नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर के लक्षण, कारण और उपचार
नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर (Non-alcoholic fatty liver disease) की बीमारी उन लोगों को होती है जो अल्कोहल/शराब का सेवन नहीं करते हैं. इंसान को नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज क्यों होती है अभी इसके कारण के बारे में पता नहीं लगाया जा सका है. नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर का इलाज कोई खास उपलब्ध नहीं है. इसकी वजह से होने वाली परेशानियों का इलाज ही अभी तक डॉक्टर करते हैं.
नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर (Non-alcoholic fatty liver disease) की समस्या ज्यादातर उन लोगों को होती है, जो अल्कोहल/शराब का सेवन नहीं करते हैं. ज्यादातर फैटी लिवर की बीमारी उन लोगों को होती है जो शराब पीते हैं इसलिए नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर नाम देने का उद्देश्य यह है कि जो लोग शराब या अल्कोहल नहीं लेते उनको फैटी लिवर की परेशानी को अलग से देखा जा सके. फैटी लिवर या लिवर की बीमारी उन लोगों को भी हो सकती है जो धूम्रपान, शराब या किसी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करते हैं. नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर के बारे में कहा जाता है कि इसका इलाज पूरी तरह से नहीं किया जा सकता है.
नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर के कारण
लिवर की बीमारियों का संबंध ज्यादातर खान-पान और जीवनशैली से जुड़ा हुआ माना जाता है. लेकिन नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर के बारे में अभी तक यह पता नहीं लगाया जा सका है कि यह क्यों होता है.
जिस इंसान को नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर की परेशानी होती है, ज्यादातर मामलों में यह परेशानी हमेशा बनी रहती है. नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर की वजह से कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है. कुछ लोगों में टाइप 2 डायबिटीज की परेशानी भी हो जाती है. नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर की वजह से मोटापा भी बढ़ सकता है.
नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर के लक्षण
किसी को भी लिवर की बीमारी जब भी होती है तो कोई खास लक्षण समझ में नहीं आते हैं. कुछ नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर के मामलों में थकान लगना, शरीर में दर्द और अचानक वजन कम होने के साथ लिवर में सूजन और दाग हो सकते हैं. कुछ मामलों में नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर की वजह से लिवर सिरोसिस की परेशानी भी हो जाती है.
नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर का इलाज
अभी तक नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर का इलाज कोई खास इलाज उपलब्ध नहीं है. डॉक्टर इसकी वजह से होने वाली परेशानियों का इलाज करते हैं. जो लोग मोटापे के शिकार हो जाते हैं उनके पेट की बाईपास सर्जरी करके फैटी लिवर को कम किया जाता है.
नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर से बचने के उपाय
हेल्दी लाइफ के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल ही सबसे ज्यादा कारगर मानी जाती है. बेहतर जीवनशैली के लिए खान-पान और सुबह उठने से लेकर रात सोने तक की बातें शामिल होती है. नियमित तौर पर एक्सरसाइज और हेल्दी फूड का सेवन नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर की बीमारी से आपको बचा सकता है.
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