहते हैं, जिसमें आपको अपने हाथ और पैर को बहुत ज्यादा स्ट्रेच करना होता है। इस आसन में आपकी पीठ को मोड़ने की सलाह दी जाती है, जो कि पीठ के दर्द को कम करने के साथ-साथ फ्लैक्सीबिलिटी को भी बढ़ाता है।

इस आसन में आपकी रीढ़ को काफी अच्छी तरह से स्ट्रेच करना होता है हालांकि आपको अपने दोनों हाथों व पैरों को एक साथ उठाना पड़ता है, जिससे पीठ का निचला व ऊपरी हिस्सा मजबूत होता है। इसलिए अगर आपको पीठ, कंधों व बाजुओं से जुड़ी कोई बड़ी दिक्कत है तो भूलकर भी ये आसन न करें। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं, मासिक धर्म के दौरान या फिर पेट की सर्जरी वाले लोग इस आसान को करने से बचें।

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